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रघुनंद का नाम आते ही आंखों के सामने उनकी जन्म स्थली आयोध्या घूमने लगती है। ये तो सभी जानते है कि श्री राम जी का संबंध अयोध्या से है। वहां उनके होने का साक्ष्य भी है, लेकिन शायद बहुत कम लोगों को पता होगा कि उनका संबंध झारखंड से भी है। यहां के लोगों  का कहना है कि  यहां भी भगवान राम आए है।

नवरात्रि में हवन-पूजन का बहुत महत्व है। हवन पूजन से ही मां भगवती की पूजा सफल होती है। कोई भी पूजा और मंत्र का जप बिना हवन के अपूर्ण  है। किसी भी वैदिक पूजा में विधि-विधान से हवन करना आवश्यक है। ग्रहों के बीज मंत्र की निश्चित संख्या होती है। नवरात्र में माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए दुर्गासप्तशती के विभिन्न मंत्रों से माता को प्रसन्न करने के लिए हवन करते हैं।

गुरु मकर में प्रवेश कर चुके हैं। मकर राशि में गुरु, मंगल और शनि का यह महासंयोग चार मई तक बना रहेगा। इसके बाद फिर 30 जून को वक्री होकर दोबारा धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति ग्रह को ज्ञान, सत्कर्म और गुरु का कारक माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं गुरु के इस राशि परिवर्तन का जून तक सभी राशियों पर कैसा पड़ेगा असर। 

माह- चैत्र, तिथि-नवमी , नक्षत्र-पुनर्वसु,पक्ष- शुक्ल, दिन-बृहस्पतिवार, सूर्योदय-06.20, सूर्यास्त-18.40। जानिए कैसा रहेगा रामनवमी का दिन..

भारत के सन्दर्भ में देखा जाए तो 24 जनवरी को "शनि" का मकर राशि मे प्रवेश हुआ। यहां पहले से ही विराजमान सूर्य से शनि की नैसर्गिक शत्रुता है। इसी कारण महामारी का पहला मामला 30 जनवरी को सूदूर दक्षिण के राज्य केरल में दिखाई देता है।

माह – चैत्र, तिथि – अष्टमी ,पक्ष – शुक्ल, वार –बुधवार नक्षत्र – आर्द्रा , सूर्योदय – 06:20,सूर्यास्त – 18:40। जानिए कैसा रहेगा  बुधवार का दिन पढ़िये 12 राशियों का फल

एस्ट्रों के अनुसार जीवन में ग्रहों का बहुत महत्व होता है। संपूर्ण ब्रह्मांड उसी पर टिका है। जब ये ग्रह अपनी चाल बदलते हैं तो जीवन में कई परिवर्तन आते हैं। वर्तमान परिस्थिति में जो चल रहा है वह भी ज्योतिषीय भाषा में ग्रहों की देन हैं। इसी तरह गुरु ग्रह मकर राशि में 30 मार्च को प्रवेश कर चुके हैं।

जयपुर:माह –चैत्र, तिथि –सप्तमी ,पक्ष – शुक्ल, वार – मंगलवार, नक्षत्र –मृगशिरा , सूर्योदय – 06:20, सूर्यास्त – 18:40, । जानिए कैसा रहेगा मंगलवार का दिन 12 राशियों के लिए...

नवरात्रि में भी जिस ग्रह की शांति के लिये पूजा की जा रही है। उसके बीज मंत्रों का जाप कर संबंधित ग्रह के कवच एवं अष्टोत्तरशतनाम का पाठ भी करें। नवरात्रि के पश्चात दशमी के दिन यंत्र की पूजा कर इसे पूजा स्थल में स्थापित करना चाहिये व नियमित रूप से इसकी पूजा करनी चाहिये। ग्रहों की शांति के लिए  यह विशेष पूजा किसी विद्वान ज्योतिषाचार्य से ही करवानी चाहिए।

जयपुर माह- चैत्र, दिन-सोमवार, तिथि- षष्ठी, नक्षत्र -रोहिणी, सूर्योदय-06.18, सूर्यास्त-18.40। जानिए 12 राशियों के लिए सोमवार का दिन कैसा रहेगा।