Lucknow

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि लोकसभा चुनाव में गठबंधन के नाम पर कांग्रेस भ्रम पैदा कर रही है। सात सीटें छोड़ने का मतलब साफ है। लोकसभा चुनाव दरवाजे पर खड़ा है। कांग्रेस लड़ाई में कन्फ्यूजन पैदा कर रही है। इससे लड़ाई कमजोर होगी। हमें पता है कि जीरो कहां लगाना है।

राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान हंगामा, पुलिस पर पथराव के मामले में मंगलवार को आठ अन्य कांग्रेसी नेताओं की भी समय की मांग को स्वीकार करते हुए जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई 5 अप्रैल को निश्चित की गई है। तब तक के लिए इन नेताओं की अन्तरिम जमानत स्वीकार कर ली है। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर को विशेष जज एमपी एमएलए पवन तिवारी ने 5 अप्रैल तक अन्तरिम जमानत दी थी।

इस एक हफ्ते के दौरान छात्रों ने कार प्रचार के माध्यम से पूरे शहर का दौरा कर 5000 से ज्यादा सर्टिफिकेट बांटे। जिसमें विभिन्न स्कूलों के बच्चे भी शामिल हैं। 'विश्व गौरैया और तितली सप्ताह-2019' के आखिरी दिन इंस्टिट्यूट फ़ॉर वाइल्डलाइफ साइंसेज, यूपी स्टेट बायोडायवर्सिटी बोर्ड और नवाब वाजिद अली शाह जूलॉजिकल गार्डन के बच्चों ने प्रोफेसर अमिता कन्नौजिया की अगुवाई में पहले लखनऊ विश्वविद्यालय के गेट नं 4 पर फिर नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान के गेट नं 1 पर जागरूकता कार्यक्रम से लोगों को गौरैया और तितली के महत्व के बारे में बताया।

राजधानी लखनऊ के दो शेयर कारोबारियों के आठ ठिकानों पर मुंबई आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार सुबह छापेमारी की। शहर के कारोबारी स्वतंत्र कुमार रस्तोगी व संदीप मित्तल मुंबई के बड़े कारोबारी ग्रुप से जुड़े हुए हैं। जिन पर ब्लैक मनी को वाइट मनी में बदलने का आरोप है।

ये सारी इमारतें एवं बिल्डिंग्स मुगल आर्किटेक्ट पर बनी हुई हैं, जिन्हें अवध के नवाब शुजाउद्दौला के पुत्र, तत्कालीन नवाब आसिफ-उद-दौला ने बनवाया था। उन्होंने अपने 22 साल के शासन काल में बहुत सारी इमारतों के निर्माण करवाये।

पुराना लखनऊ, अब नया लखनऊ हो गया, और जब इसने (लखनऊ)  दुनिया की चाल से चाल मिलाई तो  इक्के-तांगे कहीं पीछे छूट गए। सत्तर के दशक में जहां चार हजार तांगे थे, आज लखनऊ  शहर में गिनकर सिर्फ  30 तांगे बचे हैं, वे भी परिवहन का हिस्सा नहीं हैं। विकास के अंधड़ में इन्हें पर्यटन की प्राणवायु ने बमुश्किल जिंदा रखा हुआ है।

सुभागी अपने मां-बाप की सेवा करके खुशी-खुशी रहने लगती है। एक दिन उसके पिता और फिर मां बीमारी से दम तोड़ देती हैं, फिर सज्जन सिंह जो तुलसी महतो के मित्र हैं, इस परिवार का ख्याल रखते हैं।

वरिष्ठ संगीतकार केवल कुमार के निर्देशन में पारम्परिक फाग गीतों में 'फागुन कन्त विदेश हमे कुछ नीक न लागे', 'गड़ि गये बसन्त के ढाटा बिना होली तापे न जाबै', 'मोहन धरे रुप जनाना चले बेचै चूरिया सुहाना शहर बरसाना' जैसे गीतों की प्रस्तुति हुई तथा लोगों ने एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।

पार्टी के प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर ने कहा कि सपा-बसपा सरकार जाति और मजहबी तुष्टिकरण तक ही सीमित रही और उनकी योजनाएं अपने घरों तक ही सीमित रही उनका उद्देश्य जनता को लूट कर और अपने को मालामाल करने तक ही सीमित रहा। विधानसभा चुनाव में नोटबंदी के मुद्दे पर मुंह की खाये बुआ-बबुआ नोटबंदी के प्रभाव से अबतक पीड़ित है, करीबी अधिकारियों और नेताओं पर आयकर विभाग की हालिया कार्यवाही से सपा-बसपा की पीड़ा और बढ़ी है।

शनिवार को शहर में न्यू-हैदराबाद स्थित केंद्रीय जल आयोग, भारत सरकार के माध्यम से एक 'चित्रकला प्रतियोगिता' का आयोजन किया गया। जिसमें राजधानी के कुछ स्कूलों के बच्चों ने भाग लेकर अपनी कला को प्रदर्शित किया।