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दिवाली 27 अक्टूबर को है जिसकी तैयारी शुरु हो गई। मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए लोग अभी से साफ-सफाई खरीददारी शुरु कर दिए है। दीपो का त्योहार दीपावली हिंदूओंं का सबसे बड़ा त्योहार है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन मां लक्ष्मी  घर आती है

जयपुर :माह – कार्तिक, तिथि – पंचमी , पक्ष – कृष्ण, वार – शनिवार, नक्षत्र – मृगशिरा – ,सूर्योदय – 06:24, सूर्यास्त – 17:48, शुभ – 07:52 से 09:17, चर – 12:06 से 13:30, लाभ – 13:30 से 14:55, अमृत – 14:55 से 16:19

हर व्यक्ति के जीवन में उसकी नाक का बहुत महत्व है। चाहे जो हो जाए लोगो अपनी नाक की साख बचाने के लिए कोई भी कदम उठा लेते हैं। जैसे इंसान के हाथ की लकीरों से उसके बारे में जानते है। उसी तरह नाक की बनावट से इंसान का स्वभाव जानते हैं। सामुद्रिक शास्त्र में शारीरिक संरचना से उनके स्वभाव से जुड़ी जानकारी पता चलता हैं।  

कार्तिक, तिथि – पंचमी,पक्ष – कृष्ण,वार– शुक्रवार,सूर्योदय – 06:07,सूर्यास्त – 18:23। आज मां लक्ष्मी की पूजा करें।लाभ मिलेगा। नौकरी के लिए लाभ का दिन है। आर्थिक लाभ की संभावना है। घर में आनंद का वातावरण रहेगा।

वैसे इस बार करवाचौथ का त्योहार कई मायनों के खास है। दरअसल कई बॉलीवुड अभिनेत्रियां भी अपने रियल लाइफ पतियों के लिए व्रत रखेंगी।

करवा चौथ पति की दीर्घायु के लिए रखा जाता है। और इससे खुशहाल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है।चांद व छलनी की तरह ही करवा चौथ में मिट्टी के करवे की जरूरत होती है। महिलाएं मिट्टी से तैयार करवे से पानी पीकर ही अपना व्रत खोलती हैं। जानते है तथ्य मिट्टी के करवे से ही महिलाएं क्यों पीती है पानी।

कार्तिक,तिथि – तृतीया, पक्ष – कृष्ण,वार – गुरूवार,नक्षत्र – कृत्तिका, सूर्योदय – 06:22, सूर्यास्त – 17:50: चौघड़िया शुभ – 06:26 से 07:51,चर – 10:41 से 12:05,लाभ – 12:05 से 13:30,अमृत – 13:30 से 14:5। आज करवा चौथ का पर्व है। सुहागिने पूरी श्रद्धा से व्रत रखेंगी।

छठ पर्व को सबसे ज्‍यादा बिहार में मनाया जाता है। बिहार में ऐसे कई धार्मिक स्थल हैं, जो धार्मिक स्नान की वजह से ही प्रसिद्ध हैं।

इस दिन महिलाएं पूरे दिन अपने पति के लिए व्रत रखती हैं और दुल्हन की तरह सज कर चांद की पूजा करती हैं। दुल्हन की तरह सजी महिलाओं के हाथ में अगर बेरंग पूजा की थाली हो तो अच्छा नहीं लगेगा। इस बार करवा चौथ पर खुद तैयार होने से पहले अपनी पूजा की थाली की भी सजावट कर लें।

जयपुर माह – कार्तिक, तिथि – तृतीया , पक्ष – कृष्ण,वार – बुधवार,नक्षत्र – भरणी ,सूर्योदय – 06:22, सूर्यास्त – 17:51, लाभ – 06:25 से 07:50, अमृत – 07:50 से 09:15,शुभ – 10:41 से 12:06,चर – 14:56 से 16:21