आइये जानते हैं कि क्या कहता है बलिया का लोकसभा चुनाव समीकरण

भारतीय जनता पार्टी ने भरत सिंह का टिकट काट वीरेंद्र सिंह मस्त को मैदान मैं उतारकर अपनी मजबूती दर्ज
कराई है । तो वही सपा बसपा गठबंधन में मजबूत प्रत्याशी की तलाश में नामांकन से ठीक एक दिन पहले जातिगत समीकरण को देखते हुए।

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गाजीपुर: बलिया ग्राउंड रिपोर्ट 19 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव में मात्र 3 दिन शेष है। सभी पार्टियां वोटरो को अपने तरफ करने के लिए जी जान से प्रसार में जुटी है । लेकिन महर्षि भृगु की धरती बलिया में मुख्य रुप से दो पार्टियों के बीच मुकाबला है । एक तरफ भाजपा प्रत्याशी के रूप मे किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भदोही से तीन बार सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त तो वही सपा बसपा गठबंधन से चीलकहर के पुर्व बिधायक सनातन पान्डेय मैदान में हैं ।

भारतीय जनता पार्टी ने भरत सिंह का टिकट काट वीरेंद्र सिंह मस्त को मैदान मैं उतारकर अपनी मजबूती दर्ज
कराई है । तो वही सपा बसपा गठबंधन में मजबूत प्रत्याशी की तलाश में नामांकन से ठीक एक दिन पहले जातिगत समीकरण को देखते हुए।

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चीलकहर के पूर्व विधायक सनातन पांन्डेय को मैदान में उतार बड़ा दांव खेल दिया सपा बसपा ने सनातन पान्डेय को मैदान में उतारकर जो सनातन पर भरोसा जताया है वह कितना कामयाब होता है यह तो 23 मई को पता चलेगा अगर बात की जाए बलिया लोकसभा की तो बलिया लोकसभा में पांच विधानसभा है। जिसमें गाजीपुर जिले की दो विधानसभा जहुराबाद व मोहम्मदाबाद है।

बलिया में जातिगत समीकरण देखा जाए तो पुरे बलिया लोकसभा में ब्राम्हण तीन लाख, यादव ढाइ लाख, राजपूत ढाइ लाख, दलित ढाई लाख व मुस्लिम एक लाख के आसपास है । अगर बलिया के दोआबा क्षेत्र की बात की जाए तो ब्राह्मणों की जनसंख्या ज्यादा है । इसी समीकरणों को देखते हुए सपा बसपा ने एन वक्त पर अपने खाते से तुरुप का पत्ता निकाल सबको चौका दिया। वहीं भाजपा पहले ही मजबूत प्रत्याशी उतार अपनी स्थिति दर्ज करा चुकी है ।सपा के नेताओं का कहना है की सनातन पांडे का जीतना आसान है । क्योंकि ब्राह्मणों का 50% वोट पार्टी को मिल जाए पार्टी का जीतना असान हौ जाएगा क्यों कि सपा बसपा का पुराना वोट बैंक सपा के साथ है ।

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ब्राह्मण मतदाता से बात करने पर बताया कि सनातन पांडे के आने से हम लोग सनातन के नाम पर सपा के साथ हैं। वहीं भाजपा भी अपने पुराने वोट बैंक ब्राह्मणों को अपने पाले बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। ब्राह्मणों को बनायें रखने के लिए दिल्ली के प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी को जहुराबाद विधानसभा के बहादुरगंज में मस्त के समर्थन में चुनाव प्रचार के लिए उतारा था । अब देखना है 23 मई को बलिया का ताज किसके सर सजता है।