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इस पुलिस वाले पर इतने मामले की शातिर अपराधी भी शर्मा जाए

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 23 Dec 2017 3:19 PM GMT

इस पुलिस वाले पर इतने मामले की शातिर अपराधी भी शर्मा जाए
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संभल : यूपी के संभल में हयातनगर थाना हेड मुंशी के पद पर तैनात रहे देवेंद्र सिंह यादव पर आरोप था कि उसने अपनी तैनाती के दौरान थाने के मालखाने का तमाम सामान गायब कर दिया था। खुलासा तब हुआ जब अगले हेड मुंशी नवरत्न ने उसका चार्ज संभाला। तब पता लगा कि मुकदमों से संबंधित गाड़ियां तथा अन्य सामानों के अलावा सरकारी पिस्टल और कारतूस थाने से गायब हैं।

इस मामले में तत्कालीन थाना अध्यक्ष द्वारा 13 मई 2017 को देवेंद्र यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। जब देवेंद्र सिंह यादव थाने में ही तैनात था, तब उसका इसी थाना क्षेत्र के निवासी एक परिवार में आना जाना हो गया। देवेंद्र सिंह यादव पदोन्नत होकर सब इंस्पेक्टर हो गया। इसके बाद जिस घर में उसका आना जाना हो गया था। उस घर की एक युवती को उसने अपने जाल में फंसा लिया और अपने बेटे से विवाह कराने का झांसा दिया। आरोप है कि बेटे से जबरन शारीरिक संबंध बनवाए और युवती को विभिन्न स्थानों पर बंधक बनाकर रखा। इसी दौरान युवती को दबाव में लिया और अलीगढ़ जिले के अतरौली में ले जाकर शादी के कागजातों पर हस्ताक्षर कर लिए। इसका खुलासा युवती ने शुक्रवार को थाना हयातनगर में दर्ज एफआईआर मे किया।

युवती का आरोप है कि देवेंद्र सिंह यादव और उसके बेटे विकास यादव ने उसके साथ बलात्कार किया है। जबकि देवेंद्र के भाई ने जबरन संबंध बनाने का प्रयास किया। पीड़ित युवती ने अपनी एफआईआर में यह खुलासा भी किया है कि देवेंद्र सिंह यादव ने हेड मुंसी नवरत्न की हत्या के लिए 5 लाख की सुपारी दी थी। 2 लाख एडवांस भी दिए गए थे।

मामला दर्ज होने के बाद देवेंद्र सिंह यादव निलंबित हुआ था और उसके बाद से अनुपस्थित चल रहा था। पुलिस ने पीड़िता के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी दरोगा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

देवेंद्र सिंह यादव शिकायतों के बाद भी हयातनगर थाने में तैनात रहा उसकी कमियों पर पर्दा पड़ता रहा। अपनी तैनाती के दौरान वह हमेशा में चर्चा और विवादों में रहा। सवाल यह है कि इसके बावजूद उसे थाने की तैनाती क्यों मिलती रही। इस बारे में कोई भी अधिकारी कुछ कहने को तैयार नहीं है। लेकिन ऐसा कहा जाता है कि राजनीतिक दबाव में उसे बार-बार तैनाती मिलती रही। जो शिकायतें उसके खिलाफ थी उसको अधिकारी नजर अंदाज कर देते थे। मुकदमे से संबंधित माल का हकीकत में मिलान नहीं हुआ।

इसका खुलासा तब हुआ जब उसके तबादले के बाद हेड मुंसी के पद पर नवरत्न की तैनाती हुई। नवरत्न ने देवेंद्र सिंह यादव से चार्ज लिया। उसके बाद देवेंद्र सिंह द्वारा चार्ज देने में आनाकानी सामने आई। एसपी ने वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी बनाई। कमेटी ने उसकी तैनाती के दौरान अभिलेखों का परीक्षण किया।

उधर आरोपी का कहना है कि युवती से उसके परिजनों की इच्छा के अनुसार शादी की गई थी। शादी में लक्जरी गाड़ी दी गई। जिसको विवाद के बाद लड़की वालों ने वापस ले लिया। लड़की वाले मेरे एक प्लाट कब्ज़ा करना चाहते थे, इसीलिए ये सब आरोप मुझपर लगाए गए हैं।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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