RBI ने लगातार तीसरी बार नहीं घटाई ब्याज दरें, सस्ते कर्ज के लिए करें इंतजार

नई दिल्ली: बजट के बाद बुधवार (07 फ़रवरी) को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की पहली मौद्रिक समीक्षा समिति की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। मौद्रिक नीति समि‍त‍ि ने ब्याज दरों में किसी प्रकार के बदलाव का फैसला नहीं लिया। आरबीआई ने रेपो रेट को 6 फीसदी पर ही बरकरार रखा है जबकि, रिवर्स रेपो रेट को 5.75 फीसदी पर रखा है। बता दें कि यह लगातार तीसरी बार है, जब आरबीआई ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। विशेषज्ञ पहले ही इस बात की संभावना जता चुके थे।

दरअसल, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और बजट में अर्थव्यवस्था को लेकर की गई कई घोषणाओं की वजह से यही माना जा रहा था कि आरबीआई ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं करेगा।

हालांकि, मौद्रिक नीति समिति ने बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों पर केंद्रित करने के कदम को सराहा है। उसने कहा है कि इससे ग्रामीण आय और निवेश को सहयोग मिलेगा।

चौथी तिमाही में महंगाई दर 5.1% रहने का अनुमान
हालांकि, आरबीआई ने महंगाई के अपने पिछले अनुमान को जरूर संशोध‍ित किया है। आरबीआई ने चौथी तिमाही के लिए महंगाई 5.1 प्रतिशत के करीब रहने का अनुमान जताया है। इसके लिए खाद्य उत्पादों की बढ़ती कीमतें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को जिम्मेदार बताया जा रहा है।

सामने थी कई मुश्किलें
विशेषज्ञ बताते हैं, कि आरबीआई के सामने ब्याज दरों में कटौती के दौरान कई चुनौतियां सामने खड़ी थीं। इनमें कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतें आदि शामिल हैं। इसके अलावा बजट में वित्त मंत्री ने किसानों को मिलने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने की घोषणा की थी। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा भी आरबीआई मौद्रिक समिति के सामने था।