दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रक्रिया का आगाज: आज से नामांकन दाखिल करेंगे उम्मीदवार

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गयी है। इसके तहत आज सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रत्याशी नामांकन दर्ज करवा सकते हैं। चुनाव नामांकन की आखिरी तारीख 21 जनवरी है।

दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election 2020) के लिए मंगलवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गयी है। इसके तहत आज सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रत्याशी नामांकन दर्ज करवा सकते हैं। चुनाव नामांकन की आखिरी तारीख 21 जनवरी है। बता दें कि अभी तक किसी भी दल ने अपने उम्मीदवारों के नामों की सूची जारी नहीं की है। हालाँकि आज आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के उम्मीदवारों के नामों का ऐलान होने की संभावना है। वहीं भाजपा ने बीते दिन चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नामों को शार्टलिस्ट किया है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव का पूरा शेड्यूल:

चुनाव आयोग ने 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव से सम्बन्धित तारीखों का ऐलान किया था। जिसमें 14 जनवरी यानी आज से नामाकंन प्रक्रिया की शुरुआत होगी, जो 21 जनवरी तक चलेगा। वहीं अगले दिन यानी 22 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी।

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इसके अलावा नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 24 जनवरी है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में चुनाव होगा। मतदान 8 फरवरी को होने हैं। वहीं तीन दिन बाद यानी 11 फरवरी को मतगणना के बाद नतीजों का ऐलान होगा।

70 विधानसभा सीटों पर लगभग डेढ़ करोड़ मतदाता:

बता दें कि दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर के लिए कुल 1.46 करोड़ मतदाता हैं। साल 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में 924 उम्मीदवारों ने नामांकन भरा था। इनमें से 231 नामांकन पत्र स्क्रूटनी में खारिज हो गए थे। वहीं 20 ने अपना नाम वापस ले लिया था। इस तरह केवल 673 कैंडिडेट ने चुनाव लड़ा था। गौरतलब है कि 22 फरवरी में दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। नियमानुसार इससे पहले तक चुनाव कराकर नई विधानसभा का गठन हो जाना है।

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2015 में आम आदमी पार्टी ने रचा था इतिहास:

2015 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी ने रिकॉर्ड तोड़ जीत हासिल की थी। दिल्ली की 70 में से 67 विधानसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी जीते थे।पूर्ण बहुमत के साथ गठित हुई आप सरकार में अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने थे।

वहीं बीजेपी महज तीन सीटों पर सिमट कर रह गई थी, जबकि लगातार 15 साल तक सत्ता पर काबिज रहने वाली कांगेस का खाता भी नहीं खुल सका था। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनावों में आप को जनता ने झटका दिया और आप एक भी सीट पर कांग्रेस या भाजपा से आगे नहीं रही।

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