आम चुनाव 2019

इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट (ईईयू) ने विश्व के सबसे महंगे और सस्ते शहरों की सूची जारी की है। यह सूची सालाना सर्वे द्वारा जारी की गई है। ईईयू की सूची में सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें तीन शहर एक साथ टॉप पर आए हैं।

नरेन्द्र मोदी ने अपने ब्लाग में लिखा, ‘‘ भारत ने देखा है कि जब भी वंशवादी राजनीति हावी हुई तो उसने देश की संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया।’’ उन्होंने लोगों से वोट डालने से पहले अपने विवेक का इस्तेमाल करने का आग्रह करते हुए लिखा, ‘‘जब आप मतदान करने जाएं तो आप बीते समय और इस बात का ध्यान रखें कि देश को एक परिवार की सत्ता पिपासा की भारी कीमत चुकानी पड़ती है।’’ मोदी ने लिखा, ‘‘बुद्धिमानी से सोचें: प्रेस से लेकर संसद तक। संविधान से लेकर अदालतों तक। सरकारी संस्थानों से लेकर सशस्त्र बलों तक... संस्थाओं को अपमानित करना कांग्रेस का तरीका रहा है।’’ कांग्रेस पर प्रहार जारी रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सोच यही है कि सब गलत हैं, और सिर्फ कांग्रेस सही है। यानि ‘खाता न बही, जो कांग्रेस कहे, वही सही’।

ये पहला मौका था जब गांधी परिवार का कोई सदस्य लाल बहादुर शास्त्री के आवास पर पहुंचा। प्रियंका का स्वागत में लोगों ने पलक पवाड़े बिछाए थे। दो दिन के दौरे से अलग बनारस दौरे पर अलग रौनक दिख रही थी। स्थानीय लोगों ने गुलाब की पंखुड़ियां फेंककर प्रियंका गांधी का स्वागत किया।

उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा से कांग्रेस का गठबंधन न होने पर छोटे दल कांग्रेस का साथ छोड़ सकते हैं। पूर्वांचल के कुछ जिलों में अपनी पैठ रखने वाले महान दल ने कांग्रेस के साथ गठबंधन के तहत लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया था पर अब वही सात सीटे मांग रहा है और ऐसा नहीं होने पर कांग्रेस से अलग होने का ऐलान किया है ।

प्रयागराज से गंगा के रास्ते तीन दिवसीय पूर्वांचल दौरे के अन्तिम दिन बुधवार को वाराणसी पहुंची कांग्रेस महासचिव एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी का कार्यकर्ताओं ने फूलों की बारिश के बीच भव्य स्वागत किया। इस दौरान प्रियंका ने भी हाथ उठाकर लोगों का गर्मजोशी से अभिवादन स्वीकार किया।

देशभर में चुनाव सुचारू रूप से संपन्न करवाने के लिए चुनाव आयोग को कई मुश्किल हालातों को सामना करना पड़ता है। पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिला में एक गांव है जहां सिर्फ एक वोटर है और उसका मतदान करवाने के लिए चुनाव आयोग के अधिकारियों को कड़ी मशक्कत करनी और उन्हें दुर्गम रास्तों पर पूरा एक दिन पैदल चलना पड़ता है।

देश में हो रहे लोकसभा चुनाव में वैसे तो सबकी निगाह यूपी में है लेकिन समाजवादी पार्टी की निगाह अपने एकमात्र नेता अखिलेश यादव पर टिकी है। पार्टी की स्थापना के बाद यह पहला चुनाव होगा जिसके प्रचार- प्रसार की पूरी जिम्मेदारी अखिलेश यादव पर होगी।

साल 2014 में फिर से संसद पहुंचे 153 सांसदों की औसत संपत्ति में 142 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और यह प्रति सांसद औसतन 13.32 करोड़ रुपए रही है। इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गढ़ वाराणसी में प्रियंका गांधी की दस्तक विवादों से भरा रहा। प्रियंका के रामनगर पहुंचते ही बीजेपी और कांग्रेसी कार्यकर्ता आपस में भीड़ गए।

लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी के उम्मीदवारों की लिस्ट में संभावना है कि कई मौजूदा सासंदों का टिकट कट सकता है। इसे लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तंज कसा है।