कोरोना वायरस

लॉकडाउन खोलने के मसले पर राहुल गांधी ने कहा कि आप तुरंत लॉकडाउन नहीं हटा सकते हैं, जहां पर हॉटस्पॉट हैं उन इलाकों में बड़ी ताकत के साथ टेस्ट करने होंगे। ताकि पहले एक हिस्से से खतरे को कम किया जा सके, तभी आप लॉकडाउन को धीरे-धीरे कम कर सकते हैं।

बुधवार को इस विवाद को लेकर रात काफी बीत चुकी थी इसलिए अब गुरुवार को पुलिस ने बीच का रास्ता निकाला और ऐशबाग की बजाए दूसरे कब्रिस्तान में शव को दफनाने की प्रक्रिया पूरी की गई।

इन दिनों जब से कोरोना वायरस अपने देश में आया है कुछ शब्द आपको रट गए होंगे जैसे जनता कर्फ्यू, लॉकडाउन, क्वारंटाइन आदि। लेकिन क्या आप लोग जानते हैं क्वारंटाइन शब्द कहां से आया है और इस्लाम में इसे क्या कहते हैं ये तो बिल्कुल नहीं पता होगा। तो चलिए आज इसी पर चर्चा करते हैं।

अब तक, केवल पांच श्रेणियों के लोगों को जिले में प्रवेश करने की अनुमति है - वे जो मृतक के साथ आते हैं,  मृतक के परिवार से मिलने आते हैं,  अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहते हैं, जो सरकारी अस्पतालों में क्वारंटाइन पूरा कर चुके हैं,  जिले के बाहर से कोविड-19 नेगेटिव प्रमाण पत्र के साथ आए हैं या जो अस्पतालों में अन्य बीमारी के लिए इलाज कर रहे हैं।

भाजपा के महासचिव व इंदौर के पूर्व विधायक कैलाश विजयवर्गीय और भाजपा की इंदौर की पूर्व सांसद और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने स्वीकार किया है कि "इंदौर शुरुआत में पिछड़ गया था", लेकिन अभी चीजें पटरी पर हैं।

राजधानी का यह इलाका पूरी तरह से हाट स्पाट वाला इलाका है। एसीएमओ डीपी त्रिपाठी ने बताया कि पॉजिटिव पाए गए संक्रमितों में से किसी की भी हालत गंभीर नहीं है। इनमें से अधिकतर संक्रमितों को स्वास्थ्य विभाग क्वारंटीन करा चुका है।

मौलाना साद पर देशभर में कोरोना फैलाने का तो आरोप है ही साथ ही देवबंदी उलमा भी इसके खिलाफ फतवा जारी कर चुके हैं। वर्तमान में मौलाना साद व उसके पांच सहयोगी फरार हैं। तब्लीगी जमात पर कई मुस्लिम मुल्कों में प्रतिबंध लगा हुआ है। आतंकवादियों से भी जमात के रिश्तों की बात सामने आती रही है।

कोरोना वायरस की दो तरह की टेस्टिंग जाती है। एक ब्लड सैंपल द्वारा और दूसरा तरीका है नाक के स्वैब का। अभी विश्व भर में नाक के स्वैब का तरीका ही अपनाया जा रहा  है। इसका फायदा ये है कि ये बहुत सटीक और तेजी से किया जा सकता है। बहुत शुरुआत में ही संक्रमण का पता लगाया जा सकता है।

खासकर उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए ये सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां लॉकडाउन उल्लंघन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहुत ही सख्त हैं। सूबे में लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर जेल तो जाना पड़ ही सकता है इसके अलावा भारी जुर्माना भी देना पड़ सकता है।

अमेरिका आज कोरोना वायरस की त्रासदी से कराह है उसने कोरोना प्रभावितों की संख्या और मौतों में तमाम देशों को पीछे छोड़ दिया है लेकिन क्या आपको पता है कि अमेरिका में कोरोना फैलाने के लिए जिम्मेदार कौन है। कौन है अमेरिकनों का दुश्मन नंबर एक।