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नोएडा एनकाउंटर के बाद बैकफुट पर आई यूपी पुलिस, तो सामने आए योगी

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 18 Nov 2017 3:22 PM GMT

नोएडा एनकाउंटर के बाद बैकफुट पर आई यूपी पुलिस, तो सामने आए योगी
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लखनऊ : नोएडा एनकाउंटर में पुलिस पर उठ रहे सवालों के बीच यूपी पुलिस बैकफुट पर है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से मिले नोटिस के बाद यूपी में मुठभेड़ की रफ्तार सुस्त हो गई है। ग्रेटर नोयडा में कथित गैंगेस्टर सुमित गुर्जर के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उसके परिजनों ने पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया था। जिस के बाद एनएचआरसी ने यूपी सरकार और डीजीपी को नोटिस भेज कर जवाब मांगा है। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिस को हौसला बढ़ाया है। योगी ने मुज़फ्फरनगर में कहा है कि अपराधियों की दो जगह तय है जेल या यमराज।

ये भी देखें: योगी बोले- यूपी में बदमाशों के 2 ठिकाने, जेल या यमराज के पास

एनकाउंटर पर उठा था सवाल

तीन अक्टूबर को ग्रेटर नोएडा में कथित गैंगेस्टर सुमित गुर्जर को पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद यूपी पुलिस बैकफुट पर है। दरअसल पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सुमित गुर्जर के खिलाफ एक भी मुक़दमा दर्ज नहीं था। पुलिस एनकाउंटर के बाद सुमित के परिजनों ने पुलिस पर सुमित को फर्जी एनकाउंटर में मारने का आरोप लगाया। इस मामले एनएचआरसी ने ग्रेटर नोएडा में कथित फर्जी मुठभेड़ में सुमित गुर्जर के मारे जाने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार और प्रदेश के पुलिस मुखिया को नोटिस भेजा है। इसके मुताबिक कथित गैंगस्टर सुमित गुर्जर को पुलिस के हाथों मारा गया था।

एनएचआरसी ने अपने बयान में कहा कि परिजन का आरोप है, कि पुलिस ने उसे बाजार में पकड़ा था और उसे फर्जी मुठभेड़ में मारा गया है। नोएडा पुलिस पर लगे आरोप के बाद यूपी पुलिस बचाव की मुद्रा में है। ताबड़तोड़ एनकाउंटर कर सुर्खियां बटोरने वाले एसपी शामली अजय पाल सिंह, एसएसपी मुज़फ्फरनगर अनन्त देव तिवारी और एसएसपी आज़मगढ़ अजय साहनी फिलहाल फूँक फूँक कर कदम रख रहे हैं।

यूपी में पुलिस-बदमाशों के बीच मुठभेड़ पर ब्रेक

यूपी में अपराधियों का हौसला पस्त करने के पुलिस ने बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजने का अभियान चला कर इनामी अपराधियों जेल भेजा। इस दौरान, नोएडा, मेरठ, मुज़फ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, वाराणसी और आज़मगढ़ में दो दर्जन से ज़्यादा इनामी अपराधियों को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया। चित्रकूट के जंगलों में हुई मुठभेड़ के दौरान पुलिस सब इंस्पेकटर शहीद भी हो गए। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक दर्जन से ज़्यादा जवान भी ज़ख़्मी हुए। पुलिस और बदमाशों के बीच सब से ज़्यादा मुठभेड़ मुज़फ्फरनगर, शामली और आज़मगढ़ में हुई।

सीएम उतरे मैदान में, पुलिस का बढ़ाया हौसला

पुलिस एनकाउंटर पर लगे ब्रेक की खबर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ को भी है। मुज़फ़्फ़रनगर में निकाय चुनावों का प्रचार करने पहुंचे सीएम ने एक बार फिर अपराधियों को खुले मंच से चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि बदमाशों ने अपराध करने की कोशिश की तो उन को जेल या फिर यमराज के पास जाना होगा। माना जा रहा है की सीएम ने नोएडा एनकाउंटर के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से मिले नोटिस के बाद दबाव में आई यूपी पुलिस का हौसला बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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