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अक्सर लोग शादी को लेकर उलझन में रहते है कि शादी करें या ना करें। अगर करें भी तो कैसी शादी करें। ज्यादातर लोगों की चाहत लव मैरिज शादी की होती है। प्रेम एक खूबसूरत अनुभूति है। जब दो दिल एक होना चाहते हैं तो समाज बीच में आता है और अड़चने पैदा होने लगती है।

जयपुर: वार-सोमवार, माह-भाद्रपद,पक्ष-कृष्ण,तिथि- चतुर्थी, नक्षत्र-  उत्तराभाद्रपद 07:50 तक,करण-बव 02:23 सूर्य राशि-सिंह, चंद्र राशि-  मीन ,अभिजीत मुहूर्त -11:58 से 12:50 तक. राहुकाल-प्रातःकाल 07:30 बजे से 09 बजे तक

जब हम कोई भी नया काम शुरु करते हैं तो उससे पहले शुभ समय देखते है। चौघडिया की गणना के आधार को घटी कहा जाता है। एक घटी लगभग 24 मिनट की होती है

जयपुर : माह – भाद्रपद, तिथि – तृतीया – 25:15,पक्ष – कृष्ण, वार – रविवार, नक्षत्र – पूर्वाभाद्रपद ,सूर्योदय – 05:51,सूर्यास्त – 18:58, राहुकाल – 17:19 से 18:58।

23 व 24 अगस्त को यशोदा के नंदलला कृष्ण का जन्म दिवस है। इस बार भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव की तिथि दो दिन पड़ रही है। धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान श्रीकृष्‍ण का जन्‍म भादो महीने की कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी को हुआ था, जो कि इस बार 23 अगस्त को पड़ रहा है।

धर्म ग्रंथों में भाद्रमास का बहुत महत्व है। शास्त्रों में इसे कल्याणकारी है। कहते है कि नियमों का पालन कर इस मास में गलतियों का प्रायश्चित भी कर सकते हैं। भाद्र, भद्र से बना है जिसका अर्थ है अच्छा व सभ्य।जो भी नियम से इस माह स्नान ,दान व व्रत करता है, उस पर ईश्वर की कृपा बनी रहती है।

माह – भाद्रपद, तिथि – द्वितीया – 22:50, पक्ष – कृष्ण, वार – शनिवार, नक्षत्र – शतभिषा – 13:55,सूर्योदय – 05:51, सूर्यास्त – 18:59।

लोगों की नजर दूसरे की गर्दन पर भी कई बार जाती है। उनकी गर्दन को देखकर भी उनके व उनके भविष्य के बारे में अंदाजा लगाया जा सकता है। समुद्रशास्त्र की मानें तो गर्दन देखकर यह पता चल सकता है कि दूसरे व्यक्ति के पास भविष्य में पैसा होगा या नहीं? या फिर वह भाग्यशाली है या नहीं।

शुक्र ग्रह अपनी राशि को छोड़ अब दूसरी राशि में जाने वाला है।कहने का मतलब की शुक्र कर्क राशि से अब सिंह राशि जाने वाला है।  जो 17 अगस्त से 9 सितंबर तक रहेंगे। इससे 12 राशियों पर क्या होगा असर जानते हैँ। ज्योतिष के अनुसार शुक्र का सिंह राशि में जाना बहुत शुभ नहीं है।

माह – भाद्रपद ,तिथि – प्रतिपदा – 20:23,पक्ष – कृष्ण,वार – शुक्रवार,नक्षत्र – धनिष्ठा , सूर्योदय – 05:50, सूर्यास्त – 19:00। शुक्रवार को मां लक्ष्मी का दिन है , इस दिन उन्हे प्रसन्न करने के लिए पूजा व्रत का विधान है।