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फुस्‍स हुआ एंटी भूमाफिया सेल, मंदिर की आड़ में बुजर्ग की जमीन पर कब्‍जे का प्रयास

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 15 July 2018 1:37 PM GMT

फुस्‍स हुआ एंटी भूमाफिया सेल, मंदिर की आड़ में बुजर्ग की जमीन पर कब्‍जे का प्रयास
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लखनऊ: योगी सरकार बनते ही भूमाफियाओं पर नकेल कसने की नीयत से एक एंटी भूमाफिया सेल का गठन किया गया था। उम्‍मीद थी कि अब कोई भूमाफिया किसी को तंग नहीं कर पाएगा। लेकिन अब यह सेल फुस्‍स साबित हो रहा है। योगी राज में खुद एक बाबा ही भूमाफिया बनकर बैठ गए हैं। बाबा का जलवा इतना है कि वह अब मंदिर की आड़ में जमीन पर कब्‍जे का काम करने लगे हैं।

बुजुर्ग की जमीन पर डाली बुरी नजर

ताजा मामला ठाकुरगंज थाना क्षेत्र का है। जहां पर एक बुजुर्ग की जमीन पर न केवल बाबा बल्कि बिल्‍डर व छुटभैये नेताओं की निगाह पड़ गयी है। बुजुर्ग द्वारा इसकी शिकायत जिला प्रशासन से किये जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जिला प्रशासन के अधिकारी भी बाबा के प्रभाव में दिखाई दे रहे हैं। बाबा का जलवा इतना है कि जिला प्रशासन के अधिकारी उनसे कुछ कहने की हिम्‍मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

राजस्‍व परिषद के अध्यक्ष ने दिए जांच के आदेश

जिला प्रशासन द्वारा कोई सुनवाई न होते देख बुजुर्ग और उसके परिजनों ने राजस्‍व परिषद के अध्‍यक्ष के यहां गुहार लगाई है। जिस पर राजस्‍व परिषद के अध्‍यक्ष प्रवीर कुमार ने जांच के आदेश दिये हैं। फरियादी की तरफ से कब्‍जे की शिकायत राज्‍यपाल, मुख्‍यमंत्री व मुख्‍यमंत्री शिकायत पोर्टल पर भी की गयी है।

मंदिर की आड़ में चल रहा खेल

चौक थाना क्षेत्र 40 डेहला कुआं निवासी बसंत कुमार त्रिपाठी (65 वर्षीय) ठाकुरगंज थाना क्षेत्र स्थित अहमदगंज (वर्तमान नाम - शांतीनगर) इलाके पास खसरा संख्‍या 1 लगायत 16 तथ 26 लगायत 35 सहित अन्य का मालिक व काबिज है। पीडित के मुताबिक उसने जमीन को बाबा बद्रीदास से खरीदा था। जिसका रजिस्‍टर्ड एग्रीमेंट भी उसके पास है। रजिस्‍टर्ड एग्रीमेंट के आधार पर पीडित का नाम खसरे सहित कई सरकारी दस्‍तावेजों में दर्ज है। पीडित का जमीन पर बीते 40 साल से कब्‍जा है। जिस पर वह पूर्व में कृषि कार्य करता रहा है, उक्त भूमि में पीडित ने बोरिंग कराकर ट्यूबेल भी लगवाया था। पीडित की भूमि से बंधे निर्माण हेतु मिट्टी की खुदाई हुई थी, जिसका मुआवजा भी पीडित को शासन से प्राप्त हुआ था। जमीन से मिटटी के उठकर बंधे में चले जाने की वजह से गडढा हो गया था, जिसमें आस-पास के रहने वाले परिवारों के घरों से गंदा पानी आकर जमा होता था। पिछले साल पीडित ने उक्‍त गडढे को मिटटी से पटवाया है तभी से भू-माफिया टाइप के लोगों की नजर पीडित की उक्त भूमि पर पड़ गयी है। जिसकी सूचना व प्रार्थनापत्र पीडित ने कई बार राजधानी के जिलाधिकारी सहित तहसील व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों व संबंधित थाने को देकर जमीन के पैमाइश की मांग की है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

पीडित के मुताबिक विपक्षीगण अहमद नदीम उर्फ नम्‍मू, मनोज शुक्ला, रहमत अली व बाबा धर्मेन्द्र दास व अन्य कई लोग आए दिन जबरदस्ती लड़ाई-झगड़ा करके पीडित की भूमि पर विवाद खड़ा करके जमीन कब्जा करना चाहते हैं। जबकि पीडित की उक्त भूमि से विपक्षीगण का कोई वास्ता नहीं है लेकिन कूटरचित दस्तावेज के सहारे पीडित की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास बराबर कर रहे हैं।

इनमें बाबा धर्मेंद्र दास एक साल से आये हैं। एक दिन पूर्व पीडित को वहां के स्‍थानीय लोगों के माध्‍यम से सूचना मिली कि बाबा धर्मेन्द्र दास ने अधिकारियों की मिली-भगत से जमीन पर पैमाइश कराई है और पीडित की जमीन पर बाउण्ड्री वॉल बनवाकर कब्जा करने की योजना बना रहा है। इस कार्य में बाबा के साथ कुछ छुटभैये किस्‍म के नेता और बिल्‍डर लगे हैं। धर्मेंद्र दास अपने बाबा होने का फायदा उठाकर मंदिर की आड में जमीन कब्‍जा करने की फिराक में है। इधर बीते डेढ़ वर्ष से पीडित काफी अस्वस्थ होने के कारण मौके पर आने-जाने में असमर्थ है, जिसके कारण वह जमीन की देखरेख अपने बच्चों के माध्यम से करता है। सूचना पाकर जब पीडित अपने बच्चों के सहारे भूमि पर पहुंचा तो उक्त लोग वहां से जा चुके थे। विपक्षीगण ऐन-केन प्रकारेण पीडित की भूमि को कब्जा करने के प्रयास में लगे हुए हैं तथा बराबर पीडित व उसके परिवार को जान-माल की धमकी दे रहे हैं तथा यह सूचना दी जा रही है कि जमीन भूल जाओ नहीं तो उसके चक्कर में जान भी चली जाएगी। ऐसे में पीडित बेहद डरा हुआ और परेशान है। लेकिन कोई उसकी सुनने वाला नहीं है।

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