अरे ये क्या हुआ! मुलायम के बेटे को छोड़ और सारे बेटे हार गए

केवल अखिलेश यादव ही ऐसे बेटे रहे जिन्होंने अपने पिता मुलायम सिंह यादव की आजमगढ सीट से चुनाव जीतकर उनकी लाज बचाने का काम किया

श्रीधर अग्निहोत्री

लखनऊ: 17 वीं लोकसभा चुनाव का परिणाम बेटों की हार के लिए याद रखा जाएगा। यह एक ऐसा चुनाव रहा जिसमें देश के जाने माने राजनीतिज्ञों के बेटों को हार का सामना करना पडा। इसमें उत्तर भारत में स्व राजीव गांधी के बेटे राहुल गांधी से लेेकर दक्षिण भारत में एचडी कुमार स्वामी के बेटे निखिल कुमार स्वामी शामिल हैं।

यूपी में जहां पहली बार गांधी नेहरू परिवार की परम्परागत सीट अमेठी से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भाजपा की स्मृति ईरानी ने हराया। कभी सोचा भी नहीं गया था कि अमेठी सीट से कांग्रेस का किला ढह जाएगा। इनके अलावा यूपी में मथुरा सीट से किसानो के नेता चै अजित सिंह के बेटे जयन्त चैधरी भी अपने पिता के सथ ही मथुरा सीट से चुनाव हार गए। जबकि यह लोेकसभा सीट जाट बाहुल्य सीट कही जाती है।

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इसी तरह दक्षिण भारत की बात करें तो कर्नाटक की मांड्या लोकसभा सीट से निखिल कुमारस्वामी कांग्रेस और जेडीएस के संयुक्त उम्मीदवार थे। निखिल कुमारस्वामी कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के बेटे हैं. इस सीट सबकी निगाहें थीं। निखिल कुमारस्वामी को निर्दलीय उम्मीदवार सुमनलता ने 125876 वोटों के अंतर से पटखनी दी।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत जोधपुर लोकसभा सीट से अपना पहला चुनाव ही हार गएं। यहां भारतीय जनता पार्टी के गजेंद्र सिंह शेखावत ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है।  इसी तरह मध्य प्रदेश की गुना सीट से चैथी बार चुनाव लड़ रहे कांग्रेस नेता और पश्चिम उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी जनता ने बुरी तरह हरा दिया है। गुना सीट से सिंधिया के पिता माधवराव सिंधिया और उनकी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया चुनाव जीतती रही हैं।

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इसके अलावा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिन्दर सिंह हुड्डा के बेटे दीपेन्दर सिंह हुड्डा रोहतक सीट से भाजपा प्रत्याशी से चुनाव हार गए। वह यहां से दीपेन्दर यहां से चैथी बार संसद पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। वही महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार के भतीजे अजीत पवार के बेटै पार्थ पवार मावल संसदीय सीट से शिवसेना के श्रीरंग बावरे से अपना पहला चुनाव ही हार गए।

महाराष्ट्र में ही मिलिंद देवडा के बेटे मुरली देवडा, शंकरराव चव्हाण के बेटे अशोक चव्हाण मावल, मुंबई दक्षिण और नांदेड़ सीट हार गए। जबकि उत्तर भारत से ही सपा नेता रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव भी फिरोजाबाद से चुनाव हार गए। केवल अखिलेश यादव ही ऐसे बेटे रहे जिन्होंने अपने पिता मुलायम सिंह यादव की आजमगढ सीट से चुनाव जीतकर उनकी लाज बचाने का काम किया