राजनीतिक दल बनाने में भी फिल्मी सितारे आगे

फिल्मी कलाकारों का किसी दल में शामिल होकर चुनाव लडना कोई नई बात नहीं है लेकिन राजनीति में सक्रिय होने के लिए अपनी पार्टी बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है।

Published by Anoop Ojha Published: April 5, 2019 | 7:36 pm
Modified: April 5, 2019 | 7:53 pm

राजनीतिक दल बनाने में भी फिल्मी सितारे आगे

श्रीधर अग्निहोत्री
फिल्मी कलाकारों का किसी दल में शामिल होकर चुनाव लडना कोई नई बात नहीं है लेकिन राजनीति में सक्रिय होने के लिए अपनी पार्टी बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है। किसी दल से सांसद बनकर तो कई अभिनेता संसद भवन की सीढियां चढ चुके हैं पर फिल्म अभिनेताओं का राजनीतिक दल बनाकर आगे बढना बहुत ही कठिन काम है। इसमें कई अभिनेता अभिनेत्रियां सफल हुए तो कई शुरूआती दौर में ही बाहर होगए।

य​ह भी पढ़ें…..सपा-बसपा व कांग्रेस में अब मंदिर जाने की होड़: महेंद्र नाथ पांडेय2019/

ऐसा करना उनकी समाज सेवा को दर्शाता है अथवा केवल चर्चा में आने के लिए। इस पर बहस हो सकती है पर यदि इस पर गौर किया जाए तो बालीवुड में देवानन्द से लेकर राजपाल यादव तथा दक्षिण में टी रामाराव से लेकर कमलहासन तक राजनीतिक दलों का गठन कर चुके हैं।

राखी सांवत
पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान फिल्म अभिनेत्री राखी सावंत ने राष्ट्रीय आम पार्टी के नाम से राजनीतिक दल का गठन किया था। उनकी पार्टी का चुनाव निशान मिर्चीे था। लेकिन जिस तरह से रूपहले पर्दे से वे आउट हो गई उसी तरह उनकी राजनीतिक पार्टी भी फुस्स हो गई। इस पार्टी से वे अकेली उम्मीदवार थी और उन्होंने उत्तर पश्चिम सीट से चुनाव भी लडा। उन्होने कहा था कि वह पार्टी का विस्तार करेंगी लेकिन चुनाव हारने के बाद उनकी पार्टी का कुछ पता नहीं चल सका।

देवानन्द
1975 में लगे आपातकाल के बाद जब इससे फिल्मी सितारे भी प्रभावित हुए तो सबने मिलकर नेशनल पार्टी आफ इंडिया का गठन किया। देश में 1977 में जब लोकसभा चुनाव हुए तो कांग्रेस की नीतियों से परेशान होकर स्व देवानन्द साहब ने अन्य फिल्मी सितारों को लेकर नेशनल पार्टी का गठन किया था।

य​ह भी पढ़ें….प्रसपा के उम्मीदवार ने किया 22 लाख वोटों से जीतने का दावा, जिले में हैं मात्र 20 लाख वोटर

जिसके अध्यक्ष वह स्वयं थें। पार्टी का घोषणापत्र भी जारी किया गया। पार्टी में देवानंद के भाई विजय आंनद,वी.शांताराम,जीपी सिप्पी,राम वोहरा, आईएस जौहर, रामानंद सागर, आत्माराम, शत्रुघ्न सिन्हा, धर्मेन्द्र, हेमामालिनी, संजीव कुमार सहित कई हीरों-हीरोईन इस पार्टी का हिस्सा बने थे। लेकिन 1979 आते आते देवानंद का राजनीति से मोहभंग हो गया।

राजपाल यादव
यूपी विधानसभा चुनाव में राजबब्बर के कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बनने और विद्या वालन और नवाजुद्दीन के समाजवादी पार्टी सरकार के ब्रांड बेसडर बनने के बाद फिल्म अभिनेता राजपाल यादव ने सर्वसंभाव पार्टी का गठन करके यूपी की सभी विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा की थी।

य​ह भी पढ़ें….लोकसभा टिकट में देरी के चलते सुमित्रा महाजन का बड़ा फैसला, नहीं लड़ेंगी चुनाव

राजनीतिक दल बनाने वाले फिल्मी सितारों में वह यूपी के पहले अभिनेता बने।राजपाल यादव बाद में राजनीति से किनारा कर गए। दक्षिण की फिल्मों में सुपरस्टार रहे अभिनेता एमजी रामचन्द्रन एनटी रामाराव, चिरंजीवी रजनीकांत और और कमल हासन ने राजनीतिक दल बनाकर ही अपनी सियासी शुरू की थी।

