जानें क्या है मेनका गांधी का जीत के बाद गांव में विकास कार्य कराने का क्राइटेरिया..!

वही मेनका गांधी ने ये भी कहा कि ये इलेक्शन बहुत आसान इलेक्शन है। क्यों आसान है इसलिए के कोई चार-पांच शरीफ लोग नहीं लड़ रहे हैं। यहां कुल मिलाकर ढ़ाई लोग लड़ रहे हैं। एक हम, एक बसपा के और ढ़ाई का जो आधा है वो बेचारा यूं ही लड़ रहा है पता नहीं क्यों?

सुल्तानपुर: जिले से बीजेपी प्रत्याशी एवं केंद्रीय मंत्री मेनका ने बल्दीराय ब्लाक के रसूलपुर में चुनावी मंच से जीत के बाद अपने काम करने का क्राइटेरिया बताया। उनके अनुसार जिस गांव से उन्हें 80, 60 और 50 फीसदी वोट मिलते हैं तो स्टेप वाइज़ वो वहां विकास कार्य कराती हैं।

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ऐसा है जीत के बाद मेनका गांधी का मापदंड

मेनका गांधी ने कहा कि पीलीभीत में हमने हर गांव में मापदंड ये रखा कि हम A-B-C-D करते हैं। जिन गांव में 80 फीसदी वोट मिला वो A, जिसमे 60 फीसदी मिला वो B, जिसमे 50 फीसदी मिला वो C और जिसमे 50 से कम और हम हारे वो D। सबसे पहला काम होता है सारे A वालों का। जब A वालों का काम ख़त्म होता है तब B वालों मे जब B वालों का ख़त्म होता है तो C वालों मे। समझ गए आप? ये आपके ऊपर है आप A- B-C करते हो, कोई D न करे। क्योंकि हम सब लोग अच्छा ही करने आते हैं। मुझे हर जाति और हर कौम की ताकत की ज़रूरत है। मुझे यकीन है ये ताकत आप लोगों की देन है। मेनका गांधी ने मंच से लोगों को अपना मोबाइल नंबर भी दिया। कहा मैं आपसे सीधा रिश्ता रखना चाहती हूं जब तक मैं हूं। जब मैं चली भी जाऊंगी वो वक़्त आए तो पीलीभीत की तरह जो लोग अभी भी फोन करते हैं मैं आपका काम तब भी करूंगी।

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ढ़ाई लोग लड़ रहे इलेक्शन

वही मेनका गांधी ने ये भी कहा कि ये इलेक्शन बहुत आसान इलेक्शन है। क्यों आसान है इसलिए के कोई चार-पांच शरीफ लोग नहीं लड़ रहे हैं। यहां कुल मिलाकर ढ़ाई लोग लड़ रहे हैं। एक हम, एक बसपा के और ढ़ाई का जो आधा है वो बेचारा यूं ही लड़ रहा है पता नहीं क्यों?

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