डाटा क्षमता का लाभ लेने हेतु निजी कंपनियों के लिए शीघ्र ही डाटा सेंटर पार्क नीति

वित्त मंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट-ऑफ-थिंग्स (आईओटी), 3-डी प्रिंटिंग, ड्रोन, डीएनए डाटा स्टोरेज, क्वांटम कम्प्युटिंग जैसी प्रौद्योगिकियां विश्व की अर्थव्यवस्था की पटकथा लिख रही हैं।

डाटा सेंटर पार्क

नई दिल्लीः केन्द्री य वित्तक एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्तग वर्ष 2020-21 का केन्द्रीरय बजट पेश करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अभिनव अर्थव्यवस्था परिवर्तनों पर जोर दिया है। निर्मला सीतारमण ने नई प्रौद्योगिकियों का लाभ लेने के लिए सरकार के द्वारा आगामी उपायों का प्रस्ताव दिया है। जिसमें डाटा क्षमता का लाभ लेने हेतु निजी कंपनियों के लिए शीघ्र ही डाटा सेंटर पार्क नीति भी लाया जाना शामिल है।

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वित्त मंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट-ऑफ-थिंग्स (आईओटी), 3-डी प्रिंटिंग, ड्रोन, डीएनए डाटा स्टोरेज, क्वांटम कम्प्युटिंग जैसी प्रौद्योगिकियां विश्व की अर्थव्यवस्था की पटकथा लिख रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने पारम्परिक व्यवसायों के स्थानों पर एग्रीगेटर मंचों के साथ सांझी अर्थव्यवस्था जैसे नये प्रतिमान पहले ही अपना लिये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और वित्तीय समावेशन में सक्षम होने के लिए नई प्रौद्योगिकियों का दोहन किया है और वह भी उस पैमाने पर जिसकी पहले कभी किसी ने कल्पना नहीं की थी।

डाटा का लाभ लेने के लिए प्रस्ताव

डाटा इज द न्यू ऑयल के महत्व को उल्लेखित करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि एनालिटिक्स, फिनटेक और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) ने हमारी जीवनशैली में महत्वपूर्ण रूप से परिवर्तन ला दिया है। उन्होंने डाटा क्षमता का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित उपायों का प्रस्ताव दियाः-

• निजी क्षेत्र को देश भर में डाटा सेंटर पार्क स्थापित करने में सक्षम बनाने के लिए जल्द ही एक नई नीति लाई जाएगी। इससे कंपनियां अपनी मूल्य श्रृंखला के प्रत्येक चरण में आंकड़ों को कुशलता के साथ समाविष्ट करने में सक्षम होंगी।

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• भारतनेट के माध्यम से फाइबर टू द होम (एफटीटीएच) के साथ इस वर्ष 1,00,000 ग्राम पंचायतों को जोड़ा जाएगा। इससे आंगनबाड़ियों, स्वास्थ्य और आरोग्य केन्द्रों, सरकारी स्कूलों, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों, डाकघरों और पुलिस स्टेशनों को डिजिटल कनेक्टिविटी प्रदान करने के स्वप्न को साकार किया जाएगा। श्रीमती निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2020-21 में भारतनेट प्रोग्राम के लिए 6,000 करोड़ रुपये प्रदान करने का प्रस्ताव दिया।

स्टार्टअप्स के लिए प्रस्ताव

ज्ञान प्रेरित उद्यमों के आधार के विस्तार के क्रम में वित्त मंत्री ने बौद्धिक संपदा सृजन और संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।

इस संदर्भ में उन्होंने स्टार्टअप के लाभ हेतु विभिन्न उपायों का प्रस्ताव दियाः

• एक ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म को प्रोत्साहन दिया जाएगा, जो आईपीआर के निर्बाध अनुप्रयोग और अभिग्रहण को सुसाध्य बनाएगा। उत्कृष्टता संस्थान में एक ऐसा केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जो बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में जटिलता और नवोन्मेष पर कार्य करेगा।

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• नवीन और उभरते हुए क्षेत्रों सहित विभिन्न प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में नॉलेज ट्रांसलेशन कलस्टर स्थापित किए जाएंगे।

• अवधारणा के साक्ष्य की डिजाइनिंग, इनके निर्माण और वैधीकरण के लिए और इन टेस्ट बेड्स को संपोषित करते हुए प्रौद्योगिकी कलस्टरों का स्तर आगे बढ़ाने के लिए छोटे पैमाने पर विनिर्माण कार्य सुविधा केन्द्रों की स्थापना की जाएगी।

• भारत के जेनरिक लैंडस्केप की मैपिंग के लिए दो राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान योजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा, जो आगामी पीढ़ी की चिकित्सा, कृषि और जैव विविधता प्रबंधन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस विकास कार्य को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक डाटा बेस सृजित किया जाएगा।

• स्टार्टअप्स के पहले चरण के उद्भावन और विकास को बढ़ावा देने के लिए सीड फंड सहित प्रारम्भिक निधि पोषण प्रदान करने का भी प्रस्ताव है।

क्वांटम प्रौद्योगिकी के लिए प्रस्ताव

वित्त मंत्री ने कहा कि क्वांटम प्रौद्योगिकी कम्प्युटिंग, संचार, साइबर सुरक्षा के साथ-साथ व्यापक स्तर के अनुप्रयोगों में नये मार्ग खोल रही हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अनेक वाणिज्यिक अनुप्रयोगों के उभरने की उम्मीद है। निर्मला सीतारमण ने क्वांटम प्रौद्योगिकियों और अनुप्रयोगों पर राष्ट्रीय अभियान के लिए 5 वर्ष की अवधि हेतु 8,000 करोड़ रुपये के परिव्यय प्रदान करने का प्रस्ताव दिया।