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मतभेद के चलते पति-पत्‍नी हुए थे अलग, जज ने ऐसा समझाया, कोर्ट में ही पहना दी एक दूसरे के माला

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 9 Sep 2018 10:48 AM GMT

मतभेद के चलते पति-पत्‍नी हुए थे अलग, जज ने ऐसा समझाया, कोर्ट में ही पहना दी एक दूसरे के माला
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गोरखपुर: जिले में लोक अदालत में मतभेद के चलते एक दूसरे से अलग हुए जोड़े ने जैसे ही कोर्ट के अंदर एक दूसरे को माला पहनाई। परिसर में मौजूद हर शख्‍स की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। इसी के साथ लोक अदालत के जरिये पूर्व में बिछड़े जोड़े फिर से एक हो गए। इसबसे बीच के रिश्‍तों में आई हुई दरार को जनपद के न्याधीश ने लोक अदालत के जरिये अपनी सूझबूझ से भर दिया। ऐसे ही तमाम मामलों को निपटा कर उन्‍होंने कई परिवारों को तबाह होने से बचा लिया।

आधा दर्जन जोड़े हुए एक

गोरखपुर में लोक अदालत में तमाम मामलों को निपटारा किया गया। लेकिन इन्हीं मामलो में से कुछ ऐसे मामले थे, जिनका निपटारा करा कर जिला जज को भी ख़ुशी की अनुभूति हुई। इस लोक अदालत में आधा दर्जन जोड़े को एक किया गया। जो किसी वजह से किसी मतभेद के कारण अलग अलग हो गए थे। लेकिन आज इस लोक अदालत के जरिये एक साथ 4 जोड़ों को एक किया गया। उन्हें समझा बुझा कर उनके बीच जो मतभेद था, वो सामने बैठा कर उसे दूर करके उन्हें एक किया गया। अपने सामने एक दूसरे को माला पहना कर उन्हें मिठाई और लिखित प्रमाण देकर उन्हें हंसी ख़ुशी विदा किया गया।

लोक अदालत में बन जाती है बिगड़ी बात

जनपद के न्याधीश विनोद कुमार श्रीवास्‍तव की मानें तो, लोक अदालत के जरिये सुलह समझौते कर निस्तारण का काम किया जाता है। इसके साथ ही पारिवारिक विवादों को भी निपटाना है और जिस लोक अदालत में पारिवारिक विवाद निपटाए जाते हैं, वो लोक अदालत सबसे सफल मानी जाती है। यहां बिगड़ी बात आसानी से बन जाती है।

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