फेस्टिव सीजन में सेकेंड हैंड कार से पूरा करना चाहते हैं अपना शौक तो फॉलो करें टिप्स

अभी फेस्टिवल  सीजन चल रहा है हर कोई जरूरी सामान जैसे फ्रीज, टीवी, सोफा या घर  और कार की खरीद कर रहे है और प्लान बना रहे है। खास कर दीवाली के समय अधिकतर लोग गाड़ी खरीदते है। जिनके पास बजट  है वो न्यू कार लेते है तो जिनके पास बजट कम है वो सेकेंड हैंड कार खरीदते है। आज के समय में कार खरीदने और बेचने का ट्रेंड बढ़ गया हैं। एक ही कार चला कर लोगों का मन भर जाता है।

जयपुर: अभी फेस्टिवल  सीजन चल रहा है हर कोई जरूरी सामान जैसे फ्रीज, टीवी, सोफा या घर  और कार की खरीद कर रहे है और प्लान बना रहे है। खास कर दीवाली के समय अधिकतर लोग गाड़ी खरीदते है। जिनके पास बजट  है वो न्यू कार लेते है तो जिनके पास बजट कम है वो सेकेंड हैंड कार खरीदते है। आज के समय में कार खरीदने और बेचने का ट्रेंड बढ़ गया हैं। एक ही कार चला कर लोगों का मन भर जाता है। इसलिए कुछ सालों में ही कार बेच व खरीद लेते है। भलें ही सेकेंड हैंड कार ही क्‍यूं न खरीदें। काफी लोग सेकंड हैंड कार खरीदने में दिलचस्पी लेते हैं। सेकेंड हैंड कारों को ऐसे लोग ज्यादा खरीदते हैं जिनका बजट कम होता है या फिर वो लोग जो गाड़ी चलाना सीख रहे होते हैं। ऐसे में अगर आप भी इन दिनों सेकंड हैंड कार खरीद रहे हैं तो कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी होता है।

इसके लिए सबसे पहले खरीदने से पहले कार टेस्ट ड्राइव कर देख लें कि कार की कंडीशन कैसी है। टेस्ट ड्राइव में इंजन, ट्रांसमिशन, व्हील्स, कूलिंग आदि जरूर चेक करें। इस दौरान बेहतर रूप से अनुभव होगा कि कार खरीदने लायक है या नहीं।

14 अक्टूबर: कार्तिक मास का पहला दिन किन राशियों के लिए है शुभ, जानिए राशिफल

इसके अलावा ये पहली बार बिक रही है या फिर दूसरी बार ये जानना भी जरूरी है। इसके लिए आरसी बुक या स्मार्ट कार्ड में मालिक के सीरियल नंबर पर ध्यान दे कर इन चीजों की जांच कर ले। इसमें पता चलेगा कि कितनी बार वाहन बेचा गया है।

कार खरीदने वक्‍त इंश्योरेंस पर कार की इंश्योर्ड वैल्यू चेक करें। इससे कीमतों को लेकर बात कर सकते हैं। इतना ही नहीं पिछले दो से तीन सालों के लिए नो क्लेम बोनस को ट्रैक करना चाहिए। अगर ज्यादा क्लेम लिए गए हैं तो समझिए ज्यादा एक्सीडेंट हुए होंगे। ऐसे में खरीदना सही नहीं है।

जयपुर के इन मार्केट्स में जानिए मेहंदी लगवाने के पैकेज, दाम सुनकर उड़ जाएंगे होश

कार के ट्रांसफर के 14 दिनों के दौरान नई पॉलिसी खरीद सकते हैं। अगर ऐसा नहीं कर पाते हैं तो दुर्घना के मामले में इंश्योरेंस क्लैम रिजेक्ट हो सकता है। इन बातों का ध्यान रखकर इस बात का भी ध्‍यान रखें कि आवश्यक दस्तावेजों में हमेशा आपके पास कार की बिक्री का प्रमाण, आपके अधिकार में कार की डिलीवरी का प्रमाण, आपके नाम में नई आरसी बुक, पॉलिसी ट्रांसफर के लिए एप्लिकेशन, पॉलिसी रद्द करने के लिए सेलर्स का अनुरोध होना चाहिए। ताकि सेकंड हैंड कार खरीदते या बेचते समय कोई दिक्कत ना आए।