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Vaccination Timing : सुबह या शाम, कब ज्यादा असरदार है वैक्सीन लगवाना? स्टडी में किया गया ये दावा

कोरोना वैक्सीन लगवाने के समय को लेकर एक रिपोर्ट सामने आयी है, जिसमें वैक्सीनेशन की टाइमिंग को लेकर दावा किया जा रहा है

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NetworkNewstrack NetworkAshiki PatelPublished By Ashiki Patel

Published on 7 Jun 2021 11:57 AM GMT

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वैक्सीन लगवाती हुई महिला (Photo-Ashutosh Tripathi Newstrack)

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Coronavirus Vaccine: कोरोना के जंग में दुनियाभर के तमाम देशों में वैक्सीनेशन कार्य तेजी से किया जा रहा है। साथ ही वैक्सीन को लेकर तमाम तरह के दावे भी किये जा रहे हैं। इस बीच कोरोना वैक्सीन ( corona vaccine ) लगवाने के समय को लेकर एक रिपोर्ट सामने आयी है। एक स्टडी में कहा जा रहा है कि सुबह के समय लिया गया वैक्सीन का डोज ज्यादा असरदार होता है।

दरअसल, आम तौर पर यह माना जाता है कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली हर वक्त एक ही तरह से काम करती है, फिर चाहे संक्रमण दिन के समय हो या रात में, लेकिन आधी सदी से अधिक समय से चल रहे शोध से पता चलता है कि हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली दिन और रात में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया देती है। इसका कारण हमारे शरीर की प्राकृतिक घड़ी या बॉडी क्लॉक है। हमारी प्रतिरक्षा कोशिकाओं सहित शरीर की प्रत्येक कोशिका बता सकती है कि यह दिन का कौन सा समय है।

लाखों सालों में विकसित हुई बॉडी क्लॉक

हमारी बॉडी क्लॉक ( body clock ) हमें जीवित रहने में मदद करने के लिए लाखों सालों में विकसित हुई है। शरीर की प्रत्येक कोशिका ( cell ) में प्रोटीन का एक संग्रह होता है जो उनके स्तर के आधार पर समय का संकेत देता है। हमारा शरीर अपने कार्यों और व्यवहारों (जैसे कि जब हम खाना चाहते हैं) को सही समय पर समायोजित कर यह पता लगा पता है कि दिन है या रात। रात में शरीर में बनता है थकाने वाला केमिकल, जो यह संकेत देता है कि यह सोने का समय है।

शोधों से यह पता चला है कि दवाएं लेने के समय से उनका प्रभाव निर्धारित होता है लेकिन यहां भी यह संबद्ध दवा पर निर्भर करता है। हम सोते समय कोलेस्ट्रॉल बनाते हैं, इसलिए सोने से ठीक पहले कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा लेने से सबसे अधिक लाभ मिलता है। यह भी दिखाया गया है कि दिन का समय कुछ प्रकार की प्रतिरक्षा कोशिकाओं के असर को प्रभावित करता है।

बॉडी क्लॉक और वैक्सीन

एक रिपोर्ट के मुताबिक वैक्सीन (Vaccine) जो एक विशेष रोग के वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा बनाते हैं, हमारे शरीर की घड़ी और दिन के उस समय से प्रभावित होते हैं जब एक टीका लगाया जाता है। साल 2016 में 65 साल और उससे ज्यादा उम्र के 250 से अधिक वयस्कों के परीक्षण से पता चला कि जिन्हें सुबह (नौ बजे से 11 बजे के बीच) में इन्फ्लूएंजा का टीका लगाया गया था, उनके शरीर में दोपहर बाद टीकाकरण (दोपहर तीन से शाम पांच बजे के बीच) कराने वालों की तुलना में अधिक एंटीबॉडी प्रतिक्रिया हुई।

इसके अलावा हाल ही में, 25 साल की उम्र के आसपास के जिन लोगों को बीसीजी (तपेदिक) के टीके से सुबह आठ से नौ बजे के बीच प्रतिरक्षित किया गया था, उनमें दोपहर 12 से 1 बजे के बीच टीकाकरण कराने वालों की तुलना में अधिक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया हुई थी। इस आधार पर कहा जा रहा है कि सुबह का टीकाकरण अधिक मजबूत प्रतिक्रिया प्रदान कर सकता है।

सुबह टीकों के प्रति बेहतर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया दिखने का एक कारण यह हो सकता है कि हमारे शरीर की घड़ी हमारी नींद को नियंत्रित करती है। कई स्टडी से पता चला है कि हेपेटाइटिस ए के टीकाकरण के बाद पर्याप्त नींद लेने से टीके से संबद्ध विशिष्ट प्रतिरक्षा कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि होती है, जो प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया में सुधार करती है।

नोट- ये बातें एक स्टडी के मुताबिक लिखी गयी हैं, Newstrack इस बात की पुष्टि नहीं करता।

Ashiki

Ashiki

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