ये लॉकडाउन होगा कुछ अलग, बस इन नियमों का रखना होगा ध्यान

देश में 24 मार्च की आधीरात से लागू लॉकडाउन 14 अप्रैल को रात 12 बजे खत्म हो रहा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद कई राज्यों ने वर्तमान कोरोना महामारी आपदा से निपटने के लिए लॉकडाउन की अवधि को 15 दिन और बढ़ा दिया है। लॉकडाउन बढ़ना तय है।

देश में 24 मार्च की आधीरात से लागू लॉकडाउन 14 अप्रैल को रात 12 बजे खत्म हो रहा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद कई राज्यों ने वर्तमान कोरोना महामारी आपदा से निपटने के लिए लॉकडाउन की अवधि को 15 दिन और बढ़ा दिया है। लॉकडाउन बढ़ना तय है। इसे तबतक बढ़ाया जाएगा जबतक कि कोरोना की स्थिति नियंत्रण में नहीं आती है।

मौजूदा समय में लॉकडाउन को लेकर कई बातें सुनने में आ रही हैं। कोई कह रहा है लॉकडाउन में कुछ रियायतें मिलेंगी, तो वहीं दूसरा कह रहा है लॉकडाउन और सख्ती से लागू किया जाएगा। समझने की बात ये है कि लॉकडाउन, कर्फ्यू, सील एरिया, रेड जोन, हॉट स्पाट में क्या फर्क है। रियायतें मिलेंगी तो किस को मिलेंगी और सख्ती की जाएगी तो कौन लोग प्रभावित होंगे। लॉकडाउन में जनता की सहूलियत का ध्यान इस स्तर तक रखा जाता है ताकि महामारी न फैलने पाए।

इन नियमों के तहत लागू है लॉकडाउन

पहली बात तो यह है कि पूरे देश में वर्तमान लॉकडाउन महामारी अधिनियम 1897 के तहत लागू किया गया है। इसके अलावा आपदा अधिनियम भी लागू है। ये अधिनियम पूरे भारत पर लागू होता है।

दूसरी बात यह है कि इस अधिनियम का इस्तेमाल कोरोना महामारी का प्रसार रोकने के लिए किया गया है। इस अधिनियम को लागू करने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य लोगों की जान बचाना है।

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तीसरी बात जो सबसे महत्वपूर्ण है कि इस अधिनियम की धारा 2 राज्य सरकार को कुछ शक्तियां प्रदान करती है। इन शक्तियों का इस्तेमाल करके केंद्र और राज्य सरकारें महामारी को फैलने से रोकने के लिए अस्थायी नियम बनाकर लागू कर सकती हैं।

आप देख रहे हैं कि लॉकडाउन के दौरान लोगों से घर में रहने का अनुरोध किया जा रहा है। स्कूल कालेज सिनेमा हाल मॉल बाजार दुकानें फैक्ट्रियां, दफ्तर सब कुछ बंद हैं। लोगों से घर से काम करने के लिए कहा जा रहा है। सिर्फ जरूरी सामान लेने के लिए एक घर से एक आदमी को मास्क पहन कर निकलने की इजाजत है।

ये गलती न करना यूपी में सजा का भी है नियम

मोटेतौर पर इसे बिना सजा वाला कर्फ्यू कह सकते हैं लेकिन उत्तरप्रदेश में आप लॉकडाउन तोड़ने की गलती मत करना क्योंकि यहां पर छह महीने की सजा या जुर्माना भी है।

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लॉकडाउन के दौरान सरकार को जारी पास रद करने या सीमित समय के लिए इस्तेमाल की इजाजत देने का भी अधिकार रहता है। जैसे इस समय सुबह साढ़े नौ बजे से शाम साढ़े छह बजे के बीच सरकार ने सड़कों पर आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस दौरान जारी पास भी निलंबित रहेंगे।

हालांकि वर्तमान समय में बाहर निकलने वाले लोगों को पुलिस समझाकर वापस भेज रही है। लेकिन उत्तर प्रदेश प्रशासन ने ये कहा हुआ है कि लॉकडाउन के अंतर्गत कोई बाहर आता है तो छह महीने की सज़ा या जुर्मान लगाया जा सकता है।

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इसी तरह से महामारी का प्रसार रोकने के लिए कुछ इलाकों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। इन इलाकों के लोगों को कोई रियायत नहीं है। पुलिस उनके दरवाजे पर जरूरत की चीजें पहुंचवा रही है। इन क्षेत्रों की दुकानें पूरी तरह बंद है।

इन्हें पता ही नहीं क्या हो रहा है

वास्तव में लॉकडाउन देश की यंग आबादी के लिए एकदम नई चीज है जिसे समझने में लोगों को कुछ दिक्कतें आईं लेकिन धीरे धीरे लोगों की समझ में आने लगा है। एक बड़ी संख्या में लोग लॉकडाउन के नियमों को मान रहे हैं। इक्का दुक्का लोग ही निकलने की कोशिश कर रहे हैं जिन्हें समझाबुझाकर वापस भेजा जा रहा है।

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वर्तमान समय में लॉकडाउन में ज़रूरी सेवाओं जैसे पुलिस, अग्निशमन, मेडिकल, पैरामेडिकल, मीडिया, डिलिवरी, पेट्रोल पंप, सुरक्षा सेवाएं, टेलिकॉम एवं इंटरनेट सेवाएं, बैंक, एटीएम, पानी, बिजली, नगर निगम, ग्रॉसरी और दूध आदि सेवाओं को लॉकडाउन से छूट दी गई है. इनसे जुड़े लोग और वाहन बाहर आ जा सकते हैं।