India US Foreign Policy: एस. जयशंकर ने मार्को रूबियो के सामने रखा 5-सूत्रीय एजेंडा, कूटनीतिक संवाद और सुरक्षित समुद्री व्यापार पर दिया जोर
India US Foreign Policy: एस. जयशंकर ने भारत-अमेरिका वार्ता में पांच सूत्रीय वैश्विक दृष्टिकोण रखा। संवाद, व्यापार, सुरक्षा और आतंकवाद पर सहयोग पर जोर दिया गया।
India US Foreign Policy
India US Foreign Policy: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को भारत के प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों (Regional And Global Issues) पर पांच सूत्रीय दृष्टिकोण को विस्तार से सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है, साथ ही सुरक्षित और निर्बाध समुद्री व्यापार का पक्षधर है। इसके अलावा भारत व्यापार और संसाधनों के “हथियार” के रूप में इस्तेमाल का कड़ा विरोध करता है। यह बयान उन्होंने हैदराबाद हाउस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में दिया। जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच लगातार उच्च-स्तरीय संपर्क और रणनीतिक समन्वय बना हुआ है, जो दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करता है।
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पर जोर
जयशंकर ने बताया कि यह मार्को रुबियो की पहली भारत यात्रा है (Marco Rubio India Visit), लेकिन उनके पद संभालने के बाद से दोनों देशों के बीच नियमित संवाद जारी है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन डी.सी., न्यूयॉर्क और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई बार मुलाकात और चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में फ्रांस में हुई बैठक भी इसी निरंतर संवाद का हिस्सा थी, जिसने दोनों देशों के व्यापक सहयोग को गति दी है। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच राजनीतिक समझ साझा रणनीतिक हितों पर आधारित है और यह विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करती है।
भारत का पांच सूत्रीय वैश्विक दृष्टिकोण
जयशंकर ने भारत के वैश्विक दृष्टिकोण (Global Perspective) को स्पष्ट करते हुए पांच प्रमुख सिद्धांत बताए-
संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन
सुरक्षित और निर्बाध समुद्री व्यापार का समर्थन
अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सख्त पालन
संसाधनों और बाजार का “हथियार” के रूप में इस्तेमाल का विरोध
भरोसेमंद साझेदारी और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था को जोखिमों से बचाने और स्थिर आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने में विश्वास रखता है।
क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा
जयशंकर (S Jaishankar) ने बताया कि बैठक में पश्चिम एशिया, भारतीय उपमहाद्वीप, पूर्वी एशिया और कैरेबियाई क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा यूक्रेन संघर्ष और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषय भी बातचीत का हिस्सा रहे। उन्होंने कहा कि आगामी क्वाड बैठक के एजेंडे में भी इंडो-पैसिफिक सुरक्षा और सहयोग प्रमुख मुद्दा रहेगा।
रक्षा, व्यापार और तकनीक में बढ़ता सहयोग
दोनों देशों ने 10-वर्षीय प्रमुख रक्षा साझेदारी समझौते और पानी के नीचे डोमेन जागरूकता रोडमैप पर भी चर्चा की। “मेक इन इंडिया” पहल के तहत रक्षा उत्पादन और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। आर्थिक सहयोग के तहत अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने पर विचार हुआ, जो आगे चलकर व्यापक व्यापार समझौते की दिशा में जाएगा। ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु सहयोग, एआई, महत्वपूर्ण खनिज और उभरती तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
आतंकवाद और सुरक्षा पर सख्त रुख
जयशंकर (Terrorism Policy India) ने कहा कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ नीति “शून्य सहिष्णुता” की है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों की एजेंसियां इस दिशा में मिलकर काम कर रही हैं। 26/11 हमले के एक प्रमुख साजिशकर्ता के प्रत्यर्पण का भी उन्होंने उल्लेख किया। इसके साथ ही अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी।