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13 October 2021 Ka Panchang in Hindi: आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति, चंद्र राशि और मुहूर्त के लिए देखिए आज का पंचांग

13 October 2021 Ka Panchang in Hindi: पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं।

Suman  Mishra | Astrologer

Suman  Mishra | AstrologerPublished By Suman Mishra | Astrologer

Published on 13 Oct 2021 12:45 AM GMT

13 October 2021 Ka Panchang in Hindi:
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सांकेतिक तस्वीर ( सौ. से सोशल मीडिया)

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13 October 2021 Ka Panchang in Hindi:

ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है । पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं।

आज 13 अक्टूबर का बुधवार का दिन है। आश्विन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। सूर्य सिंह राशि में योग- सुकर्मा, करण -विष्टि और बव के साथ आश्विन मास है, आज का दिन बहुत ही शुभ फलदायक है। देखिए आज का पंचांग...

आज 13 अक्टूबर का पंचांग

  • हिन्दू मास एवं वर्ष
  • शक सम्वत- 1943 प्लव
  • विक्रम सम्वत- 2078

आज की तिथि

  • तिथि -अष्टमी 08:07 PM तक उसके बाद नवमी
  • आज का नक्षत्र- पूर्वाषाढा 10:19 AM तक उसके बाद उत्तराषाढा
  • आज का करण- विष्टि और बव
  • आज का पक्ष- शुक्ल पक्ष
  • आज का योग-सुकर्मा
  • आज का वार-बुधवार
  • सूर्योदय-6:26 AM
  • सूर्यास्त- 5:59 PM


आज चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय

  • चन्द्रोदय--1:26 PM
  • चन्द्रास्त-12:18 AM
  • सूर्य -कन्या राशि

चन्द्रमा राशि

  • चन्द्रमा-04:06 PM तक धनु राशि में फिर मकर राशि पर संचार करेगा।
  • दिन -बुधवार
  • माह- आश्विन
  • व्रत- दुर्गा अष्टमी,

शुभ समय

  • अभिजीत मुहूर्त-नहीं है
  • अमृत काल- 03:23 AM, Oct 14 से 04:56 AM, Oct 14
  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:17 AM, Oct 14 से 05:06 AM, Oct 14

शुभ योग

  • सर्वार्थ सिद्धि योग-नहीं है
  • रवि पुष्य योग -नहीं है
  • अमृतसिद्धि योग-नहीं है
  • त्रिपुष्कर योग- नहींं
  • द्विपुष्कर योग-नहीं है

अशुभ समय

  • राहु काल-12:12 PM से 1:39 PM तक
  • कालवेला / अर्द्धयाम-06:41 से 07:28 तक
  • दुष्टमुहूर्त- 11:20से 12:07 तक
  • कुलिक-10:46 AM से12:12 PM तक
  • भद्रा- 05:55 AM से 08:54 AM
  • यमगण्ड-07:22 से 08:49 तक
  • गुलिक काल-10:16 से 11:44 तक
  • गंडमूल-नहीं

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

लाभ – 06:26 AM से 07:53 AM तक

अमृत – 07:53 AM से 09:20 AM तक

काल– 09:20 AM से 10:46 AM तक

शुभ – 10:46 AM से 12:13 PM तक

रोग – 12:13 PM से 13:39 PM तक

उद्बेग – 13:39 PM से 15:06 PM तक

चर – 15:06 PM से 16:32 PM तक

लाभ – 16:32 PM से 17:59 PM तक


रात का चौघड़िया


उद्बेग – 17:59 PM से 19:32 PM तक

शुभ – 19:32 PM से 21:06 PM तक

अमृत – 21:06 PM से 22:39 PM तक

चर – 22:39 PM से 00:13 PM तक

रोग – 00:13 PM से 01:46 PM तक

काल – 01:46 PM से 03:20 AM तक

लाभ– 03:20 AM से 04:53 AM तक

उद्बेग – 04:53 AM से 06:27 AM तक

पंचांग क्या होता है?


पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। हर दिन की तिथि का निर्धारण सूर्य और चंद्मा में भेद के आधार पर होता है और पंचांग के आधार पर हर दिन के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करते हैं। इसके आधार पर अपने काम को आसान बनाते हैँ। आज का पंचांग में तिथि, पक्ष, माह, नक्षत्र भी देखना जरुरी होता है। क्योंकि हर एक शुभ कार्य के लिए अलग अलग नक्षत्र होता है। सूर्योदय से दूसरे दिन सूर्योंदय के कुछ पहर पहले तक ही एक तिथि मानी जाती। चंद्रमा का स्थान जिस दिन चंद्रमा जिस स्थान पर होता है। उस दिन वही नक्षत्र और राशि मानी जाती है। चंद्रमा एक राशि में ढ़ाई दिन तक रहते हैं।

तिथि वारं च नक्षत्रं योगं करणमेव च।

पंचांगस्य फलं श्रुत्वा गंगा स्नानं फलं लभेत् ।।

आदिकाल में ही इस श्लोक के माध्यम से पंचांग को परिभाषित किया है।

  • तिथि- पंचांग का पहला अंग तिथि है। जो 16 है। इनमें पूर्णिमा और अमावस्या दो प्रमुख तिथियां है। जो दो पक्षों का निर्धारण करते हैं। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा और अमावस्या दोनों तिथि माह में एक बार आती है।
  • नक्षत्र- नक्षत्र 27 होते हैं। लेकिन एक मुहूर्त अभिजीत नक्षत्र है जो शादी विवाह के समय देखा जाता है। इसे मिला कर 28 नक्षत्र भी कहे जाते है।
  • योग- 27 होते है। मनुष्य के जीवन में योग का बहुत महत्व है।
  • करण- 11 होते हैं। 4 स्थिर व 7 परिवर्तनशील है।
  • वार- सप्ताह में 7 दिन होते हैं। जो रविवार से शुरू, सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, और शनिवार पर खत्म होते हैं।


13 अक्टूबर का दिन आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि लग रही है। आज के दिन कोई भी शुभ काम करना हो तो कर सकते हैं। आज का दिन हर दृष्टि से शुभ फलदायी है। अगर किसी शुभ काम को शुरू करना हो, गाड़ी, मकान वस्त्र -आभूषण कुछ भी खरीदना हो तो यहां जान लीजिए शुभ मुहूर्त और अशुभ मुहूर्त। बुधवार के दिन कुछ लोगों के लिए भाग्यशाली रहने वाला है।

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Suman  Mishra | Astrologer

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