दक्षिण अफ्रीका की सिंगर वंदना नारन ने हनुमान चालीसा को 6 धुनों में गाया, वीडियो वायरल

अमेरिका में वंदना ने अपनी बहन जागृति के साथ शास्त्रीय संगीत की बचपन में ही ट्रेनिंग ली है। वहां उनके पिता ने 4 साल तक रहे । इसके बाद वे लोग दक्षिण अफ्रीका आ गए तो संगीत में वंदना की रुची बढ़ गई।

Published by suman Published: April 24, 2019 | 4:53 am
Modified: April 24, 2019 | 4:58 am

जयपुर: हनुमान चालीसा और बजरंगबली का ध्यान हर किसी को करना चाहिए  और जीवन में निराशा को दूर करने के लिए हनुमान चालीसा का नित्य पाठ बेहतर उपाय है। साधारणतया  हनुमान चालीसा को जो भी गाता है एक ही धुन में गाता है। लेकिन इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें हनुमान चालीसा 6 अलग-अलग धुनो में सुनाई दे रही है। इसे गाने वाली एक भारतीय मूल की साउथ अफ्रिकन सिंगर है।

दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में करीब 35 भजन मंडलियों ने मिलकर लगातार 12 घंटे तक भजन गाया। हर भजन मंडली को 20-20 मिनट का समय दिया गया था। इसमें भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी गायिका वंदना नारन ने छह धुनों पर हनुमान चालीसा गाई। ये धुनें अलग-अलग उम्र के लोगों के अनुसार बनाई गई हैं। जैसे बुजुर्गों के लिए पारंपरिक धुन है तो युवाओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक। वंदना ने दोनों तरह का संगीत सीखा है। पूर्व अफ्रीकी राष्ट्रपति नेलसन मंडेला की 150वीं पुण्यतिथि पर भी भी वंदना, उनकी बहन जागृति, पिता जगदीश भजन प्रस्तुत कर चुके हैं।

भारतीय है हनुमान चालीसा गाने वाली महिला
6 धुनों में हनुमान चालीसा गाकर चर्चा में आई इस महिला का नाम वंदना नारन है। उनके इस गाने की एक सीडी भी लॉन्च हुई है। वीडियो 21 अप्रैल का है जब जोहान्सबर्ग के साउथ में स्थित इंडियन टाउनशिप लेनासिया में वार्षिक संयुक्त हनुमान चालीसा कार्यक्रम में 6 धुनों में से कुछ की प्रस्तुती दी थी। वीडियो में हनुमान चालीसा के बोल वहीं हैं लेकिन धुन अलग-अलग है।

इस सिंगर वंदना के अनुसार इस सीडी में हनुमान चालीसा की  सभी धुनों को एकसाथ रखने का फैसला किया, ताकि यह अलग-अलग आयु वर्गों के लोगों को आकर्षित कर सके।’ ‘पारम्परिक धुन बुजुर्गों के लिए, युवाओं के लिए इसमें अधिक आधुनिक संगीत है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक संगीत का उपयोग किया गया है।
अमेरिका में वंदना ने अपनी बहन जागृति के साथ शास्त्रीय संगीत की बचपन में ही ट्रेनिंग ली है। वहां उनके पिता ने 4 साल तक रहे था। इसके बाद वे लोग दक्षिण अफ्रीका आ गए तो संगीत में वंदना की रुची बढ़ गई। वंदना गायिकी करने लगीं और जागृति संगीत रचना। उनका पूरा परिवार संगीत में रुची रखता है।