bsp

लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई। यूपी में महागठबंधन द्वारा कांग्रेस के खिलाफ दो सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारने के फैसले के जवाब में कांग्रेस ने राज्य की 7 सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारने का ऐलान किया था।

सपा-बसपा और रालोद महागठबंधन में जगह न मिलने के बाद कांग्रेस ने दरियादिली दिखाई जो बसपा सुप्रीमो मायावती को रास नहीं आई। माया ने साफ कह दिया है कि बीजेपी को परास्त करने के लिए सपा-बसपा का गठबंधन काफी है, ऐसे में कांग्रेस जबरदस्ती सीट छोड़ने का भ्रम न फैलाए।

चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के लिए चुनाव घोषणापत्र जारी करने की समयसीमा निर्धारित कर दी है। चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि मतदान से 48 घंटे पूर्व प्रचार थमने के बाद चुनाव घोषणा पत्र जारी नहीं किए जा सकेंगे।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि लोकसभा चुनाव से पहले प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री और सपा-बसपा गठबंधन का भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) पर कोई असर नहीं होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने एक साक्षात्कार में यह बातें कहीं। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के लिए सपा और बसपा ने …

 बसपा का आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में जन सेना पार्टी के साथ गठबंधन हो गया है। इस बात की जानकारी देते हुए मायावती ने कहा कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बसपा और जन सेना पार्टी एक साथ चुनाव लड़ेगी। माया ने कहा है कि सीटों का बंटवारा जल्द हो जाएगा।

कांग्रेस को अपनी दबदबे वाली अमेठी सीट पर इस बार बीजेपी से पार पाना आसान नहीं होगा। 2014 में हार के बाद भी स्मृति ईरानी का अमेठी में डटा रहना क्या कम घातक था? उस पर गठबंधन की ओर से प्रत्याशी उतारे जाने की खबरों ने कांग्रेस नेताओं की नींद उड़ा कर रख दी है।

लखनऊ में माल एवेन्यू स्थित आवासीय कार्यालय पर गुरुवार को बसपा की अध्यक्ष मायावती ने अपने पार्टी के जोन प्रभारियों, कार्डिनेटरों व पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि चुनाव आचार संहिता का पूरा सम्मान करते हुये उसका किसी भी प्रकार से उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिये।

लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ प्रदेश में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस की दूरियां तो पहले ही बढ़ चुकी थीं मगर अब दोनों के बीच तल्खी और बढ़ गयी है।

लोकसभा चुनाव का तापमान धीरे धीरे बढ़ रहा है। दोनो पक्षों की सेनाएं सज रही हैं। सत्ता पक्ष पर विपक्ष की पैनी निगाह है और सत्ता पक्ष विपक्ष को निरंतन खड़ा होने का मौका नहीं देना चाहता है। मुद्दा विहीन होते चुनाव में चुनावी मुद्दों की दोनो पक्षों को ही तलाश है। रुठों को मनाने में सभी लगे हैं।

जनपद मुरादाबाद के हरित प्रदेश संघर्ष मोर्चा के संस्थापक/अध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य मतलूब अहमद ने भी अपने समर्थकों के साथ में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।