इस दिन से बंद हो जाएगा Yahoo! Messenger, जानिए रिडायरेक्ट करने पर क्या खुलेगा

नई दिल्ली: करीब 19 साल तक लोगों को आपस में बातचीत का जरिया उपलब्ध कराने वाला याहू अपने Messenger को 17 जुलाई से बंद कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक याहू यूजर्स को चैट हिस्ट्री डाउनलोड करने के लिए छह महीने का समय दिया जाएगा और मैसेंजर ओपन करने पर यूजर्स को Squirrel वेबसाइट पर रिडायरेक्ट किया जाएगा। यानी याहू मैसेंजर ऐक्सेस करने के लिए यूआरएल डालेंगे तो  स्क्वैरेल मैसेजिंग ऐप खुलेगा।

Yahoo! Messenger आधिकारिक तौर पर बंद हो जाएगा

याहू पिछले महीने से स्क्वैरेल का बीटा टेस्टिंग कर रही है और इसकी शुरुआत तब होगी जब Yahoo! Messenger आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया जाएगा। हालांकि अभी भी यूजर्स इसे ट्राई कर सकते हैं, इसके लिए बीटा ऐक्सेस चाहिए होगा और इसके लिए आपको रिक्वेस्ट करना होगा।

याहू मैसेंजर 1998 में लॉन्च किया गया था और तब इसका नाम Yahoo Pager था लेकिन 21 जून 1999 को इसे याहू मैसेंजर के तौर पर इसे पेश किया गया। अब 17 जुलाई 2018 को इसे बंद करने का फैसला किया गया है। कंपनी ने मैसेंजर एप का नया वर्जन लॉन्च किया था जो सफल नहीं रहा।

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1994 में शुरू की गई टेक्नॉलोजी कंपनी याहू एक वक्त में इंटरनेट का पर्याय थी, लेकिन इसके अमेरिका की टेलीकॉम कंपनी Verizon 4.8 बिलियन डॉलर में खरीद लिया था  और अब याहू Verizon की ही सहायक कंपनी बन गई है।

इंटरनेट का पर्याय रही Yahoo कंपनी 2000 में गूगल और फेसबुक जैसी टेक कंपनियों से पिछड़ती नजर आई।  इसके सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म की हालत पहले से खराब हो गई और सर्च इंजन और ईमेल सर्विस में इसे गूगल ने मात दे दी। इसके बात इस कंपनी का पिछड़ने का दौर लगातार चलता रहा।

कंपनी में एक बार फिर से नई जान फूंकने के लिए 2012 में गूगल की एग्जक्यूटिव रहीं मरीसा मेयर को इसका सीईओ बनाया गया लेकिन फेसबुक और गूगल के पॉपुलैरिटी के आगे वो इस कंपनी को दुबारा से पटरी पर लाने में कामयाब नहीं हो सकीं ।  फिलहाल इंटरनेट और ऑनलाइन एडवर्टाइजिंग के मामले में गूगल और फेसबुक के मुकाबले याहू दूर दूर तक नहीं है।  याहू का न्यूज कटेंट भी गूगल न्यूज के सामने फेल ही दिखा।