निर्वाचन आयोग: सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने उठाई 30 फीसदी वीवीपैट की जांच की मांग

नई दिल्ली: कांग्रेस ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि चुनावों में इस्तेमाल होने वाली कम से कम 30 फीसदी वीवीपैट जांच कराई जाए। पार्टी ने चुनाव आयोग द्वारा बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक में यह मांग उठाई।

बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक ने आज यहां पत्रकारों से कहा, ‘ईवीएम के प्रति जनता का रुझान नकारात्मक होता जा रहा है क्योंकि अधिकतर राज्यों में मतदान के दौरान उसमें गड़बड़ियां सामने आई है। यहां तक की कई बार देखने में मिला है कि वोट देने के लिये कोई भी बटन दबाओ तो तो वह एक चिन्हित राजनीतिक दल को ही जाता है।’

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से इस संबंध में कहा है कि इसका एक ही निवारण है कि वीवीपैट की फिर से जांच की जाए तथा कम से कम 30 प्रतिशत वीवीपैट जांच हो ताकि चुनाव प्रक्रिया की तरफ जनता का रुझान सकारात्मक हो। इससे देश का लोकतंत्र मजबूत होगा।’

वीवीपैट इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में लगी वह प्रणाली है जिससे निकलने वाली कागज की पर्ची के जरिये मतदाता द्वारा डाले गये वोट की पुष्टि होती है।

निर्वाचन आयोग ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए आज सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। चुनाव आयोग ने आज हुई बैठक में शामिल होने के लिए 7 राष्ट्रीय और 51 क्षेत्रीय दलों को बुलाया था। जिसमें चुनाव से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बात की गई और कांग्रेस सहित कई पार्टियों ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ से लेकर वीवीपैट की समस्याओं को  उठाया।

मीटिंग के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियों के सदस्यों ने चुनाव को लेकर काफी सकारात्मक और महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उनके सुझावों के मद्देनजर आगामी चुनाव प्रक्रिया के सुधार में काफी सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने सभी सुझावों को बहुत ध्यान से सुना है और आगामी चुनावों में इस सुझावों के मद्देनजर पालन किए जाने पर योजना बनायी जाएगी वहीं चुनावों प्रक्रिया के दौरान यदि किसी तरह के सुधार की जरूरत होगी वह भी किया जाएगा।

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