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सपा पार्षद शीबा चांद सिद्दीकी व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश

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RishiBy Rishi

Published on 15 Jan 2018 2:23 PM GMT

सपा पार्षद शीबा चांद सिद्दीकी व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश
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SC की बड़ी टिपण्णी- पत्नी को रखने के लिए कोर्ट पति को मजबूर नहीं कर सकतीं
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लखनऊ : बीते निकाय चुनाव में फर्जी जाति प्रमाण पत्र दाखिल करने के मामले में अदालत ने सपा पार्षद शीबा चांद सिद्दीकी व उनके पति चांद सिद्दकी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है। शीबा चांद सिद्दीकी नगर निगम के वार्ड संख्या-16 से विजयी हुई हैं।

अदालत ने इस मामले में रवि यादव व रमेश चंद्र यादव के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश एसओ जानकीपुरम को दिया है। एसीजेएम राजीव शुक्ला ने यह आदेश भाजपा की रनरअप प्रत्याशी चेतना सिंह के पति कुशाग्र वर्मा की अर्जी पर दिया है। उनकी इस अर्जी पर वकील आशुतोष सिंह चौहान ने बहस की।

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उनका कहना था कि बीते निकाय चुनाव में वार्ड संख्या- 16, जानकीपुरम प्रथम की सीट पिछड़ी जाति की महिला के लिए आरक्षित थी। लेकिन विपक्षीगणों ने भीखामऊ के ग्राम प्रधान के फर्जी लेटर पैड व उनके फर्जी हस्ताक्षर के जरिए बीकेटी तहसील से पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र बनवा लिया। इस गलत प्रमाण पत्र की बिना पर चुनाव आयोग के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया और चुनाव जीत लिया गया। जबकि शीबा चांद सिद्दीकी सामान्य जाति की महिला थी। इस बात की शिकायत जिलाधिकारी से की गई। उन्होंने एक जांच समिति गठित कर इस प्रकरण का सत्यापन कराया। जांचोपरांत उक्त जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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