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मैत्रायणी संहिता में नारद को आचार्य के रूप में सम्मानित किया गया है। कुछ स्थानों पर नारद का वर्णन बृहस्पति के शिष्य के रूप में भी मिलता है। अथर्ववेद में भी अनेक बार नारद नाम के ऋषि का उल्लेख है। भगवान सत्यनारायण की कथा में भी उनका उल्लेख है।

आज आपके कई ऐसे प्रयास सफल होगे। जिससे आप और उत्साहित होकर अपने कामों को करने में लगे होगे। तकनीक व शैक्षिक जरूरतों की वस्तुओं को खरीदने में सफल होगे।

रुद्राक्ष भगवान शिव के नेत्रों से प्रकट हुई वह मोती स्वरूप बूँदें हैं जिसे ग्रहण करके समस्त प्रकृति में आलौकिक शक्ति प्रवाहित हुई तथा मानव के हृदय में पहुँचकर उसे जागृत करने में सहायक हो सकी।

क्या आपको पता है भगवान श्रीराम के भक्त हनुमान जी के अन्य भाई भी थे। यदि नहीं तो आज हम आपको बताते हैं कि भक्तो में सबसे बड़े भक्त हनुमान जी महाराज के कितने भाई बहन थे। ब्रह्मांडपुराण के अनुसार हनुमान जी महाराज के सगे 5 भाई थे। ‘उन पांचों के सुन्दर नारी अमित बाल बच्चा महतारी’ पांचों भाई विवाहित थे उनके बच्चे भी थे इस बात का विस्तार से उल्लेख ‘ब्रह्मांडपुराण’ में मिलता है।

मंदोदरी रामायण के पात्र, पंच-कन्याओं में से एक हैं जिन्हें चिर-कुमारी कहा गया है। मंदोदरी मयदानव की पुत्री थी। उसका विवाह लंकापति रावण के साथ हुआ था। हेमा नामक अप्सरा से उत्पन्न रावण की पटरानी जो मेघनाथ की माता तथा मयासुर की कन्या थी।

कहते हैं भगवान रामभक्त हनुमान की उपासना से जीवन के सारे कष्ट, संकट मिट जाते है। माना जाता है कि हनुमान एक ऐसे देवता है जो थोड़ी-सी प्रार्थना और पूजा से ही शीघ्र प्रसन्न हो जाते है। जब-जब भक्तों पर संकट के बादल मंडराए भगवान ने अपने भक्तो की रक्षा के लिए किसी न किसी रूप में अवतार लेकर उनकी रक्षा की है।

बेगम आलिया ने इसी हनुमान मंदिर में मंगलवार को बेटा होने की मन्नत मानी थी। उनके बेटे नवाब सआदत अली खान हुए। बेगम ने हनुमान के प्रति श्रद्धा की वजह से उनका नाम 'मिर्जा मंगलू' रखा था। इसके बाद ही अलीगंज के पुराने हनुमान मंदिर से बड़ा मंगल का पर्व मनाए जाने की शुरूआत हुई।

बड़े मंगल पर शहर के ट्रैफिक रूट में भी बदलाव किया गया है। इस दौरान हर मंगलवार को ट्रैफिक डायवर्जन होगा, जिससे श्रद्धालुओं और मंदिर दर्शन करने वालों को किसी तरह की कोई समस्या न हो। बड़े मंगल को विभिन्न हनुमान मंदिरों में विशाल मेले भी लगते हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ भी उमड़ती है। 

बड़ों की बात भी मान लेनी चाहिए। पुराने मित्र-संबंधी से मुलाकात आज संभव है। मित्रों से शुभ समाचार मिलेंगे। आत्मसम्मान बढ़ेगा। मन प्रसन्न रहेगा।नौकरी में अफसरों से मतभेद बढ़ सकते हैं। कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है।

27 मई से सूर्य बुध का शनि से समसप्तक योग भी बन रहा है, जो गर्मी बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा, हालांकि इस दौरान ताप इतना अधिक बढ़ जाएगा कि बादल बनेंगे और धूल भरी आंधियों के साथ बारिश होगी।