Sonbhadra : हल्दीराम फ्रेंचाइजी के नाम पर उड़ाए गए 5.65 लाख, ऑनलाइन ठगी का शिकार हुआ युवक
Sonbhadra News : सोनभद्र में हल्दीराम फ्रेंचाइजी के नाम पर ऑनलाइन ठगी, युवक ने ₹95,000 गँवा दिए, साइबर थाना में मामला दर्ज
Sonbhadra online scam ( Image From Social Media )
Sonbhadra News : ऑनलाइन ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के बीच एक नया मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यवसायी से “Haldiram Nagpur Dining Model Restaurant Franchise” के नाम पर 95 हजार रुपये की ठगी की गई है। मामला साइबर थाना सोनभद्र में दर्ज कराया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के इमरती कॉलोनी निवासी अश्वनी पाण्डेय पुत्र ओम प्रकाश पाण्डेय ने साइबर थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके पास स्थित दो मंजिला व्यवसायिक परिसर में “हल्दीराम डाइनिंग मॉडल रेस्टोरेंट” की फ्रेंचाइजी खोलने के नाम पर धोखाधड़ी की गई।
पीड़ित के अनुसार, 5 सितंबर 2025 को मोबाइल से मनीष अग्रवाल और नीरज अग्रवाल नामक व्यक्तियों ने उनसे संपर्क किया। दोनों ने स्वयं को “Haldiram.com” की मार्केटिंग टीम का अधिकारी बताकर आकर्षक ऑफर दिया। उन्होंने कहा कि हल्दीराम नागपुर फ्रेंचाइजी आउटलेट खोलने के लिए उनका स्थान उपयुक्त है। विश्वास दिलाने के बाद उन्होंने अश्वनी पाण्डेय को व्हाट्सएप पर एक रजिस्ट्रेशन फार्म भेजा और उसे भरकर ईमेल—support@haldiramnagpur.com पर भेजने को कहा।
विश्वसनीय फर्म के नाम पर भरोसा कर अश्वनी पाण्डेय ने 23 सितंबर 2025 को उक्त फार्म भेज दिया। इसके बाद ठगों ने उनसे ₹95,000 रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप में यूपीआई के माध्यम से जमा करा लिया। भुगतान होते ही ठगों ने फोन बंद कर दिए और सभी संपर्क माध्यमों से गायब हो गए।
प्रार्थी ने बताया कि जब उन्होंने वास्तविक “हल्दीराम कंपनी” के वेबसाइट और अधिकारियों से संपर्क किया तो पता चला कि ऐसी कोई फ्रेंचाइजी योजना कंपनी की ओर से जारी ही नहीं की गई है। इसके बाद उन्होंने तत्काल साइबर थाना सोनभद्र में शिकायत दर्ज कराई।साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि मामला गंभीर है। ठगों द्वारा उपयोग किए गए मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जांच कराई जा रही है। साइबर विशेषज्ञों की टीम पैसे के लेनदेन और डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपितों की पहचान में जुटी है।पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यवसायिक ऑफर या फ्रेंचाइजी के नाम पर आने वाले फोन कॉल या ऑनलाइन लिंक पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और हेल्पलाइन के माध्यम से ही किसी प्रस्ताव की पुष्टि करें।