×

15 October 2021 Ka Panchang in Hindi: देखिए आज का पंचांग, जानिए दशहरा के दिन बन रहा कौन सा शुभ चमत्कारी योग

15 October 2021 Ka Panchang in Hindi: पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं।

Suman  Mishra | Astrologer

Suman  Mishra | AstrologerPublished By Suman Mishra | Astrologer

Published on 15 Oct 2021 1:00 AM GMT

15 October 2021 Ka Panchang in Hindi:
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

15 October 2021 Ka Panchang in Hindi:

ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का बहुत महत्व है । पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। इसकी मदद से हम दिन के हर बेला के शुभ और अशुभ समय का पता लगाते हैं। उसके आधार पर अपने खास कर्मों को इंगित करते हैं।

आज 15 अक्टूबर का शुक्रवार का दिन है। आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। सूर्य सिंह राशि में योग- शूल, करण -गर और विष्टी के साथ आश्विन मास है, आज का दिन बहुत ही शुभ फलदायक है। देखिए आज का पंचांग...

आज 15 अक्टूबर का पंचांग

  • हिन्दू मास एवं वर्ष
  • शक सम्वत- 1943 प्लव
  • विक्रम सम्वत- 2078

आज की तिथि

  • तिथि -दशमी 06:02 PM तक उसके बाद एकादशी
  • आज का नक्षत्र- श्रवण 09:16 AM तक उसके बाद धनिष्ठा
  • आज का करण- गर और विष्टी
  • आज का पक्ष- शुक्ल पक्ष
  • आज का योग-शूल
  • आज का वार-शुक्रवार
  • सूर्योदय-6:27 AM
  • सूर्यास्त- 5:57 PM


आज चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय

  • चन्द्रोदय--3:04 PM
  • चन्द्रास्त-2:21 AM
  • सूर्य -कन्या राशि

चन्द्रमा राशि

  • चन्द्रमा-09:16 PM तक मकर राशि फिर कुंभ राशि पर संचार करेगा।
  • दिन -शुक्रवार
  • माह- आश्विन
  • व्रत- विजय दशमी,दशहरा

शुभ समय

  • अभिजीत मुहूर्त-11:20 AM से 12:07 PM
  • अमृत काल-10:55 PM से 12:32 AM
  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:17 AM, से 05:06 AM

शुभ योग

  • सर्वार्थ सिद्धि योग-05:56 AM से 09:16 AM
  • रवि पुष्य योग - पूरे दिन
  • अमृतसिद्धि योग-नहीं है
  • त्रिपुष्कर योग- नहींं
  • द्विपुष्कर योग-नहीं है

अशुभ समय

  • राहु काल-10:46 AM से 12:12 PM तक
  • कालवेला / अर्द्धयाम- 14:25 से 15:12 तक
  • दुष्टमुहूर्त- 08:15से 09:01 तक, 12:06 से 12:53 तक
  • कुलिक- 7:53 AM से 9:19 PM तक
  • भद्रा-05:46 AM से 05:57 AM
  • यमगण्ड- 14:37 से 16:04 तक
  • गुलिक काल-07:23 से 08:49 तक
  • गंडमूल-नहीं

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

चर – 06:27 AM से 07:53 AM तक

लाभ – 07:53 AM से 09:20 AM तक

अमृत – 09:20 AM से 10:46 AM तक

काल – 10:46 AM से 12:12 PM तक

शुभ – 12:12 PM से 13:38 PM तक

रोग – 13:38 PM से 15:05 PM तक

उद्बेग – 15:05 PM से 16:31 PM तक

चर – 16:31 PM से 17:57 PM तक

रात का चौघड़िया

रोग – 17:57 PM से 19:31 PM तक

काल – 19:31 PM से 21:05 PM तक

लाभ – 21:05 PM से 22:39 PM तक

उद्बेग – 22:39 PM से 00:12 AM तक

शुभ – 00:12 AM से 01:46 AM तक

अमृत – 01:46 AM से 03:20 AM तक

चर – 03:20 AM से 04:54 AM तक

रोग – 04:54 AM से 06:28 AM तक

पंचांग क्या होता है?


