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गैंगरेप पीडिता को भगाते थे ये दरोगा, अब दर्ज हुुुआ उन्‍हीं के थाने में उन पर मुकदमा

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 31 Aug 2018 2:41 PM GMT

गैंगरेप पीडिता को भगाते थे ये दरोगा, अब दर्ज हुुुआ उन्‍हीं के थाने में उन पर मुकदमा
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शाहजहांपुर: थानेदार वो होता है जो थाने मे आने वाली फरियादियों की फरियाद सुनकर मुकदम दर्ज कर फरियादियों को न्याय दिला सके। लेकिन अब थानेदार और दो दारोगाओं को एक बेबस गैंगरेप पीङिता की फरियाद न सुनने की बड़ी सजा मिली है। जिस थाने से एसओ साहब ने गैंगरेप पीङिता को भगाया है, अब उसी एसओ के खिलाफ उसके ही थाने में मुकदमा दर्ज होगा। इतना ही नहीं इस बङी घटना मे लापरवाही बरतने वाले दो दरोगाओं के खिलाफ भी अब उनके ही थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। ये माना जा रहा है कि अब उन दरिदों के साथ-साथ एसओ और दो दरोगा भी जेल जा सकते हैं। आपको बता दें कि गैंगरेप पीङिता ने कार्यवाही न होने से नाराज होकर आत्मदाह कर लिया था।

6 महीने से हो रहा था गैंगरेप

दरअसल थाना परौर के एसओ सुभाष कुमार और दरोगा लोकेश और लाल सिंह को अपनी करनी की सजा मिली है। यूपी पुलिस के तीन पुलिसकर्मियों ने आज प्रदेश सरकार को कठघरे में खङा कर दिया है। पिछले 6 महीने से एक महिला के साथ गैंगरेप हो रहा था। पहले तो एसओ और दरोगा ने आरोपियों से मिलकर थाने में समझौता कराया और उसके बाद फिर जब पीङिता से गैंगरेप हुआ तो फिर थाने से एसओ सुभाष कुमार और दरोगा ने उसे भगा दिया और उसकी एक न सुनी। अब जब पीङिता ने न्याय न मिलने पर आत्मदाह कर लिया तो उसके बाद जिले के पुलिस अधीक्षक नींद से जागे और घटना के जिम्मेदार एसओ और दरोगा पर बङी कार्यवाही के आदेश दे दिए।

कार्यवाही ऐसी कि जब आरोपियों पर मुकदम दर्ज हुआ तो उन दोषी पुलिसकर्मियों पर भी धारा 166ए के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। उसके साथ ही एसपी एस चिनप्पा ने इस मामले मे प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्काल सस्पेंड करने के भी आदेश दे दिए। अब जिस थाने मे एसओ और दरोगा अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते थे। आज उसी थाने में खुद एसओ और दरोगा के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

आपको बता दें कि थाना परौर क्षेत्र की रहने वाली गैंगरेप पीङिता पिछले 6 महीने से गैंगरेप का दंश झेल रही थी। जब पीङिता थाने में शिकायत करने पहुंची थी तो एसओ सुभाष सिंह ने कार्रवाई करने के बजाए समझौता करा दिया। उसके बाद एक महीने पहले आरोपियों ने फिर से गैंगरेप किया तो पीङिता फिर थाने गई लेकिन इस बार भी उसकी शिकायत नहीं दर्ज की गई थी। बीते बुधवार को दबगों ने पीङिता को फोन पर जान से मारने की धमकी दी। उसके बाद पीङिता इतना सदमे में आ गई कि उसने आत्मदाह कर लिया।

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