योग की मदद से करें बुढ़ापे पर कंट्रोल, एम्स ने किया दावा

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में बायोलॉजिकल बदलाव होने लगते हैं जिससे इंसान में बीमारियाँ बढ़ती हैं और वह बूढ़ा होने लगता है। हमारे शरीर के डीएनए के अंदर TeLomere होता है। यह समय के साथ छोटा होता जाता है। इसके छोटे होने से बुढ़ापा आता है

नई दिल्ली: अगर आप नियमित रूप से योग करते हैं तो आप के शरीर पर उम्र बढ़ने का असर जिसे हम सिंपल शब्दों में बुढ़ापा भी कह सकते हैं। जिसकी  वजह से आपको बूढ़ापा महसूस  नहीं  होगा। ऐसा एम्स की एक स्टडी के नतीजे बताते हैं। अगर आप रेग्युलरली योग करते हैं तो उम्र बढ़ने के बावजूद भी आपका शरीर और मन बूढ़ा नहीं होगा। एम्स ने 96 स्वस्थ्य लोगों पर अपनी स्टडी कर इस बात को साबित किया है।

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उम्र बढ़ने के साथ शरीर में बायोलॉजिकल बदलाव होने लगते हैं जिससे इंसान में बीमारियाँ बढ़ती हैं और वह बूढ़ा होने लगता है। हमारे शरीर के डीएनए के अंदर TeLomere होता है। यह समय के साथ छोटा होता जाता है। इसके छोटे होने से बुढ़ापा आता है। योग शरीर में होने वाले उसी बायोलॉजिकल बदलाव को रोक देता है। बीमारियां नहीं होतीं और व्यक्ति उम्र बढ़ने के बाद भी बूढ़ापा महसूस नहीं करता।

नई दिल्ली स्थित एम्स के ऐनाटॉमी डिपार्टमेंट की डॉक्टर रीमा दादा ने कहा कि उनकी स्टडी में 96 लोगों को शामिल किया गया था और सबसे पहले उन सभी लोगों की जांच की गई। जांच में डीएन डैमेज मार्कर, स्ट्रेस मार्कर, एंटीबॉक्सीडेंट क्षमता और टेलोमेयर मार्कर देखे गए। 12 हफ्ते तक लोगों को योग कराया गया और फिर से उनकी जांच की गई। पता चला कि उम्र बढ़ने की सभी वजहें कम हो गईं।

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डॉक्टर ने कहा कि डीएनए को डैमेज करने में स्ट्रेस एक महत्वपूर्ण कारण होता है। योग करने से स्ट्रेस के लेवल में कमी आती है। डीएनए डैमेज करने वाले मार्कर कम हो गए। वहीं, टेलोमेयर की लंबाई बढ़ गई। BDNF भी बढ़ गया, इससे सोचने-समझने की क्षमता बढ़ जाती है। डॉक्टर रीमा ने कहा कि, ‘जब उम्र बढ़ती है तो ब्लड प्रेशर और भूलने की बीमारी होने लगती है, योग उसे भी कम करता है। इससे इंसान स्वस्थ रहता है। स्वस्थ इंसान को बुढ़ापा जल्दी नहीं आता’।