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दिव्यांग शिक्षिका ने मांगा पीएम मोदी से न्‍याय, धक्‍के मारकर स्‍कूल ने निकाला बाहर

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 5 July 2018 1:14 PM GMT

दिव्यांग शिक्षिका ने मांगा पीएम मोदी से न्‍याय, धक्‍के मारकर स्‍कूल ने निकाला बाहर
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मेरठ: जिले के पल्लवपुरम् फेज दो स्थित वाणी स्कूल एंड रिसर्च सेंटर की दिव्यांग शिक्षिका को गुरुवार को स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्य ने स्कूल में दाखिल होने से गुरूवार को रोक दिया। आरोप है कि प्रबंधन समिति के कहने पर शिक्षिका को धक्का देकर बाहर कर दिया। स्कूल प्रबंधन ने शिक्षिका पर कार्रवाई करते हुए नौकरी से निष्कासित कर दिया। वहीं पीड़िता ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिला विकलांग कल्याण अधिकारी से शिकायत की है। उन्‍होंने पीएम मोदी से न्‍याय की गुहार लगाई है।

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ये है मामला

पल्लवपुरम फेज-दो स्थित एमई-583 निवासी दिव्यांग सरिता शर्मा वाणी स्कूल एंड रिसर्च सेंटर में 2004 से शिक्षिका हैं। स्कूल को फ्रेंड्स ऑफ हैंडीकैप्ड संस्‍था संचालित करती है। शिक्षिका सरिता शर्मा का आरोप है कि उनके प्रतिमाह उनके वेतन का आधा रुपया समिति में जमा करने का दबाव बनाते हैं। सरिता का आरोप है कि बड़े कई स्कूलों से वाणी स्कूल में बच्चों को फ्री बांटने के लिए पुस्तक और अन्य सामान आते हैं, मगर प्रबंधन बच्चों को वह सामान पैसों में बेचते हैं। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन व प्रधानाचार्य ने त्याग पत्र पर सरिता के नाम से फर्जी साइन कर सरिता को नौकरी से निकाल दिया। इन सबका विरोध किया तो प्रबंधन समिति और प्रधानाचार्य ने प्रताड़ित कर धमकाया गया। गुरुवार को सरिता स्कूल गई, जिन्हें स्कूल में जाने नहीं दिया और बाहर धक्का देकर निकाल दिया। पूरे प्रकरण में सरिता ने शिकायत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिला विकलांग कल्याण अधिकारी से की है।

सरिता पर उल्‍टे लगाया धमकी का आरोप

वाणी स्कूल प्रबंधन समिति के चेयरमैन नरेश्वर प्रसाद जैन और सैकेट्री कपिल अग्रवाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपनी पक्ष रखा है। जिसमें कहा गया कि शिक्षिका दिव्यांग सरिता शर्मा अन्य स्टाफ को डराती और धमकाती हैं। झूठे केस में जेल भिजवाने की धमकी देती हैं। मई माह में अन्य शिक्षिकाओं ने सरिता शर्मा पर गंभीर आरोप लगाकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की थी। गुरुवार को स्कूल प्रबंधन के आदेश पर स्कूल में दाखिल नहीं होने दिया गया। सरिता शर्मा द्वारा लगाए स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्य पर आरोप बेबुनियाद हैं। कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से निष्कासित कर दिया गया है। प्रधानाचार्य अंशु गुप्ता का कहना है कि 21 महीने से सरकार से अनुदान नहीं आया है, उसके बावजूद समय पर वेतन दिया जा रहा है। अन्य आरोप झूठे हैं।

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