प्लास्टिक की बोतलें नहीं है बेकार, हो चुका है इससे टी-शर्ट व कैप की शुरूआत, अब पहनने को रहे तैयार

ज्यादातर बस, बस स्टैंड, रेलवे या रेलवे स्टेशन पर आप पानी की बोतले फेंकी हुई देखते होंगे। आए दिन हजारों की संख्या में लोग रोज पानी की इन बोतलों का इस्तेमाल कर फेंक देते हैं। इसे प्रदुषण फैल रहा है। पर्यावरण को बचाने के लिए रेलवे ने पहल की है। रेलवे स्टेशनों पर फेंकी जाने वाली पानी की खाली बोतलों से अब टीशर्ट और कैप बनाई बनाए जाने की तैयारी है।

Published by suman Published: July 29, 2019 | 3:36 pm

जयपुर: ज्यादातर बस, बस स्टैंड, रेलवे या रेलवे स्टेशन पर आप पानी की बोतले फेंकी हुई देखते होंगे। आए दिन हजारों की संख्या में लोग रोज पानी की इन बोतलों का इस्तेमाल कर फेंक देते हैं। इसे प्रदुषण फैल रहा है। पर्यावरण को बचाने के लिए रेलवे ने पहल की है। रेलवे स्टेशनों पर फेंकी जाने वाली पानी की खाली बोतलों से अब टीशर्ट और कैप बनाई बनाए जाने की तैयारी है।

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रेलवे ने स्टेशनों पर इसके लिए रिवर्स वेंडिंग मशीन लगा जा रही है। जिसमें पानी की प्लास्टिक की बोतलों को क्रश कर इससे टी-शर्ट और टोपी बनाई जा सके। इस काम की शुरुआत पटना रेलवे स्टेश बिहार से हो चुकी है। इसके बाद पूरे देश के 2250 स्टेशनों में यह मशीन लगेगी। जहां इन बोतलों को रिसाइकिल करके दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा। रेलवे में रोज लगभग 16 लाख पानी की बोतल इस्तेमाल होता हैं।

 

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बोतलों की रिसाइकिल से रोज औसत 300 बोतलें क्रश की जा सकेंगी। इसके हिसाब से 2250 स्टेशनों में रोजाना 7 लाख बोतलें क्रश होंगी। जिनसे करीब 58 हजार टीशर्ट बनाई जा सकेंगी। पूर्व मध्य रेलवे सीपीआरओ के अनुसार, पटना, राजेंद्र नगर और दानापुर में बोतल क्रश मशीन लगाई जा चुकी हैं।

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प्लास्टिक से बनाई गई टी-शर्ट सभी मौसम में पहनने लायक है। जल्द ही इन प्लास्टिक की बोतलों से बना टी-शर्ट मार्केट में भी आमलोगों के बीच आ जाएगी। बोतलों को क्रश कर टीशर्ट बनाने वाली स्टार्टअप कंपनी बायोक्रश के मुताबिक, एक टीशर्ट के तैयार करने में करीब 12 बोतलों के उत्पाद की जरूरत होती है।इससे बनी टीशर्ट सामान्य टीशर्ट के मुकाबले अधिक टिकाऊ है।