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लापता किशोरियो का 48 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस नही लगा सकी है सुराग

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 1 July 2018 11:37 AM GMT

लापता किशोरियो का 48 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस नही लगा सकी है सुराग
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कानपुर : पुलिस के लचर रवैये के चलते गोविंदनगर क्षेत्र के दबौली से लापता दो किशोरियों का 48 घंटे बीतने के बाद भी कोई पता नही चल सका है।

करीब 14 साल की मिनी राठौर और 11 वर्षीय माही सिंह 29 जून की शाम घर से पार्क जाने के लिये निकली थी जिसके बाद उनका कोई पता नही चला। परेशान परिजनो ने कुछ देर तलाश करने के बाद पुलिस को इत्तिला दी। दोनो बच्चियों के पास मोबाइल फोन है जो उनके लापता होने के काफी समय बाद तक आन थे। पुलिस ने देर रात परिजनो से गुमशुदगी से संबधित तहरीर ली मगर किशोरियों के फोन को अगले रोज यानी शनिवार को सर्विलांस में लगाया मगर इस बीच दोनो के फोन बंद हो चुके थे।

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इस बीच परिजनो ने अपने निजी प्रयास से पता कराया कि किशोरियां शहर के अलग अलग होटलो में आयी गयी। उन्होने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बावजूद पुलिस ने होटल प्रबंधन से पूछताछ की जहमत नही उठायी। इस बीच किशोरियों के एक नये नम्बर का पता चला जिसे परिजनो ने पुलिस को बताया मगर मीटिंग में होने के हवाला देते हुये गोविंदनगर थाना प्रभारी एस के मिश्रा ने उनकी बात को न सिर्फ अनसुना कर दिया बल्कि मिनी की मां अर्चना राठौर से कहा कि उनके पास केवल बच्चियों को ढूढना ही काम नही है। इससे पहले दरोगा ने परिजनो से 24 घंटे के भीतर बच्चियो का पता करने का दावा किया था।

परेशान मां ने पुलिस अधीक्षक दक्षिण रवीना त्यागी से संपर्क साधा जिन्होने उन्हे आश्वासन दिया कि जल्द ही बच्चियों का पता लगा लिया जायेगा। इस बीच नये नम्बर की लोकेशन लखनऊ के एक प्रतिष्ठित होटल में ट्रेस की गयी। पुलिस और परिजन जब तक वहां पहुंचते, बच्चियां वहां से निकल चुकी थी।

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परिजनो ने आशंका जतायी है कि उनके बच्चो को फर्जी पहचान पत्र के आधार पर होटल और अन्य सार्वजनिक स्थानो में प्रवेश दिया जा रहा है और इसके पीछे मानव तस्करी की आशंका से इंकार नही किया जा सकता।

पुलिस अधीक्षक का कहना है कि पुलिस बच्चो की तलाश कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही उन्हे ढूढ निकाला जायेगा।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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