Opinion

अंततः यू. पी. का एक खाकीधारी ही मूल में निकला, जिसने भारत के सत्तरसाला संघीय ढाँचे को दरका दिया। भाजपा और तृणमूल के बीच जंग का शंख निनादित करा दिया। चंदौसी के कॉलेज प्राचार्य का यह आई. पी. एस. पुत्र (राजीव कुमार) सात वर्ष पूर्व ममता बनर्जी की घोरतम घृणा का पात्र था। वे इसे कांग्रेस का भेदिया मानती थीं।

बहुत गम्भीर आरोप मढ़ा है नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर (7 फ़रवरी) लोक सभा में। इस बयान का प्रभाव चंद महीने बाद होने वाले सत्रहवीं लोकसभा के आम चुनाव पर पड़ेना तय है। मसलन दसवीं लोक सभा के निर्वाचन में बोफोर्स की खरीद के विवाद से राजीव गांधी हार गये थे। उच्चतम न्यायालय ने हालांकि पाया कि राफेल जहाज के क्रय में सब सही है।

वसन्त पंचमी मतलब वाणी पुत्र कवि निराला की सालगाँठ। कौन सी थी?  बहस अभी जारी रहेगी। निराला किस सदी के थे? वे तो एक युग के हैं। किन्तु युग के मायने भी एक सीमित काल खण्ड से ही होगा। निराला तो कालजयी हैं। ऐसी हस्ती को एक सदी या एक युग के दायरे में बाँधने की मजाल कौन करें?

चन्द निजी तथ्य आज के परिवेश में उल्लिखित कर दूँ। यूँ तो कश्मीर मसले पर रायता फैलाने में कईयों ने कलछा खूब चलाया है। मगर दो प्रधानमंत्री थे जिन्होंने स्थिति को सुधारने का प्रयास किया था। सफल भी रहे। लाल बहादुर शास्त्री तब नेहरू के गृहमंत्री थे। श्रीनगर के हजरतबल से पवित्र बाल चुरा लिया गया था।

अब आगे आने वाले दिनों में मोदी विरोधियों के मन में घबराहट ओर बैचेनी और अधिक दिखलायी पड़ेगी। वह लोग अब पीएम मोदी के खिलाफ जितना जहर उगलेंगे वह उनके खिलाफ ही जा सकता है। अब सभी दलों को सही तरीके से सोचना होगा लेकिन यह लोग भी सुधरने वाले नहीं हैं।

जब मीडिया कर्मी लड़ने जाएंगे तो मानवाधिकार अंतरराष्ट्रीय संधियों नियम कानूनों सब को साथ लेकर युद्ध लडेंगे। जनता भी तब मीडिया पर नाज करेगी, सरकार भी।

हर साल फाल्गुन मास की चतुदर्शी को मनाए जाने वाले महाशिवरात्रि के त्योहार की हिंदू धर्म में विशेष मान्यता है। कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए इस दिन भोलानाथ और मां पार्वती की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव की …

आध्यात्मिक पथ पर चलने वालों के लिए महाशिवरात्रि का पर्व बहुत महत्वपूर्ण है। जो लोग गृहस्थ हैं वह महाशिवरात्रि को शिव के विवाह के उत्सव के रूप में मनाते हैं। सांसारिक महत्वाकांक्षाओं से घिरे लोगों को यह दिन इसलिए महत्वपूर्ण लगता है क्योंकि शिव ने अपने सभी शत्रुओं पर विजय पा ली थी। महाशिवरात्रि एक …

पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों पर हुआ हमला राष्ट्र की चेतना और उसके स्वाभिमान पर करारा आघात था, लेकिन इस घटना के बाद जो माहौल बनाया गया उससे सवाल उठता है कि क्या देश को प्रतिक्रियावादी बनाया जा रहा है? टीवी चैनलों के एंकर युद्ध का एलान करने में नहीं चूकते। राजनीतिक सत्ता चुनौती व …

पुलवामा में सीआरपीएफ पर आतंकवादी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बार बार कहा था कि पाकिस्तान ने बहुत बड़ी गलती कर दी है। इसकी उन्हें बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। मोदी ने हर बात ठोक बजाकर कही थी लेकिन पाकिस्तान लगातार भारत को कार्रवाई के लिए उकसाता रहा।