EVM-VVPAT: चुनाव आयोग के फैसले पर येचुरी बोले- बिगड़ सकती है कानून व्यवस्था

देश में लोकसभा चुनाव खत्म हो चुका है और कल यानी गुरुवार को साफ हो जाएगा कि कौन सी पार्टी की सरकार बनेगी। लेकिन इससे पहले आए एग्जिट पोल को लेकर विपक्षी पार्टियों में हलचल मच गई है। विपक्षी नेता लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं।

नई दिल्ली: देश में लोकसभा चुनाव खत्म हो चुका है और कल यानी गुरुवार को साफ हो जाएगा कि कौन सी पार्टी की सरकार बनेगी। लेकिन इससे पहले आए एग्जिट पोल को लेकर विपक्षी पार्टियों में हलचल मच गई है। विपक्षी नेता लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं।

चुनाव आयोग के द्वारा वीवीपैट को लेकर दिए गए फैसले पर लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का ये फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है। यदि चुनावी प्रक्रिया की अखंडता के लिए इस प्रक्रिया को इतना लंबा खींचा गया है, तो चुनाव आयोग पहले नमूने के परीक्षण के मूल सिद्धांत का पालन क्यों नहीं कर रहा है?

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उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि वीवीपैट की पर्चियों का मिलान भी सुबह वोटों की गिनती के साथ शुरू होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है, तो लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बिगड़ सकती है।

आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों को झटका देते हुए पहले वीवीपीएटी की पर्चियों के ईवीएम से मिलान की मांग को खारिज कर दिया है। विपक्ष की कई पार्टियों ने चुनाव आयोग से मांग की थी, वीवीपैट की पचास फीसदी पर्चियों का मिलान हो।

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साथ ही विपक्षी दलों की मांग है कि अगर किसी एक बूथ पर भी वीवीपीएटी पर्चियों का मिलान सही नहीं पाया जाता तो संबंधित विधानसभा क्षेत्र में सभी मतदान केंद्रों की वीवीपीएटी पर्चियों की गिनती की जाए और इसका ईवीएम रिजल्ट्स से मिलान किया जाए।

बता दें कि आए सभी एग्जिट पोल में एनडीए की सरकार बनने की संभावना जताई गई है।