बजट 2019

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को बजट पेश किया था। इसके बाद से शेयर बाजार में गिरावट जारी है जिसकी वजह शेयरों में निवेश करने वालों की संपत्ति में 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा स्वाहा हो चुका है।

ऐसा पहली बार देखा जा रहा है कि भारत सरकार एक निर्धारित लक्ष्य और उद्देश्य के साथ काम करना चाह रही है और देश की अर्थव्यवस्था को 2025 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य इस दिशा में पहला कदम दिख रहा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार ने निसंदेह ही कुछ ढांचागत परिवर्तन के प्रस्ताव रखे हैं।

सरकारी खजाने में आने वाले प्रत्येक एक रुपये में 68 पैसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों से आएगा जबकि खर्च के तौर पर करों और शुल्कों में राज्यों का हिस्से में सबसे ज्यादा 23 पैसे जाएंगे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में 2019-20 के लिए बजट पेश किया। सत्ता पक्ष ने बजट की जमकर तारीफ की है और इसे न्यू इंडिया का बजट बताया है। दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने इसे पुराने वादों का दोहराव और 'नई बोतल में पुरानी शराब' करार दिया है।

सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिये एक फरवरी को पेश किये गए अपने अंतरिम बजट में लोकपाल के लिये वर्ष 2018-19 में निर्धारित 4.29 करोड़ रुपये की राशि में फेरबदल नहीं किया था।

केंद्र सरकार आम लोगों की सुविधा के लिए जल्द ही 20 रुपये तक के नए सिक्कों को जारी करेगी। इसके साथ ही महिलाओं के लिए ओवर ड्राफ्ट की सुविधा दी जाएगी। वहीं अब रियल एस्टेट सेक्टर में लोन देने वाली कंपनियां आरबीआई की निगरानी में होंगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को आम बजट पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में सोने और अन्य बहुमूल्य धातुओं पर सीमा शुल्क 10 से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया। इससे घरेलू बाजार में सोना और आभूषण महंगे होंगे।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान रेलवे के लिए कई महत्वपूर्ण ऐलान किए। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल और मेट्रो प्रोजेक्ट में पीपीपी मॉडल के जरिए निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजट में रेलवे ट्रैक के लिए पीपीपी मॉडल को मंजूरी प्रदान कर दी है।

शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट पेश कर दिया। दो घंटे 10 मिनट के बजट भाषण में निर्मला सीतारमण ने कई नई योजनाओं के एलान के साथ कई वस्तुओं के काम घटाने और बढ़ाने की घोषणा की।

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने जैसे ही बजट को पेश किया, 100 अंकों की तेजी में कारोबार कर रहे शेयर बाजार में मायूसी छा गई और लगभग 200 अंकों के निचले स्तर पर ट्रेंड करने लगा। रियल्टी, ऑइल एंड गैस सेक्टर, फॉर्मा इेडेक्स, फर्टिलाइजर्स, ऑटो सेक्टर, आईटी सेक्टर, बैंकेक्स और मेटल कंपनियों के शेयर्स में भारी गिरावट देखी गई। हालांकि रेलवे शेयर्स में मिलाजुला रुख रहा है।