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SGPGI में MBBS और BDS की काउंसिलिंग के दौरान छात्रों का हंगामा, लगाए ये आरोप

tiwarishalini

tiwarishaliniBy tiwarishalini

Published on 22 Sep 2016 2:24 PM GMT

SGPGI में MBBS और BDS की काउंसिलिंग के दौरान छात्रों का हंगामा, लगाए ये आरोप
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लखनऊ: पीजीआई थानाक्षेत्र स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में एमबीबीएसऔर और बीडीएस की सीटों के लिए नीट काउंसिलिंग के दौरान शुक्रवार को स्टूडेंट्स ने जमकर नारेबाजी कर और तोड़फोड़ की। स्टूडेंट्स का कहना था कि हाईकोर्ट द्वारा प्राईवेट मेडिकल कॉलेजों के पहले सत्र की काउंसेलिंग रद्द किए जाने से स्टूडेंट्स को काफी नुकसान हुआ है। तोड़फोड़ की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा काट रहे स्टूडेंट्स को बड़ी मशक्कत के बाद शांत करवाया।

क्या है मामला ?

स्टूडेंट्स ने कहा कि अगर सरकार को सब्सिडी के लिए फंड देना ही नहीं था तो 36 हजार रुपए देने का वादा क्यों किया। जब पैसे देने की बारी आई तो सरकार ने चुप्पी साध ली। तोड़फोड़ की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा काट रहे स्टूडेंट्स को बड़ी मशक्कत के बाद शांत करवाया। आक्रोशित स्टूडेंट्स ने कहा कि हाई कोर्ट ने निर्णय लिया कि अगर सरकार सब्सिडी देना चाहती है तो खुद फंड करे। इस मामले में सरकार ने कुछ नहीं बोला न ही सब्सिडी देने की बात कही। पहले सरकार ने सब्सिडी सीट के लिए 36 हजार रुपए ट्यूशन फीस रखी थी, लेकिन जब इसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया तो सरकार के पास कोई फंड नहीं बचा। स्टूडेंट्स ने बताया कि सब कॉलेजों ने अपनी-अपनी फीस तय कर दी। स्टूडेंट्स ने कहा कि हम सभी ने सब्सिडी लेने के चक्कर में दूसरे मेडिकल कॉलेजों की काउंसिलिंग छोड़ दी।

स्टूडेंट्स का आरोप

स्टूडेंट्स का आरोप है कि कॉलेज वाले हर बच्चे से 9 से 10 लाख रुपए ट्यूशन फीस के साथ ही 5 लाख रुपए सिक्युरिटी मनी और हर साल दो लाख रुपए हॉस्टल फीस लें रहे हैं। अब ऐसे में करीब 17 लाख रुपए स्टूडेंट्स कहां से लाएंगे।

15 टॉपर स्टूडेंट्स की मेरिट लिस्ट जारी

बता दें कि काउंसलिंग के कोऑर्डिनेटर प्रो. एके सिंह ने शुक्रवार को 15 टॉपर स्टूडेंट्स की मेरिट लिस्ट जारी की थी। जिसमें उत्कर्ष आनंद नामक के एक स्टूडेंट्स ने पहला स्थान प्राप्त किया था। काउंसलिंग में शामिल होने के लिए 29,245 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

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महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा का क्या कहना है ?

महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. वीएन त्रिपाठी के अनुसार, प्रदेश में लखनऊ के अलावा कानपुर, इलाहाबाद और मेरठ में भी काउंसिलिंग की जा रही है। बता बता दें कि इस बार नेशनल इलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) हुआ था। इसके बाद प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसके आधार पर तैयार मेरिट लिस्ट के आधार पर काउंसिलिंग करवाई जा रही है।

यूपी के केजीएमयू सहित 14 मेडिकल कॉलेजों की 1,595 सीटों पर दाखिले के लिए तीन सितंबर से काउंसलिंग शुरू हुई। 29,245 आवेदन की जांच के बाद लगभग 800 में गलतियां मिली थीं। उन्हें कैंसिल किया जाएगा। बाकी को काउंसलिंग में शामिल किया जाएगा।

दूसरे चरण की काउंसलिंग 21 सितंबर से शुरू हुई। इसके बाद भी यदि सीटें बच जाएंगी तो 29-30 सितंबर को काउंसलिंग होगी। इसके अलावा पांच हजार निजी मेडिकल कॉलेजों की सीटों का भी आवंटन किया जाएगा।

कॉलेज और सीटों का व‌िवरण

केजीएमयू, लखनऊ - 210

जीएसवीएम, कानपुर - 159

एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा - 125

एमएलएन मेडिकल कॉलेज, इलाहाबाद - 124

एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज, मेरठ- 124

एमएलबी मेडिकल कॉलेज, झांसी - 82

बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर- 82

उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई - 128

राजकीय मेडिकल कॉलेज, कन्नौज- 85

राजकीय मेडिकल कॉलेज, जालौन- 85

राजकीय मेडिकल कॉलेज, आजमगढ़- 85

राजकीय मेडिकल कॉलेज, सहारनपुर- 85

राजकीय मेडिकल कॉलेज, बांदा- 85

केजीएमयू बीडीएस, लखनऊ- 51

राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, अंबेडकरन नगर- 85

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Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

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