कोरोना से जंग: बीस लाख सुरक्षा स्टोर की योजना, यहां मिलेंगी सारी चीजें

कोरोना के खिलाफ जंग को कामयाब बनाने के लिए सरकार बीस लाख सुरक्षा स्टोर शुरू करने जा रही है। इसका मकसद कोरोना का सामुदायिक संक्रमण रोकना है। केंद्र सरकार की पूरे देश में ऐसे सुरक्षा स्टोर खोलने की योजना है।

नई दिल्ली: कोरोना के खिलाफ जंग को कामयाब बनाने के लिए सरकार बीस लाख सुरक्षा स्टोर शुरू करने जा रही है। इसका मकसद कोरोना का सामुदायिक संक्रमण रोकना है। केंद्र सरकार की पूरे देश में ऐसे सुरक्षा स्टोर खोलने की योजना है। इन दुकानों में सुरक्षा के सारे उपाय किए जाएंगे और यहां आने वालों को जरूरत की सारी चीजें मुहैया कराई जाएंगी।

पीपीपी मॉडल पर खुलेंगी दुकानें

केंद्र सरकार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत इस योजना को लागू करने की तैयारी में है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के सचिव पवन कुमार अग्रवाल को इस योजना को अमली जामा पहनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अग्रवाल इस बारे में बड़ी एफएमसीजी कंपनियों के साथ पहले दौर की बातचीत भी कर चुके हैं।

केंद्र सरकार की इस बड़ी योजना के तहत दुकानों को सैनिटाइज रिटेल स्टोर में बदला जाएगा। सरकार ने इस योजना में प्राइवेट फर्मों को शामिल करने का फैसला किया है। सरकार लोगों तक उनकी जरूरत के सामान पहुंचाने के लिए सप्लाई चेन के हर स्तर पर सावधानी बरतने की कोशिश कर रही है।

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45 दिनों में खोलने की कोशिश

इस बाबत पूछने पर अग्रवाल ने यह तो स्वीकार किया कि सरकार सुरक्षा स्टोर खोलने के प्लान पर काम कर रही है मगर उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया। योजना के बारे में जानकार सूत्रों ने बताया कि सरकार अगले 45 दिनों में बीस लाख सुरक्षा स्टोर खोलने की कोशिश में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए एक एफएमसीजी कंपनी को एक या दो राज्यों की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

कई शर्तों का करना होगा पालन

सुरक्षा स्टोर खोलने का मकसद कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही जंग को कामयाब बनाना है। इसलिए सुरक्षा स्टोर की चेन में शामिल होने के लिए रिटेल स्टोर को स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी कई शर्तों का पालन करना होगा। इन शर्तों को काफी सोच विचार कर तय किया जा रहा है।
इनमें दुकान के बाहर डेढ़ मीटर की सोशल डिस्टेंसिंग, बिलिंग काउंटर, स्टाफ के सभी सदस्यों के लिए मास्क, सैनिटाइजर का इस्तेमाल और दिन में कम से कम दो बार हाई टच एरिया का सैनिटाइजेशन शामिल होगा। इन शर्तों को पूरा करने वाले को ही सुरक्षा स्टोर खोलने की इजाजत दी जाएगी।

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सैलून तक की होगी सुविधा

उपभोक्ता मंत्रालय इन सुरक्षा स्टोरों को बड़ा रूप देने की कोशिश में जुटा हुआ है। इसके तहत इन सुरक्षा स्टोरों में सिर्फ ग्रॉसरी से जुड़ी जरूरतें ही नहीं पूरी होंगी बल्कि इनमें कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, कपड़े और सैलून तक की सुविधा भी उपलब्ध होगी। एक बड़ी एफएमसीजी कंपनी के अधिकारी ने भी सुरक्षा स्टोर खोलने की सरकार की योजना की पुष्टि की है। नाम न बताने की शर्त पर उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षा स्टोर के साथ ही सुरक्षा सर्किल भी शुरू करने जा रही है।

50 एफएमसीजी कंपनियों से बातचीत

जानकार सूत्रों का कहना है कि इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। उपभोक्ता मंत्रालय इस योजना के लिए 50 से अधिक एफएमसीजी कंपनियों के साथ बातचीत कर चुका है। एक एफएमसीजी कंपनी के अधिकारी ने कहा कि हम इस योजना में सरकार के साथ हैं और सुरक्षा स्टोर खोलने के लिए अपनी रजामंदी दे चुके हैं।

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स्टाफ को पहले देनी होगी ट्रेनिंग

एफएमसीजी कंपनियों को सुरक्षा स्टोर खोलने से पहले स्टाफ के सारे सदस्यों को ट्रेनिंग देने के लिए कहा गया है। स्टोर का काम शुरू करने से पहले उन्हें स्टाफ के लिए हेल्थ किट्स जैसे मास्क, ग्लव्स और सैनिटाइजर का भी इस्तेमाल करना होगा। ‌ इस योजना में शामिल होने वाली दुकानों को सुरक्षा स्टोर का बोर्ड भी लगाना होगा। दुकान में स्वास्थ्य और सुरक्षा के उपायों की जानकारी देने वाले पोस्टर भी लगाने होंगे।

ग्राहकों के लिए करनी होगी यह व्यवस्था

सुरक्षा स्टोर में दुकानदारों को ग्राहकों के दुकान में घुसने से पहले हैंड सैनिटाइजर से हाथ धोने की व्यवस्था भी करनी होगी। साथ ही दुकान और बिलिंग काउंटर पर लोगों के बीच डेढ़ मीटर का अंतर रखने के सामुदायिक दूरी के नियम का पालन भी अनिवार्य रूप से करना होगा।