खड़गे को लेकर कुमारस्वामी, सिद्धरमैया के बीच टि्वटर पर छिड़ी बहस

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बारे में कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी की एक टिप्पणी को लेकर उनके और राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन समन्वय समिति प्रमुख सिद्धरमैया के बीच टि्वटर पर बहस छिड़ गई है।

खड़गे को लेकर कुमारस्वामी, सिद्धरमैया के बीच टि्वटर पर छिड़ी बहस

बेंगलुरू:  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बारे में कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी की एक टिप्पणी को लेकर उनके और राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन समन्वय समिति प्रमुख सिद्धरमैया के बीच टि्वटर पर बहस छिड़ गई है।

दरअसल, कुमारस्वामी ने मंगलवार को खड़गे के बारे में कहा था कि उन्हें बहुत पहले इस शीर्ष पद (मुख्यमंत्री पद) की पेशकश की जानी चाहिए थी।

कुमारस्वामी का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है, जब एक बार फिर सिद्धरमैया को मुख्यमंत्री बनाने की कांग्रेस के अंदर मांग बढ़ रही है। इसे लेकर राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के दोनों दलों – कांग्रेस और जेडीएस में सार्वजनिक रूप से बहस छिड़ गई है।

कुमारस्वामी के बयान को कांग्रेस विधायक दल के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को मात देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जिन्होंने इस शीर्ष पद के लिए अपनी महत्वाकांक्षा का संकेत दिया था।

बहरहाल, मुख्यमंत्री के बयान के नपे-तुले जवाब में सिद्धरमैया ने बृहस्पतिवार को कहा कि पीडब्ल्यूडी मंत्री एवं कुमारस्वामी के बड़े भाई एचडी रेवन्ना भी इस शीर्ष पद के लिए काबिल हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘कुमारस्वामी ने जो कुछ कहा वह सही है। मल्लिकार्जुन खड़गे के पास न सिर्फ मुख्यमंत्री बनने की, बल्कि इससे ऊंचा पद पाने की भी काबिलियत है। कांग्रेस और जेडीएस में ऐसे कई लोग हैं जो मुख्यमंत्री बनने के काबिल हैं।’’

सिद्धरमैया ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘एच डी रेवन्ना भी उनमें से एक हैं। हर चीज के लिए वक्त आता है।’’

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कुमारस्वामी ने कहा कि उनकी दिली ख्वाहिश है कि खड़गे को मुख्यमंत्री बनना चाहिए और इसे कोई राजनीतिक रंग देना या इसका ठीक से सोचे समझे बगैर विश्लेषण करना सही नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस बयान के जरिए कोई राजनीतिक लाभ पाने की मेरी कोई क्षुद्र रूचि नहीं है।’’

गौरतलब है कि चिंचोली में मंगलवार को कुमारस्वामी ने कहा था कि खड़गे को बहुत समय पहले ही मुख्यमंत्री बन जाना चाहिए था।

उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि खड़गे मौजूदा कांग्रेस-जेडीएस सरकार में भी मुख्यमंत्री बन सकते हैं लेकिन वह (खड़गे) पार्टी आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे।

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इस बीच, रेवन्ना ने सिद्धरमैया के ट्वीट पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए हासन में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री (सिद्धरमैया) उनके ‘‘शुभचिंतक’’ हैं और जब तक उनके भाई इस शीर्ष पद पर हैं, उनके (सिद्धरमैया के) मुख्यमंत्री पद की दौड़ में होने का कोई सवाल ही नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘…वह लंबे समय से मेरे शुभचिंतक रहे हैं, इसलिए उन्होंने जो कुछ कहा है उस पर मैं प्रतिक्रिया नहीं दूंगा। मुझसे उनको लगाव है। जब कुमारस्वामी मुख्यमंत्री हैं, तब भला मैं कैसे हो सकता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह पद फिलहाल खाली नहीं है। जब तक कुमारस्वामी मुख्यमंत्री हैं तब तक हममें से कोई इस दौड़ में नहीं है। हम भाई इसके लिए नहीं लड़ेंगे। कुमारस्वामी और देवगौड़ा ने जो कुछ कहा है वह मेरा रूख है। ’’

बाद में हुब्बली में संवाददाताओं से बात करते हुए सिद्धरमैया ने स्पष्ट किया कि उन्होंने तो सिर्फ इतना कहा था कि ऐसे कई लोग हैं जिनमें मुख्यमंत्री बनने की काबिलियत है और रेवन्ना उनमें से एक हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं कहा कि रेवन्ना को मुख्यमंत्री बनना चाहिए…ऐसा नहीं है कि रेवन्ना को कल ही खुद से मुख्यमंत्री बन जाना चाहिए…अवसर मिलने पर कोई भी सीएम बन सकता है। कई लोगों में काबिलियत है।’’

उधर, उप मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता जी परमेश्वर ने कलबुर्गी में इस बात का जिक्र किया कि सिद्धरमैया के ट्वीट में कुछ भी गलत नहीं है क्योंकि वह और रेवन्ना करीब थे। उन्होंने कहा कि वह भी मुख्यमंत्री बनने की आकांक्षा रखते हैं लेकिन यह पद फिलहाल खाली नहीं है।

वहीं, प्रदेश भाजपा प्रमुख बीएस येदियुरप्पा ने बुधवार को कुमारस्वामी से फौरन इस्तीफा देने और इस शीर्ष पद को खड़गे के लिए खाली करने कहा।

खड़गे ने मुख्यमंत्री के बयान को चुनाव के समय का बयान बताया है।

मुख्यमंत्री पद के बारे में यह चर्चा 23 मई को आने वाले लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की गठबंधन सरकार की स्थिरता को लेकर चल रही अटकलों के बीच चल रही है।

(भाषा)