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सरकारी अस्पताल का कारनामा, जिंदा शख्स को बताया मृत, ऐसे खुला राज

पीएमसीएच ने एक जिंदा व्यक्ति का डेथ सर्टिफिकेट बनाकर परिवार को शव सौंप दिया। बाद में खुलासा हुआ कि मरीज जिंदा है।

Shreya

ShreyaPublished By Shreya

Published on 12 April 2021 12:00 PM GMT

सरकारी अस्पताल का कारनामा, जिंदा शख्स को बताया मृत, ऐसे खुला राज
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सरकारी अस्पताल का कारनामा, जिंदा शख्स को बताया मृत, ऐसे खुला राज (प्रतीकात्म फोटो- सोशल मीडिया)

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पटना: देश में लगातार तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से जब अस्पतालों और श्मशान में जगह कम पड़ने लगी है, इस बीच बिहार की राजधानी पटना के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच से एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में लापरवाही इस कदर बढ़ गई है कि यहां पर जीवित व्यक्ति का डेथ सर्टिफिकेट बनाया जा रहा है।

यही नहीं, परिजनों को उसका शव भी सौंपा जा रहा है। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब परिजन दाह संस्कार के लिए पहुंचे। अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट में लाइन लगाए परिवार ने जब मृत शख्स का चेहरा देखा तो हक्का बक्का रह गया। गया। दरअसल, पीपीई किट में लिपटा शव उस शख्स का था ही नहीं, जिसका वो अंतिम संस्कार कराने पहुंचे थे।

ये है पूरा मामला

राजधानी पटना के बाढ़ के मोहमदपुर के निवासी चुन्नू कुमार का बीते साल दिसंबर में पैर टूट गया था। जिसके बाद वो घर पर ही इसका इलाज करा रहे थे। 9 अप्रैल को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पटना के पीएमसीएच अस्पताल लाया गया। ड़ॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन हेमरेज होने की बात कही थी, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें 9 अप्रैल को पीएमसीएच में भर्ती करा दिया।

हॉस्पिटल में एडमिट करने के समय मरीज का कोविड-19 टेस्ट भी कराया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। उसके बाद चुन्नू कुमार को कोरोना वार्ड में भर्ती किया गया। कोरोना का मरीज होने के नाते परिवार को चुन्नू कुमार से मिलने नहीं दिया जाता था। डॉक्टरों ने शनिवार तक मरीज की सेहत में सुधार होने की बात कही, लेकिन रविवार सुबह बताया कि मरीज की तबीयत खराब हो रही है।

सरकारी अस्पताल की बड़ी लापरवाही (प्रतीकात्मक फोटो- सोशल मीडिया)

श्मशान घाट पर हुआ खुलासा

इसके एक घंटे बाद ही अस्पताल ने उन्हें मृत करार दे दिया और आनन-फानन में डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया। फिर शव को पीपीई किट में पैक कर परिजन को सौंप दिया। जब परिजन अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे चुन्नू कुमार के बेटे ने मुखाग्नि देने से पहले अपने पिता का चेहरा देखने की बात कही। इसके बाद जो हुआ, उसे देख परिवार वालों के होश ही उड़ गए।

दरअसल, जब मृतक के शव से कपड़ा हटाया गया तो बेटे ने देखा कि वो उसके पिता है ही नहीं। जिसके बाद परिजन लाश को फिर पीएमसीएच लेकर पहुंचे और उस लाश को पोस्टमॉर्टम रूम में रख दिया गया। हालांकि चुन्नू के परिजन परेशान हो गए कि आखिर उनका शव कहां गया। इसके बाद जब वो कोरोना वार्ड पहुंचे तो पता चला कि चुन्नू सही सलामत हैं।

इसके बाद पूरे अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। घटना पर पीएमसीएच अधीक्षक आई एस ठाकुर ने प्रबंधन की गलती मानते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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