म्यांमार के चमगादड़ों में खोजे गए 6 नए कोरोनावायरस

‘प्रेडिक्ट’ नामक ये प्रोग्राम उन संक्रामक बीमारियों का पता करने के लिए चलाया जा रहा है जो जीव-जंतुओं से इनसानों में ट्रान्सफर हो सकती हैं। ऐसी बीमारियों को इनसानों में फैलाने की सबसे बड़ी क्षमता चमगादड़ों में ही होती है क्योंकि चमगादड़ उन स्तनधारियों में हैं जिनमें अभी तक खोजे गए हजारों कोरोना वायरस निवास करते हैं।

नई दिल्ली। दुनिया अभी कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है और इसी बीच वैज्ञानिकों ने म्यांमार में चमगादड़ों में छह एकदम नए कोरोना वायरस की खोज की है।

ये छहों वायरस सार्स-कोव-2 वायरस फ़ैमिली के ही सदस्य हैं। सार्स-कोव-2 ही अभी दुनिया भर में फैला हुआ है। शोधकर्ताओं ने कहा है कि नए खोजे गए वायरस सार्स-कोव-2, सार्स या मर्स कोरोना वायरस के आनुवंशिक रूप से निकट संबंधी नहीं हैं। सार्स, मर्स और सार्स-कोव-2 से ही मनुष्यों में गंभीर संक्रमण होते हैं।

सबसे ज्यादा खतरा चमगादड़ से

शोधकर्ताओं ने म्यांमार सरकार के एक शोध प्रोग्राम के तहत चमगादड़ों का सर्वेक्षण करते समय नए वायरस की खोज की। ‘प्रेडिक्ट’ नामक ये प्रोग्राम उन संक्रामक बीमारियों का पता करने के लिए चलाया जा रहा है जो जीव-जंतुओं से इनसानों में ट्रान्सफर हो सकती हैं।

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ऐसी बीमारियों को इनसानों में फैलाने की सबसे बड़ी क्षमता चमगादड़ों में ही होती है क्योंकि चमगादड़ उन स्तनधारियों में हैं जिनमें अभी तक खोजे गए हजारों कोरोना वायरस निवास करते हैं। कोविड-19 बीमारी की जड़ में जो सार्स-कोव-2 वायरस है वह भी मनुष्यों में चमगादड़ों से आया है।

464 चमगादड़ों से लिए गए नमूने

2016 और 2018 के बीच शोधकर्ताओं ने कम से कम 11 विभिन्न प्रजातियों के 464 चमगादड़ों से लार और गुआनो (चमगादड़ मल) के सैकड़ों नमूने एकत्र किए। शोधकर्ताओं ने म्यांमार के ऐसे तीन स्थानों पर सैंपल लिये जहां इनसानों और वन्य जीवों के बीच निकट संपर्क होता है। म्यांमार के इन इलाकों में लोग खाद बनाने के लिए चमगादड़ मल को एकत्र करते हैं।

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शोधकर्ताओं ने ‘प्लोसवन’ शोध पत्रिका में 9 अप्रैल को प्रकाशित अपने अध्ययन में लिखा है, “इन स्थानों में से दो में गुफायें भी थीं, जहां लोग गुआनो जमा करने, धार्मिक प्रथाओं में हिस्सा लेने और इकोटूरिज्म के माध्यम से चमगादड़ों के संपर्क में आते हैं।“

नए नए वायरस

शोधकर्ताओं ने इन नमूनों से आनुवांशिक अनुक्रमों का विश्लेषण किया और उनकी तुलना ज्ञात कोरोना वायरस के जीनोम से की। नए वायरस चमगादड़ों की तीन प्रजातियों में पाए गए: ग्रेटर एशियाटिक येलो हाउस बैट (स्कोटोफिलस हेथि) जिसमें प्रेडिक्ट-कोव-90 पाया गया, रिंकल-लिप्ड फ़्री-टेल्ड बैट (चेरफॉन प्लिकैटस) जिसमें प्रेडिक्ट-कोव-47 और 82 मिला। तीसरी प्रजाति थी हॉर्सफ़ील्ड का लीफ़-नोज़्ड बैट (हिप्पोसाइडेरोस लार्वाटस), जिसमें प्रेडिक्ट-कोव-93 और 96 था। शोधकर्ताओं ने कहा कि इन छह नए वायरस की क्षमता को समझने के लिए अधिक शोध की आवश्यकता है।