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भारत के युवाओं को टीकाः सरकार का जवाब, कब लगेगी 18 पार वालों को वैक्सीन

देश में 18 साल से अधिक आयु वाले युवाओं को वैक्सीन दिए जाने की मांग उठने लगी है।

Shivani

ShivaniPublished By Shivani

Published on 7 April 2021 4:36 AM GMT

भारत के युवाओं को टीकाः सरकार का जवाब, कब लगेगी 18 पार वालों को वैक्सीन
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लखनऊ: भारत में कोरोना वायरस के दोबारा बढ़ रहे मामलों से सभी चिंतित हैं। इस बार ज्यादातर युवा वर्ग, कॉलेज के स्टूडेंट्स कोरोना वायरस की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में देश में वैक्सीनेशन का बड़ा अभियान तो चल रहा है लेकिन युवाओं के लिए टीके की अभी कोई व्यवस्था नहीं है।देश में फ्रंट लाइन कर्मचारियों के अलावा 45 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों को सरकारी और निजी अस्पतालों में वैक्सीन दी जा रही हैं। हालंकि अब मांग 18 साल से अधिक वाले युवाओं को वैक्सीन दिए जाने की उठने लगी है।

युवा और बच्चे कोरोना की चपेट में इस बार

विशेषज्ञों का अनुमान है कि 15 अप्रैल तक कोविड-१९ मामले पीक पर पहुंच जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक़, कोरोना की मौजूदा लहर स्कूलों, कॉलेजों, कार्यालयों, सार्वजनिक परिवहन में बहुत तेजी से संक्रमण फैला रही है। COVID-19 का दूसरा उछाल बच्चों और युवा वयस्कों को उच्च खतरे में ला रहा है।

मुंबई में करीब 32 फीसदी युवा कोरोना संक्रमित

अभी हाल ही में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने जो आंकड़े जारी किये उसके मुताबिक, मुंबई में करीब 32 फीसदी युवा कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं। शहर में 20 से 39 साल के युवाओं के कोविड-19 संक्रमित होने का आंकड़ा 32 फीसदी तक पहुंच चुका है।

मार्च में केवल बेंगलुरु के 500 बच्चे कोरोना पाॅजिटिव

चिंताजनक बात तो ये है कि मार्च के महीने में केवल बेंगलुरु में ही कोरोना वायरस से कुल 500 बच्चे संक्रमित पाए गए हैं। हालांकि नगर निगम के मुताबिक, बच्चों के बीच मामलों में कोई वास्तविक उछाल नहीं है। इस बीच BBMP यानी ब्रुहट बेंगलुरु महानगर पालिका ने जानकारी दी कि एक मार्च के बाद से करीब 32 हजार स्कूल स्टूडेंट्स का कोविड टेस्ट किया गया, जिसमें 121 बच्चे पॉजिटिव पाए गए हैं।

18 साल के अधिक के युवाओं को वैक्सीन देने की मांग

देश के युवा वर्ग और बच्चों में कोरोना का खतरा देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोरोना वैक्सीनेशन अभियान में 18 साल से अधिक आयु वाले लोगों को जोड़ने और वैक्सीन लगाने का सुझाव दिया है। IMA ने पीएम मोदी को पत्र लिखते हुए कहा है, "तत्काल प्रभाव से कोरोना टीकाकरण अभियान को बढ़ावा देना और टीका प्राप्त करने के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु वालों को अनुमति देना चाहिए।" IMA ने पीएम से यह आग्रह करते हुए कहा है, "सार्वजनिक स्थानों और बड़े समारोहों में प्रवेश के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र अनिवार्य कर देना चाहिए।"

युवाओं के टीकाकरण पर सरकार का जवाब

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीका दिए जाने की मांग पर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार का बुनियादी लक्ष्य टीकाकरण के जरिए मृत्यु को घटाना है। उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी स्वास्थ्य तंत्र को सुरक्षा देना है। अगर स्वास्थ्यकर्मी, डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल कर्मी और अन्य कर्मी बीमार हो जाएंगे तो अस्पतालों में कौन काम करेगा?

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