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हाईकोर्ट का यौन शोषण मामले में प्राथमिकी रद्द करने से इन्कार

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 21 Jun 2018 1:25 PM GMT

हाईकोर्ट का यौन शोषण मामले में प्राथमिकी रद्द करने से इन्कार
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इलाहाबाद: हाईकोर्ट ने यौन शोषण के आरोप में आगरा के शाहगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने से गुरूवार को इन्कार कर दिया है।कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा है कि यदि आरोपी को अपराध का दोषी मानने के बाद भी दी जाने वाली सजा सात साल से अधिक नहीं होने वाली हो तो पुलिस दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 का पालन करते हुए गिरफ्तारी न करे। कोर्ट ने कहा है कि यह संरक्षण पुलिस रिपोर्ट पेश होने के बाद याची को नहीं प्राप्त होगा।यह आदेश न्यायमूर्ति बी के नारायण तथा न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता की खंडपीठ ने वसीम की याचिका पर दिया है ।याची का कहना था कि उस पर लगे आरोप इतने गंभीर नहीं है कि उसे सात साल से अधिक की सजा हो।इसलिए उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगायी जाय।

कोर्ट की अन्‍य खबरें

तबादले के खिलाफ डाक्टर की याचिका निस्तारित

इलाहाबाद: हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के सीनियर डॉक्टर राजीव शर्मा को प्रताप विहार होम्योपैथी चिकित्सालय में तैनात करने की संस्तुति के बाद याचिका निस्तारित कर दी है।याची ने वैशाली से सुराना तबादला किये जाने की वैधता को चुनौती दी थी।कोर्ट ने सरकार से जानकारी मांगी थी तो स्थायी अधिवक्ता ने बताया कि सरकार ने सीनियर डॉक्टर होने के नाते याची को प्रताप विहार होम्योपैथी चिकित्सालय में तैनात करने की संस्तुत्ति शासन को भेजी है।इस पर कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए तबादला स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने की शर्त पर 3 हफ्ते में संस्तुत्ति पर निर्णय लेने का सरकार को निर्देश दिया है।यह आदेश न्यायमूर्ति एम् सी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति नीरज तिवारी की खंण्डपीठ ने डॉ राजीव शर्मा की याचिका पर दिया है।

एडीए आफिस कैम्पस में वाहन स्टैन्ड टेंडर के खिलाफ याचिका खारिज

इलाहाबाद: हाईकोर्ट ने इंदिरा भवन कैम्पस में वाहन स्टैंड टेंडर के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है।कोर्ट ने कहा है कि याची चाहे तो ए डी ए में जमा सिक्योरिटी राशि वापस ले सकता है।यह आदेश न्यायमूर्ति एम् सी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति नीरज तिवारी की खंण्डपीठ ने ठेकेदार रहे राम जियावन उर्फ़ मुन्ना की याचिका पर दिया है ।याची का कहना था कि उसने सिक्योरिटी जमा कर रखी है इसलिए नये सिरे से जारी टेंडर रद्द किया जाय।वह पहले से ही वाहन स्टैंड चला रहा है।सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता वाई के श्रीवास्तव का कहना था कि पिछले 10 सालों से अंतरिम निषेधाज्ञा के कारण स्टैंड का ठेका जारी नही हो सका।अपील पर निषेधाज्ञा समाप्त हो चुकी है ।और ए डी ए ने नए सिरे से टेंडर मांगा है जो 22 जून को खुलने वाला है।सभी को टेंडर भरने का मौका दिया गया है।बिना टेंडर के याची को लंबे समय तक वाहन स्टैंड चलाने का वैधानिक अधिकार नही है।दोनों पक्षो को सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया। याचिका खारिज कर दी।

हाईकोर्ट पोस्ट आफिस में रजिस्ट्री बंद होने से लाखो का हो रहा सरकारी नुकसान

इलाहाबाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट पोस्ट आफिस में लगभग तीन सप्ताह से रजिस्ट्री का कार्य न होने से न केवल सरकारी धन का नुकसान हो रहा है, बल्कि हाईकोर्ट आफिस व वकीलो का भी काम प्रभावित है | रजिस्ट्री न होने से लोग प्राइवेट कुरियर का सहारा ले रहे है | परन्तु कुछ काम कोर्ट के ऐसे है जिनके लिए रजिस्ट्री का होना जरूरी है | किसी भी मुकदमें में कैविएट लगवाने के लिए अर्जी की रजिस्ट्री जरूरी है और रजिस्ट्री की स्लिप ‎लगाने के बाद ही हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल होता है | इसमें प्राइवेट कोरियर की रसीद मान्य नही होती | हाईकोर्ट में केवल रजिस्ट्री से एक माह में पोस्ट आफिस को लाखो रूपये की आमदनी होती है | इसके बाद भी लगभग तीन सप्ताह से हाईकोर्ट में रजिस्ट्री का काम बिल्कुल बंद है और इसकी जानकारी के बाद भी पोस्ट आफिस के शीर्ष अधिकारियो को इस बंदी से कोई फर्क नही पड़ रहा है | रजिस्ट्री चालू कराने के लिए अधिकारियो ने अभी तक कोई सार्थक प्रयास नही किया | यदि यही स्थिति अधिकारियो के लापरवाही की रही तो आफिस को वकीलो व उनके मुंशियो की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है | हाईकोर्ट पोस्ट आफिस के कर्मचारियो का कहना है कि रजिस्ट्री बंद होने की सूचना पोस्ट आफिस के शीर्ष अधिकारियो को है, परन्तु वे सुन नहीं रहे हैं | हाईकोर्ट परिसर में बना पोस्ट आफिस कोर्ट व न्यायिक प्रक्रिया की सहूलियत के लिए बनाया गया है | परन्तु पोस्ट आफिस के अधिकारियों का इस पर कोई ध्यान नहीं है|

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