कोरोना से न तो डरें ना ही डराएं, बल्कि इम्युनिटी बढाएं

कोरोना वायरस से ना तो किसी को डरना है और ना ही किसी को डराना है। बल्कि इससे बचाव के लिए लोगों को अपनी इम्युनिटी को बढ़ाना होगा।

लखनऊ: अवधनगरी  के प्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर रेहान अहमद का कहना है कि कोरोना वायरस से ना तो किसी को डरना है और ना ही किसी को डराना है। बल्कि इससे बचाव के लिए लोगों को अपनी इम्युनिटी को बढ़ाना होगा।

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घबराने की जरूरत नहीं

उन्होंने लोगों से कोरोना से बचाव के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करने की अपील भी की है। डॉक्टर रेहान का कहना है यदि किसी को खांसी अथवा हल्का बुखार होता है तो इससे घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि फोन पर ही चिकित्सक को संपर्क करने की आवश्यकता है। जब बुखार अत्यधिक तेज हो व साथ में सूखी खांसी और सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

बचाव और सावधानी आवश्यक

उनका कहना है कि हर बुखार कोरोना नहीं है परंतु इस समय बचाव और सावधानी आवश्यक है। कोरोना  युवाओं को नहीं हो सकता है तथा यह केवल बुजुर्गों एवं बच्चों को प्रभावित करता है यह तथ्य कतई उचित नहीं है। कोरोनावायरस से किसी भी उम्र का वयक्ति संक्रमित हो सकता है इसलिए इससे सभी को बचकर रहने की आवश्यकता है।

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ऐसे लोगों को विशेष सावधान रहने की आवश्यकता

उनका कहना है कि बुजुर्ग तथा बच्चों को एवं कमजोर सेहत वाले लोगों को व जिनको पहले से कुछ बीमारियां हैं उन्हें विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है। युवा इससे प्रभावित हो सकते हैं  परंतु रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होने कारण  वे शीघ्र  स्वस्थ भी हो जाते हैं। उनका कहना है कि अस्थमा डायबिटीज हृदय रोग के रोगियों व सिगरेट शराब का सेवन करने वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता है। डॉ. रेहान का कहना है की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कोरोना से बेहतर तरीके से लड़ा जा सकता है। उससे होने वाले प्रभावों को कम किया जा सकता है।

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प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए गिलोय का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से भीड़ भाड़ वाली जगह जाने से बचने, मास्क का प्रयोग करने, अपने हाथों को कई बार साबुन से धोने अथवा सेनेटाइज करने तथा आंख नाक मुह को छूने से बचने की भी अपील की है। उनका कहना है कि छीकते और खांसते समय हाथ के स्थान पर मुड़ी हुई कोहनी का प्रयोग किया जाना चाहिए।

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