कोरोना वायरस

मौलाना साद पर देशभर में कोरोना फैलाने का तो आरोप है ही साथ ही देवबंदी उलमा भी इसके खिलाफ फतवा जारी कर चुके हैं। वर्तमान में मौलाना साद व उसके पांच सहयोगी फरार हैं। तब्लीगी जमात पर कई मुस्लिम मुल्कों में प्रतिबंध लगा हुआ है। आतंकवादियों से भी जमात के रिश्तों की बात सामने आती रही है।

कोरोना वायरस की दो तरह की टेस्टिंग जाती है। एक ब्लड सैंपल द्वारा और दूसरा तरीका है नाक के स्वैब का। अभी विश्व भर में नाक के स्वैब का तरीका ही अपनाया जा रहा  है। इसका फायदा ये है कि ये बहुत सटीक और तेजी से किया जा सकता है। बहुत शुरुआत में ही संक्रमण का पता लगाया जा सकता है।

खासकर उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए ये सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां लॉकडाउन उल्लंघन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहुत ही सख्त हैं। सूबे में लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर जेल तो जाना पड़ ही सकता है इसके अलावा भारी जुर्माना भी देना पड़ सकता है।

अमेरिका आज कोरोना वायरस की त्रासदी से कराह है उसने कोरोना प्रभावितों की संख्या और मौतों में तमाम देशों को पीछे छोड़ दिया है लेकिन क्या आपको पता है कि अमेरिका में कोरोना फैलाने के लिए जिम्मेदार कौन है। कौन है अमेरिकनों का दुश्मन नंबर एक।

कोरोना के खिलाफ जंग को कामयाब बनाने के लिए सरकार बीस लाख सुरक्षा स्टोर शुरू करने जा रही है। इसका मकसद कोरोना का सामुदायिक संक्रमण रोकना है। केंद्र सरकार की पूरे देश में ऐसे सुरक्षा स्टोर खोलने की योजना है।

‘प्रेडिक्ट’ नामक ये प्रोग्राम उन संक्रामक बीमारियों का पता करने के लिए चलाया जा रहा है जो जीव-जंतुओं से इनसानों में ट्रान्सफर हो सकती हैं। ऐसी बीमारियों को इनसानों में फैलाने की सबसे बड़ी क्षमता चमगादड़ों में ही होती है क्योंकि चमगादड़ उन स्तनधारियों में हैं जिनमें अभी तक खोजे गए हजारों कोरोना वायरस निवास करते हैं।

देश में 24 मार्च की आधीरात से लागू लॉकडाउन 14 अप्रैल को रात 12 बजे खत्म हो रहा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद कई राज्यों ने वर्तमान कोरोना महामारी आपदा से निपटने के लिए लॉकडाउन की अवधि को 15 दिन और बढ़ा दिया है। लॉकडाउन बढ़ना तय है।

डाक्टरों ने अपनी स्टडी में पाया कि ऐसे मरीज पाये गए जो सब एहतियात बरत रहे थे लेकिन अन्जाने में अपने अपार्टमेंट के गेट, लिफ्ट, डिलीवरी पैकेज आदि छूने से संक्रमित हो गए। इसके अलावा जूतों के जरिये भी वायरस अपने घर या आफिस में ले आए थे। 

दुनिया भर में कोहराम मचाने वाले कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए तमाम देशों में मरीजों पर तरह-तरह के अध्ययन किए जा रहे हैं। इन अध्ययनों में तमाम ऐसी बातें पता चल रही है जो इस वायरस के बारे में कोई नया राज खोलने वाली होती हैं।

भारत में अब तक 7528 से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, तो वहीं 242 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 643 लोग ठीक हो चुके हैं। अगर केंद्र सरकार ने 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन नहीं किया होता, तो अब तक हालात बेहद खराब हो गए होते।