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सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम मामले में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए 25 मार्च तक जवाब मांगा है। कोर्ट ने विपक्ष के नेताओं चंद्रबाबू नायडू, अखिलेश यादव, के सी वेणुगोपाल समेत विपक्ष के 20 से ज्यादा नेताओं की याचिका पर चुनाव आयोग को ये नोटिस दिया है।

क्रिकेटर एस श्रीसंत पर सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में आजीवन प्रतिबंध हटा दिया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि बीसीसीआई के पास अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का अधिकार है।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका पर सुनवाई की तारीख 14 मार्च को निर्धारित की थी, जिसके तहत शीर्ष न्यायालय के 25 सितंबर 2018 के फैसले के कथित उल्लंघन को लेकर केंद्र और चुनाव आयोग के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है।

राफेल मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज 19 March को होगी। लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर राफेल विमान सौदे में कथित गड़बड़ी का मामला चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट में आज राफेल डील पर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई होनी है।

 सुप्रीम कोर्ट ने विवादास्पद 2.77 एकड़ भूमि तीन पक्षकारों- सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और रामलला के बीच बराबर-बराबर बांटने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपीलों पर सुनवाई के दौरान मध्यस्थता के माध्यम से विवाद सुलझाने की संभावना तलाशने का सुझाव दिया था।

अयोध्या में राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ इस बात का फैसले करेगी कि इस मामले को कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थता को सौंपा जाए या नहीं।

दिल्ली में अधिकारियों की नियुक्तियों- स्थानान्तरण का अधिकार उपराज्यपाल के पास रहेगा या फिर दिल्ली सरकार के पास, इस पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एके सीकरी और अशोक भूषण की खंडपीठ ने अपना फैसला सुना दिया है। 

सुप्रीम कोर्ट ने एम. नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक नियुक्त करने के कोर्ट के फैसले की कथित तौर पर आलोचना करने पर सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण से जवाब मांगा। भूषण को जवाब देने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया गया है।

राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद मामले में 5 जजों की खंडपीठ 29 जनवरी को सुनवाई करने वाली थी, लेकिन अब वो टल गई है। हमें मिली जानकारी के अनुसार पांच जजों की खंडपीठ में शामिल एसए बोबड़े 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में मौजूद नहीं रहेंगे। इसी के चलते सुनवाई की तारीख को बढ़ाया गया है। नई तारीख अभी सामने नहीं आई है।

गौरतलब है कि याचिकाओं में अनुच्छेद-15(6) और 16 (6) जोड़े जाने को संविधान के मूल ढांचे में बदलाव बताया गया है। साथ ही इसके जरिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्फल करने की भी कोशिश का आरोप लगाया गया है।