दिल्ली चुनावः तो यह है केजरीवाल की हैट्रिक सफलता का राज

नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों पर भारतीय जनता पार्टी निशाना साध रही है। अमित शाह से लेकर कपिल मिश्रा, परवेश वर्मा समेत हर नेता शाहीन बाग के प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी द्वारा स्पॉन्सर्ड किया गया बता दिया गया था।

इसके साथ ही दिल्ली में 20 विधानसभा सीटों पर 20 प्रतिशत से ज्यादा दलित है। 15 सीटे ऐसी है जिन पर दलित मतदाताओं की संख्या 15 से 20 प्रतिशत तक है। जबकि 10 से 15 प्रतिशत तक दलित मतदाताओं की मौजूदगी वाली 17 सीटे है। इसी तरह केवल 15 सीटे ही ऐसी है जहां दलितों की संख्या 15 प्रतिशत से नीचे है।

नई दिल्ली विधानसभा सीट कई मायनों में अहम है। इस सीट से जीतने वाला दिल्ली का मुख्यमंत्री बनता है। ऐसे में इसकी अहमियत बहुत ज्यादा मानी जाती है।

आम आदमी पार्टी कार्यालय का नजारा तो देखने लायक है। कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। AAP कार्यकर्ताओं ने पूरे दफ्तर को गुब्बारों से सजाया है।

दिल्ली चुनाव के वोटों की गिनती हो रही है। रुझान में आम आदमी पार्टी (आप) को भारी बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है। तो वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) 12 सीटों पर सिमटती दिखाई दे रही है। दिल्ली में तीसरी बार केजरीवाल सरकार बनती हुई दिखाई दे रही है।

दिल्ली की ज्यादातर विधानसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी ने बढ़त बना रखी है। वहीं भारतीय जनता पार्टी पीछे है। कांग्रेस का तो सूरडा लगभग साफ़ होने की कगार पर है।

राजनीतिक विश्लेषकों के एक वर्ग का मानना ​​है कि दिल्ली में बीजेपी ने जिस हिसाब से शाहीन बाग को लेकर ध्रुवीकरण करने की कोशिश की वह काम नहीं आई।

बताया जा रहा है कि आम आदमी पार्टी जीत के बाद विजय रथ से लोगों का धन्यवाद देगी। इसके लिए रथ भी तैयार हो चुका है। जानकारी के मुताबिक इस रथ पर अरविंद केजरीवाल मौजूद रहेंगे।

दिल्ली चुनाव से पहले दल बदलने वाले नेताओं का आज चुनाव परिणाम आने के साथ क्या हाल है? क्या दिल्ली की जनता ने उन्हें दल बदलने के बाद स्वीकार किया है?

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के रुझान शुरु हो गए हैं और शुरुआती रुझानों से ऐसा लग रहा है कि दिल्ली में एक बार फिर से आम आदमी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। 8 फरवरी शनिवार को दिल्ली के 70 विधानसभा सीटों पर 62.65 प्रतिशत मतदान हुआ था।