एमजी रामचन्द्रन
एम करुणानिधि की पार्टी द्रमुक से टूटने के बाद एमजीआर ने अन्नाद्रमुक का गठन किया. साल 1983 में एमजीआर ने फिल्म अभिनेत्री जयललिता को पार्टी का सचिव नियुक्त किया और राज्यसभा के लिए मनोनित किया। तमिल फिल्मों में तीन दशकों तक छाए रहे एमजी आर(मरूधर गोपालन रामचंद्रन) ने1972 में अन्नाद्रमुक पार्टी का गठन किया था। 1977 मं किसी राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले पहले अभिनेता बने।

जयललिता
कुछ वर्षो तक साथ चलने के बाद जयललिता और एमजीआर के बीच मतभेद पैदा हो गए जिसके चलते जयललिता ने दक्षिण भारत में अपनी मजबूत पकड बनाना शुरू कर दिया। न जयललिता ने 1984 में पार्टी के प्रचार अभियान का नेतृत्व कर राजनीति में अच्छी खासी लोकप्रियता हासिल कर फिल्मों के बाद राजनीति के क्षेत्र में अपना स्थान बनाने का काम शुरू कर दिया।

य​ह भी पढ़ें….आम आदमी पार्टी को अब ‘आप’ देगी कड़ी टक्कर, दिल्ली के सभी सीटों पर उतारेगी प्रत्याशी

इस बीच एमजी रामचन्द्रन का निधन हो गया जयललिता पूरी तरह से 1987 में पूरी तरह से अपनी बेहतर छवि बनाकर दक्षिण भारत की राजनीिित में बडा चेहरा बन गयी।  इसके बाद 1991 में वह तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनी। अब जयललिता के निधन के बाद उनकी पार्टी पहली बार चुनाव मैदान में है।

एनटी रामाराव
इसी तरह तेलगू फिल्मों में गरीबों के मसीहा की छवि बनाने वाले एनटी रामाराव ने 1972 में टीडीपी का गठन किया। चुनाव के दौरान रथयात्रा शुरू करने वाले वे पहले राजनेता थे। वह आन्ध्र प्रदेश के मुख्यम.त्री बने और 1989 में केन्द्र की राष्ट्रीय मोर्चा सरकार को समर्थन भी दिया।

य​ह भी पढ़ें….महाराष्ट्र चुनाव के तीसरे चरण में 393 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए

बाद में उनकी पार्टी को लेकरएनटीआर की दूसरी पत्नी लक्ष्मी पार्वती तथा दामाद चन्द्रबाबू नायडू में काफी तकरार हुआ लेकिन बाजी चन्द्रबाबू नायडू के ही हाथ लगी।

चिरंजीवी
दक्षिण फिल्मों के सुपरस्टार चिंरजीवी ने 2006 में प्रजाराज्यम पार्टी बनाई और पहले विधानसभा चुनाव में 18सीटे जीती। 2011 में उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस मे विलय कर दिया। वहीं विजयकांत ने तमिलनाडु में डीएमडीके (देसीय मुरपोक्कु द्रविड़ कषगम) बनाई और 2014 के लोकसभा चुनाव में एनडीए के साथ गठबंधन किया।

य​ह भी पढ़ें…लोकसभा चुनाव में वोट करने के पहले जानें क्या ​कहती है उत्तर प्रदेश की सर्वे रिपोर्ट?

 

पवन कल्याण
दक्षिण भारतीय कलाकार चिरंजीवी के बाद उनके छोटे भाई पवन कल्याण ने नया राजनीतिक दल जनसेना शुरू किया था। भाजपा-तेदेपा गठबंधन के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पवन कल्याण की पार्टी जनसेना का निर्माण किया।

कमल हासन
पिछले साल फरवरी में दक्षिण की फिल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता कमल हासन ने राजनीतिक पार्टी मक्कल नीधि मय्यम रखा, जिसका अर्थ होता है लोक न्याय केंद्र पार्टी। पिछले लोकसभा चुनाव में वह भाजपा और नरेन्द्र मोदी के पक्ष में थे, लेकिन वक्त बीतने के साथ साथ वह भाजपा के विरोध में उतर पड़े। हाल ही में उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात कर कुछ संकेत दिए हैं।

रजनीकांत
दो साल पहले अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने वाले दक्षिण भारत में सिनेमा प्रेमियों के दिलों पर राजकरने वाले अभिनेता रजनीकांत ने भी एक नए दल का गठन किया है। उनका कहना है कि वह लोकसभा का चुनाव तो नहीं लड़ेंगे पर 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव में स्व जयललिता की कमी को पूरा करते हुए सभी 221 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।