पंचांग ज्योतिष के पांच अंगों का मेल है। जिसमें तिथि,वार, करण,योग और नक्षत्र का जिक्र होता है। हर दिन की तिथि का निर्धारण सूर्य और चंद्मा में भेद के आधार पर होता है और पंचांग के आधार पर हर दिन के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करते हैं। इसके आधार पर अपने काम को आसान बनाते हैँ। आज का पंचांग में तिथि, पक्ष, माह, नक्षत्र भी देखना जरुरी होता है। क्योंकि हर एक शुभ कार्य के लिए अलग अलग नक्षत्र होता है। सूर्योदय से दूसरे दिन सूर्योंदय के कुछ पहर पहले तक ही एक तिथि मानी जाती। चंद्रमा का स्थान जिस दिन चंद्रमा जिस स्थान पर होता है। उस दिन वही नक्षत्र और राशि मानी जाती है। चंद्रमा एक राशि में ढ़ाई दिन तक रहते हैं।

तिथि वारं च नक्षत्रं योगं करणमेव च।

पंचांगस्य फलं श्रुत्वा गंगा स्नानं फलं लभेत् ।।

आदिकाल में ही इस श्लोक के माध्यम से पंचांग को परिभाषित किया है।

  • तिथि- पंचांग का पहला अंग तिथि है। जो 16 है। इनमें पूर्णिमा और अमावस्या दो प्रमुख तिथियां है। जो दो पक्षों का निर्धारण करते हैं। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। पूर्णिमा और अमावस्या दोनों तिथि माह में एक बार आती है।
  • नक्षत्र- नक्षत्र 27 होते हैं। लेकिन एक मुहूर्त अभिजीत नक्षत्र है जो शादी विवाह के समय देखा जाता है। इसे मिला कर 28 नक्षत्र भी कहे जाते है।
  • योग- 27 होते है। मनुष्य के जीवन में योग का बहुत महत्व है।
  • करण- 11 होते हैं। 4 स्थिर व 7 परिवर्तनशील है।
  • वार- सप्ताह में 7 दिन होते हैं। जो रविवार से शुरू, सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, और शनिवार पर खत्म होते हैं।


15 अक्टूबर का दिन आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि लग रही है। आज के दिन कोई भी शुभ काम करना हो तो कर सकते हैं। आज का दिन हर दृष्टि से शुभ फलदायी है। अगर किसी शुभ काम को शुरू करना हो, गाड़ी, मकान वस्त्र -आभूषण कुछ भी खरीदना हो तो यहां जान लीजिए शुभ मुहूर्त और अशुभ मुहूर्त। शुक्रवार के दिन कुछ लोगों के लिए भाग्यशाली रहने वाला है।

aaj ka pannchang, Aaj ka panchang 15 October 2021, आज का पंचांग, आज का पंचांग, 15 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त , 15 अक्टूबर 2021 का पंचांग , 2021 तिथि 15 October 2021 Ko Kaun Si Tithi Hai, 15 October r 2021 Panchang In Hindi, 15 October ko koun si tithi hai, hariyali teej ka shubh muhurat, 15 October 2021 Shubh Muhurat, Shubh Yog,15 अक्टूबर 2021 का चौघड़िया, 15 October2021 Ka Choghadiya, 15 अक्टूबर 2021 का पंचांग,15 अक्टूबर २०२१ पञ्चाङ्ग,15 अक्टूबर 2021 हिन्दू पंचांग, 15 अक्टूबर 2021 शुभ मुहूर्त शुभ योग, 15 October 2021 Shubh Muhurat Shubh Yog



Suman  Mishra | Astrologer

Suman Mishra | Astrologer

Next Story