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लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। राजनीतिक पार्टियों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। नेता और राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर निशाना साध रही हैं। इसी कड़ी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है।

ब्लॉग के जरिए पीएम मोदी ने समाजवादी पार्टी समेत सभी विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्लॉग को ट्वीट करते हुए लिखा है कि जो लोग आज डॉ लोहिया के सिद्धांतों से छल कर रहे हैं, वही कल देशवासियों के साथ भी छल करेंगे।

सीएम योगी ने बसपा प्रमुख मायावती के बयान पर पलटवार किया है। सीएम योगी ने कहा कि मायावती के कष्ट को हम समझते हैं, जिस प्रकार उनके शासनकाल में प्रदेश के संसाधनों पर लूट खसोट और भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान स्थापित हुए थे, आज जब उन्हें रोका गया है, तो चौकीदार के चौकन्ना होने से उन्हें कष्ट होगा ही।

मायावती ने ट्वीट कर मोदी सरकार पर हमला बोला और तंज कसते हुए कहा, "राफेल सौदे की गोपनीय फाइल यदि चोरी हो गई तो गम नहीं, किन्तु देश में रोजगार की घटती दर और बढ़ती बेरोजगारी एवं गरीबी, श्रमिकों की दुर्दशा, किसानों की बदहाली आदि के सरकारी आंकड़े पब्लिक (सार्वजनिक) नहीं होने चाहिये।"

राजनीति में स्थायी मित्र व स्थायी शत्रु नहीं होते। इस जुमले को सपा और बसपा ने उत्तर प्रदेश में 26 साल तक भले ही सच साबित कर रखा हो लेकिन ज्यों ही समाजवाद को नई और लंबी उम्र अखिलेश यादव के मार्फत मिली तब फिर यह जुमला अफसाने की जगह हकीकत हो गया।

सपा-बसपा और रालोद महागठबंधन में जगह न मिलने के बाद कांग्रेस ने दरियादिली दिखाई जो बसपा सुप्रीमो मायावती को रास नहीं आई। माया ने साफ कह दिया है कि बीजेपी को परास्त करने के लिए सपा-बसपा का गठबंधन काफी है, ऐसे में कांग्रेस जबरदस्ती सीट छोड़ने का भ्रम न फैलाए।

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए उत्तर प्रदेश में हर सियासी मोड सामने आ रहा है। प्रदेश में कांग्रेस के सात सीटों के आॅफर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती भड़क गई हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि बीजेपी को हराने किए सपा-बसपा का गठबंधन काफी है, ऐसे में कांग्रेस जबरदस्ती सीट छोड़ने का भ्रम न फैलाए।

आरएलडी नेता जयंत चौधरी बसपा सुप्रीमो मायावती से मिलने उनके 9 मॉल एवेन्यू आवास पहुंचे। गठबंधन में शामिल होने के बाद जयंत चौधरी पहली बार मायावती से मिले हैं।

लखनऊ। लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ प्रदेश में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस की दूरियां तो पहले ही बढ़ चुकी थीं मगर अब दोनों के बीच तल्खी और बढ़ गयी है। सपा-बसपा गठबंधन ने पहले अमेठी और रायबरेली की सीट कांग्रेस के लिए छोड़ीं थीं मगर अब …

लखनऊ में माल एवेन्यू स्थित आवासीय कार्यालय पर गुरुवार को बसपा की अध्यक्ष मायावती ने अपने पार्टी के जोन प्रभारियों, कार्डिनेटरों व पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि चुनाव आचार संहिता का पूरा सम्मान करते हुये उसका किसी भी प्रकार से उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिये।