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यूपी के विश्वविद्यालयों के काम होंगे आसान, 11 यूनिवर्सिटीज में लागू होगी ईआरपी

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 31 May 2017 12:49 PM GMT

यूपी के विश्वविद्यालयों के काम होंगे आसान, 11 यूनिवर्सिटीज में लागू होगी ईआरपी
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लखनऊ: यूपी के विश्वविदयालयों में अब एकीकृत इंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) प्रणाली लागू की जायेगी। पहले फेज में प्रायोगिक तौर पर 11 राज्य यूनिवर्सिटीज को चुना गया है। इससे सभी विश्वविदयालयों के कामों में एकरूपता आएगी। इससे सभी विवि में प्रवेश प्रक्रिया, नामांकन, परीक्षा आवेदन, प्रश्न पत्र प्रणाली, डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली, छात्र सुविधायें, शिकायत निवारण प्रणाली, ई-लर्निंग मैंनेजमेंट सिस्टम और ई-पुस्तकालय का संचालन किया जा सकेगा। राजभवन में बैठक के दौरान बुधवार को राज्यपाल रामनाईक ने यह निर्णय लिया।

इन विश्वविद्यालयों में लागू हो रहा ईआरपी

बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय झाॅसी

लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय सिद्धार्थनगर

डा0 राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद

हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय कानपुर

मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी आॅफ टेक्नालाॅजी गोरखपुर

महात्मा ज्योेतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली

डा0 भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा

चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर

क्या है ईआरपी?

एकीकृत उद्यम संसाधन योजना या सेंट्रलाइज्ड इंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग ऐसा साफ्टवेयर है, जो संस्थान के करीबन हर काम में सहायक है। अब चाहे प्रवेश प्रक्रिया की बात हो, प्रश्न पत्र प्रणाली या मूल्यांकन की बात हो। इससे काम ना सिर्फ जल्दी होते है बल्कि गल्तियों की संभावना भी नहीं के बराबर होती हैं।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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