बिज़नेस

वैसे अगर आपके पास सोना कमाई से ज्‍यादा है तो ऐसी स्थिति में आपको प्रॉपर्टी टैक्स ज्यादा देना पड़ेगा। हालांकि, गोल्‍ड डिपॉजिट स्‍कीम (R-GDS) में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। यही नहीं, इस योजना में किसी तरह का पूंजीगत लाभ टैक्स या इनकम टैक्स भी लागू नहीं है।

अब रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) काफी बड़ी कंपनी बन गयी है, जोकि महज 1000 रुपये शुरू की गयी थी। अब रिलायंस इंडस्ट्रीज पेट्रोलियम अन्वेषण और उत्पादन, पेट्रोलियम शोधन और विपणन, पेट्रोकेमिकल्स, खुदरा और दूरसंचार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कार्यरत है।

वैसे रिलायंस की एनुअल जनरल मीटिंग में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी का साथ देने उनकी पत्नी नीता अंबानी तो मौजूद थीं। साथ में, अंबानी का हौसला बढ़ाने के लिए एनुअल जनरल मीटिंग में उनकी मां कोकिलाबेन अंबानी भी शामिल हुईं।

राजिंदर गुप्ता की कंपनी ट्राइडेंट ग्रुप अकेली नहीं है, जो जम्मू-कश्मीर में निवेश करना चाहती हो। एशिया की सबसे बड़ी हेलमेट निर्माता कंपनी स्टीलबर्ड हाईटेक ने भी कश्मीर में कंपनी खोलने का प्रस्ताव सामने रखा है।

उधर, फ्रांस की अर्थव्यवस्था साल 2018 में 7.33 फीसदी बढ़ी। यह साल 2017 से 2.48 फीसदी ज्यादा है। जी हां, साल 2017 की अर्थव्यवस्था 4.85 फीसदी थी। विश्व बैंक के ताजा आकड़े कहते हैं कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था 2018 में 2.82 ट्रिलियन डॉलर हो गयी है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सर्वे के अनुसार, भुवनेश्वर में घर खरीदना जितना आसान है, वो मुंबई में उतना ही मुश्किल है। बता दें कि  RBI ने आवासीय संपत्ति मूल्य निगरानी सर्वे (आरएपीएमएस) किया है।

फाइनेंशियल प्लानर्स की मानें तो किसी भी व्यक्ति को अपनी सैलरी का 80 फीसदी ही खर्च करना चाहिए। फेस्टिव सीजन के दौरान अगर किसी ने ज्यादा शॉपिंग की है और घर का बजट गड़बड़ा गया है तो घबराने की बात नहीं हैं।

नई दिल्ली: मजबूत वैश्विक रुख के बीच सटोरियों के सौदे बढ़ाने से बृहस्पतिवार को वायदा कारोबार में चांदी 141 रुपये उछल कर 38,461 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। यह भी पढ़ें: हो गया खुलासा! ये हैं सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कविता के रचयेता मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सितंबर महीने की डिलिवरी वाली चांदी …

उल्लेखनीय है कि फरवरी में पेश 2019-20 को पेश अंतरिम बजट अनुमान की तुलना में शुक्रवार 5 जुलाई को पेश पूर्ण बजट में 6,000 करोड़ रुपये अधिक राजस्व की प्राप्ति का अनुमान लगाया गया है।

नई दिल्ली: यूपीआई जानी यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस डिजिटल पेमेंट का तेज, आसान और सुरक्षित जरिया माना जाता है लेकिन अब जालसाजों ने इसमें भी सेंध लगा दी है। हाल के दिनों में यूपीआई पेमेंट के लिए फोन-पे जैसे एप, ओएलएक्स जैसे ऑनलाइन क्लासीफाइड पोर्टल और नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया के पास जालसाजी की शिकायतें …