काशी में हो सकता है सबसे बड़ा चुनावी दंगल, प्रियंका का मोदी के खिलाफ चुनाव लडऩे का संकेत

वैसे तो वाराणसी को बीजेपी का गढ़ माना जाता है, प्रधानमंत्री की सीट होने के चलते भाजपा यहां कोई कोर कसर बाकी नहीं छोडऩा चाहती। लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि यदि प्रियंका यहां से मैदान में उतरती हैं तो मुकाबला काफी दिलचस्प होगा। 

लखनऊ: लोकसभा चुनाव की तिथियां नजदीक आने के साथ लगने लगा है कि इस बार सबसे बड़ा चुनावी दंगल एक बार फिर बनारस में लड़ा जाएगा। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस चुनाव क्षेत्र से उतरने का संकेत देकर सभी राजनीतिक दलों की धडक़नें बढ़ा दी हैं।

हुआ यूं कि प्रियंका गांधी से रायबरेली में किसी पार्टी कार्यकर्ता ने चुनाव लडऩे की मांग की तो उन्होंने पलटकर कार्यकर्ताओं से ही पूछ लिया कि वाराणसी से चुनाव लड़ूं क्या? इसके बाद प्रियंका की बात के सियासी मायने निकाले जाने लगे हैं। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस बार वाराणसी के सियासी संग्राम में मोदी बनाम प्रियंका के बीच चुनावी जंग हो सकती है।

सबसे बड़ा राजनीतिक अखाड़ा

इससे साफ है कि इस बार फिर बनारस एक बार फिर सबसे बड़ा राजनीतिक अखाड़ा बन सकता है। पिछले लोकसभा चुनाव में भी बनारस में ही सबसे बड़ी राजनीतिक जंग हुई थी जब नरेन्द्र मोदी को चुनौती देने आप नेता अरविन्द केजरीवाल चुनाव मैदान में उतरे थे। हालांकि यह चुनावी जंग जीतने में मोदी को कठिनाई नहीं हुई। उन्होंने आसानी से केजरीवाल को धूल चटा दी थी।

प्रियंका ने कार्यकताओं से पूछा

कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की कांग्रेस प्रभारी प्रियंका बुधवार को प्रियंका अपने भाई राहुल गांधी के चुनाव क्षेत्र अमेठी में थीं। वहीं गुरुवार को प्रियंका पूरे दिन अपनी मां सोनिया गांधी के क्षेत्र रायबरेली में रहीं। रायबरेली में एक कार्यक्रम के दौरान प्रियंका कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थीं।

इसी दौरान कांग्रेस के उत्साहित कार्यकर्ताओं ने प्रियंका गांधी से चुनाव लडऩे का अनुरोध किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि इससे पूरे पूर्वांचल में पार्टी के हक में जबर्दस्त हवा बनेगी।

इतना सुनते ही प्रियंका गांधी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वाराणसी से लड़ जाऊं क्या? प्रियंका का इतना कहना था कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोश दोगुना हो गया और वो प्रियंका गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे।

प्रियंका ने लिया मोदी की सीट का नाम

दिलचस्प बात ये है कि प्रियंका गांधी ने चुनाव लडऩे के सवाल पर सूबे की किसी ऐसे सीट का नाम नहीं लिया बल्कि प्रधानमंत्री मोदी की संसदीय सीट से चुनाव लडऩे की बात कही।

प्रियंका गांधी ने राजनीति में कदम रखने के साथ प्रयागराज से वाराणसी तक सघन दौरा किया था। इसी के बाद से सियासी कयास लगाए गए थे कि नरेंद्र मोदी को घेरने के लिए कांग्रेस प्रियंका को वाराणसी से उतार सकती है।

दिलचस्प हो सकता है मुकाबला

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्वांचल की जिम्मेदारी प्रियंका गांधी को सौंपी है। ऐसे में अगर प्रियंका गांधी वाराणसी सीट से पीएम मोदी के खिलाफ लड़ती हैं तो इसमें कोई हैरानी नहीं होगी, क्योंकि अब तक उन्हें जो भी चुनौतियां मिली हैं उसका उन्होंने सामना किया है।

वैसे तो वाराणसी को बीजेपी का गढ़ माना जाता है, प्रधानमंत्री की सीट होने के चलते भाजपा यहां कोई कोर कसर बाकी नहीं छोडऩा चाहती। लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि यदि प्रियंका यहां से मैदान में उतरती हैं तो मुकाबला काफी दिलचस्प होगा।